#Baran#अंता: पुलिस कांस्टेबलों ने मांगों को लेकर मेस का किया बहिष्कार
अंता में पुलिसकर्मियों ने आज से अनिश्चितकालीन मेस का किया बहिष्कार, आज से पुलिसकर्मी उपवास पर रहकर करेंगे ड्यूटी, 3600 पे ग्रेड,साप्ताहिक अवकाश सहित विभिन्न मांगों को लेकर किया मेस का बहिष्कार
#RajasthanWithFirstIndia @BaranPolice
Today on.. #IndigenousPeoplesDay, we stand in solidarity with. indigenous communities in India and around the world. Let's recognize and respect. their rights to their ancestral lands and property..! #विश्व_आदिवासी_दिवस#WorldTribalDay
राज्य सरकार ने फैसला किया है कि बालिकाओं एवं महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म के प��रयास एवं दुष्कर्म के आरोपियों एवं मनचलों को सरकारी नौकरियों से प्रतिबंधित किया जाएगा। इसके लिए मनचलों का भी पुलिस थानों में हिस्ट्रीशीटरों की तरह रिकॉर्ड रखा जाएगा एवं राज्य सरकार/ पुलिस द्वारा जारी किए जाने वाले इनके चरित्र प्रमाण पत्र पर यह अंकित किया जाएगा। ऐसे असमाजिक तत्वों का सामाजिक बहिष्कार करना आवश्यक है।
क्या आप जानते है साइबर अपराध की कंप्लेंट करने पर क्या होता है ?
यदि आप https://t.co/cr6WZMOi4c या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करते हैं, तो आपकी शिकायत का समाधान संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की पुलिस द्वारा किया जाता है। #CyberJaagrooktaDiwas#CyberAware
राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आज मैन ब्लड सेन्टर AIIMS दिल्ली में लगभग 200 RAC जवानों और अधिकारियों ने कमांडेंट श्री सुरेंद्र सिंह जी (IPS) के नेतृत्व में रक्तदान शिविर में हिस्सा लिया।
@PoliceRajasthan
कोमल है तू कमजोर नहीं,शक्ति का नाम ही नारी है..
जग को जीवन देने वाली, मौत भी तुझ से हारी है!!🙏
#बहादुर_विमल_बाई_सम्मानित_हो#बहादुर_महिला! अपने पति को मगरमच्छ से बचाने के लिए चंबल नदी मे मगरमच्छ से भिड़ गई विमल! कहा : "पति को बचाने मे मेरी जान भी चली जाती तो कोई बात नहीं!"
मेरी गुजारिश है कि सरकार द्वा���ा इन्हे सम्मानित करना चाहिए।
पशुपालक बन्ने सिंह मीना अपनी बकरियों को पानी पिलाने चंबल किनारे लेकर गए थे तभी ��गरमच्छ आया और उसका पैर पकड़कर पानी के अंदर ले जाने लगा, तभी पास में खड़ी पत्नी विमल बाई को उनकी आवाज सुनाई दी और वो एक लाठी उठाकर पानी मे कूद गई 15 मिनट तक मगरमच्छ से संघर्ष करती रही।
मगरमच्छ जैसे ही पति को अंदर खींचने लगा तब ही विमल बाई ने लाठी को मगरमच्छ की आंख में गाड़ दिया ये देख मगर घबरा गया और वो बन्नी सिंह मीना के पैर को छोड़कर पानी मे भाग गया।
विमल बाई मीना का ये जज्बा व हौसला काबिले तारीफ ���ै, उसने आज अपने सुहाग को दूसरा जीवन दिया है।