अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की पड़ताल करते हुए बीबीसी ने दो ऐसे लोगों से बात की है जिन्होंने राम मंदिर में काम करते हुए दान और चढ़ावे की व्यवस्था को बेहद क़रीब से देखा है.
इन दोनों लोगों ने जो बातें कही हैं वो न सिर्फ़ चौंकाने वाली हैं बल्कि राम मंदिर की चढ़ावे से जुड़ी व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े करती हैं.
चढ़ावा चोरी कैसी हो रही थी? क्या मामले को दबाने की कोशिश की गई? ज़िम्मेदारी और जवाबदेही किसकी है?
इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव (@raghvendra_rao) और प्रभात कुमार (@prabhat_tiwarii) ने.
देखिए अयोध्या से उनकी ये ख़ास पड़ताल.
अतिरिक्त रिपोर्टिंग: गौरव गुलमोहर (@gauravgulmohar)
ग्राफ़िक्स: वासिफ़ ख़ान और पुनीत बरनाला
श्रीमान वसूली चौधरी जी ,
आप कह रहे हैं कि सरकार सारे प्रदर्शनकारी को डंडे मारकर भगा देती .एक और लाठीचार्ज हो सकता था .
एक बार लाठीचार्ज का अंजाम तो ये हुआ कि देश भर से हज़ारों युवा हर रोज आने लगे . मोदी जी ने दो बार रील बनाकर
Gen Z के गुस्से को दूर करने की कोशिश की . आखिर में अपने लाडले मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा. पांच दिन में सरकार घुटने पर आ गई.
एक और लाठीचार्ज होता तो क्या होता , ये आप अंदाज़ा नहीं लगा सकते हैं .
चैन से सरकारी खज़ाने से करोड़ों बटोरते हुए चाटुकारिता जारी रहिए .
विपक्ष के नेताओं, खासकर राहुल गांधी, को हास्य का पात्र बनाने के लिए वर्षों तक सैकड़ों करोड़ रुपये की राजनीतिक और प्रचारात्मक ताकत झोंकी गई।
लेकिन समय का चक्र बड़ा दिलचस्प होता है...
कहते हैं, कर्म का हिसाब देर से सही, मगर होता ज़रूर है।
आज हालात ऐसे हैं कि जिन लोगों ने दूसरों का मज़ाक उड़ाकर राजनीति की, वही विश्वगुरु महामानव खुद देशभर में चर्चा और व्यंग्य का विषय बने हुए हैं—और इसके लिए किसी को अलग से एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ा।
कर्मफल का हिसाब कभी अधूरा नहीं रहता।
रिपोस्ट जरुर करे दोस्तों।
#कर्मफल #राजनीति #लोकतंत्र #RahulGandhi #IndiaPolitics #ViralPost #Trending
#जंतर_मंतर_ब्रेकिंग_न्यूज
विपक्ष के नेताओं, खासकर राहुल गांधी, को हास्य का पात्र बनाने के लिए वर्षों तक सैकड़ों करोड़ रुपये की राजनीतिक और प्रचारात्मक ताकत झोंकी गई।
लेकिन समय का चक्र बड़ा दिलचस्प होता है...
कहते हैं, कर्म का हिसाब देर से सही, मगर होता ज़रूर है।
आज हालात ऐसे हैं कि जिन लोगों ने दूसरों का मज़ाक उड़ाकर राजनीति की, वही विश्वगुरु महामानव खुद देशभर में चर्चा और व्यंग्य का विषय बने हुए हैं—और इसके लिए किसी को अलग से एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ा।
कर्मफल का हिसाब कभी अधूरा नहीं रहता।
रिपोस्ट जरुर करे दोस्तों।
#कर्मफल #राजनीति #लोकतंत्र #RahulGandhi #IndiaPolitics #ViralPost #Trending
#जंतर_मंतर_ब्रेकिंग_न्यूज
21 मिनिटांचा हा व्हिडिओ वेळ काढून नक्की बघा.
इरफान फक्त अंगणवाडीपर्यंत शिकला. त्यानंतरचं त्याचं विद्यापीठ म्हणजे Google, YouTube आणि स्वतःची जिज्ञासा.
त्याच्या बोलण्यातला अभ्यास, समाज-राजकारणाची समज, भाषेवरची पकड आणि कष्टकरी माणसांविषयीची संवेदनशीलता पाहिली की एक गोष्ट स्पष्ट होते—प्रतिभेला महागड्या पदवीची गरज नसते; संधीची गरज असते.
आणि लल्लनटॉपचा पत्रकार रजत पांडे… त्याने घेतलेली ही मुलाखत म्हणजे केवळ प्रश्नोत्तर नाही, तर एका दुर्लक्षित भारताला आवाज देण्याचा प्रयत्न आहे.
देशाच्या झोपडपट्ट्यांमध्ये, छोट्या गावांत आणि दुर्लक्षित वस्त्यांमध्ये असे कितीतरी इरफान आजही आहेत. प्रश्न त्यांच्या क्षमतेचा नाही, तर त्यांना व्यासपीठ मिळतं का याचा आहे.
धरने पर यह कुछ यूट्यूब मीडिया चेनलों वाले नहीं होते तो देश की टीवी गोदी मीडिया इन प्रदर्शनकारियो को देशद्रोही आंतकवादी घोषित कर देती और इस आंदोलन को प्रथम चरण में ही खत्म कर देती !
इन सभी पत्रकारों ने सच पूरे देश को दिखाया, इनके नाम याद रखिये इनके चेहरे याद रखिये ये जब भी आपके सामने आयें तो इन्हें धन्यवाद जरुर दीजिये !
I have been watching this man's videos, I am so glad he was at the protest and added his voice. He may not have much but he is more educated than our P M. Breaks my heart these people not only deal with poverty but also discrimination. Being born poor in India is a crime. 💔💔💔
रुपया गिरता - गिरता चाहे कुएं झेरे में पड़ जाए
पेट्रोल - डीजल चाहे 5000 हजार रुपया लीटर हो जाए
गैस सिलेंडर चाहे 18000 हजार का हो जाए
बुलेट ट्रेन क्या चाहे तो पहले वाली भी सारी बंद हो जाए
15 - 15 लाख चाहे हम जनता को घर से मोदी जी को देने पड़ जाए
लेकिन साथियों एक बात याद रखना 800 साल बाद भारत देश को ऐसा राजा मिला है थोड़ी बहुत महंगाई , थोड़ी बहुत पेट्रोल डीजल की किल्लत , थोड़ा सा गिरते रुपए के चक्कर में इस अवतारी पुरुष को खो मत देना वरना पछताओगे
मोदी जी ने बिना आराम , बिना ब्रेक लिए पिछले 13 सालों से दिन रात लगातार 18 - 18 घंटे इस देश के लिए काम किया यह बात आप याद रखना
पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर, रुपया, महंगाई घटती बढ़ती ही रहेगी इसमें मोदी जी क्या कर सकते है मोदी जी आज ग्लोबल लीडर विश्व गुरु है ये भी तो देखो तुम लोग, छोड़ो सब बाते और मोदी जी का साथ दो
हर हर मोदी 😍
घर घर मोदी 😍
जय जय मोदी 😍
तय तय मोदी 😍
है है मोदी
ही ही मोदी खी खी मोदी खे खे मोदी
अंध भक्तों लगे रहो तब तक मोदी को खोना नहीं है जब तक पुनः गुलामी की श्रेणी में न पहुंचना हम तुम्हारे साथ है।
जब रेप दोषियों को राहत मिलती है,तो डर सिर्फ एक परिवार में नहीं पूरे समाज में फैलता है।आज पीड़िता सड़कों पर है —और सवाल सिस्टम से है।
#JusticeForUnnaoVictim