डाइट डीएलएड बीटीसी प्रशिक्षित जो 70 हजार में से सिर्फ 650 चयनित हुये ओर शिक्षा विभाग द्वारा हमें 2 साल का कठिन प्रशिक्षण दिया गया है,आज विगत2साल से सरकार और विभाग की गलती से दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं,#Justice_For_DIET_D_El_Ed@RadhikaJha5@pushkardhami@TheArvindPandey
विभाग के ढीले रवैये के कारण आज वो न्यायालय में अटकी पड़ी है। काश की विभाग ने इस भर्ती को अपनी नैतिक जिम्मेदारी मानते हुए इसपे ध्यान दिया होता तो आज ये भर्ती पूर्ण हो चुकी होती।
डायट डीएलएड प्रशिक्षितों को नियुक्ति दो
#उत्तराखंड_प्राथमिक_शिक्षक_भर्ती_पूरी_करो@RadhikaJha5
कैसी विडंबना है राज्य में पिछले 4 साल से प्राथमिक शिक्षक के पद पर कोई भर्ती नहीं हुई नवंबर 2020 में जारी की गई भर्ती पर भी कोर्ट में कई वाद लंबित है जिनका निस्तारण विभाग द्वारा किया जाना है।
डायट डी. एल.एड. द्वारा सरकार से अपेक्षा की जाती है कि शीघ्र ही भर्ती पूर्ण की जाएगी।
आपको शिक्षा सचिव बनने की हार्दिक बधाई💐@RadhikaJha5 उत्तराखंड सरकार की डायटों से सरकारी डीएलएड करने के बाद भी 519 प्रशिक्षित शिक्षक सरकारी ��्कूलों में सेवाएं देने की जगह अपने घरों पर नौकरी की उम्मीद में बैठे हैं।उम्मीद है आप इस समस्या का निवारण करेंगी🙏 #Justice_For_DIET_D_El_Ed
एक ओर 24000 विभागीय नियुक्तियों की बात की जा रही है और दूसरी ओर 3000 प्राथमिक शिक्षक पद कोर्ट में लंबित है इसी कारण प्राथमिक विद्यालयों में लगातार नामांकन घट रहा है शिक्षा का स्तर गिर रहा है सरकार और विभाग से अनुरोध है अतिशीघ्र कोर्ट केस का निस्तारण करें और नियुक्ति प्रदान करें।
क्या कोरोना लॉकडाउन से पहले और उसके बाद धरना देना डाइट डीएलएड के प्रशिक्षितों की परिणति ही बन गया है? बेरोज़गारी की इस मार से प्रशिक्षित शिक्षकों को विभाग ही बचा सकत��� है।
शिक्षा विभाग से अनुरोध है कि शीघ्र कोर्ट केसों का निस्तारण करें।
शीघ्र नियुक्ति प्रदान करें।
राज्य सरकार द्वारा प्रतियोगी परीक्षा में चयनित होने, 2 वर्ष का कठिन प्रशिक्षण पूर्ण करने, प्राथमिक शिक्षक भर्ती की सभी अहर्ताएं पूर्ण करने के बाद भी बेरोजगार युवा अपने हक को भीख की तरह मांगने को विवश है,
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