🚨 13 साल की मासूम बेटी को 32 दरिंदों ने नोच खाया…
राजस्थान की इस घटना के बारे में सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। 😭 इस बर्बरता के आगे हमारे कानून भी शर्मसार हैं।
संविधान में ऐसे राक्षसों के लिए सख्त से सख्त, यातनापूर्ण सजा का प्रावधान क्यों नहीं?
@shubhankrmishra भाई, आपकी इस वीडियो ने दिल दहला दिया। 🙏
#JusticeFor13YearOld #DeathPenaltyForRapists #stringentLawNeeded
ये वीडियो उन परिवारों तक पंहुचें...
जिनके घरों की बेटियां बाहर पढ़ने गयी हैं 🖐️
"लव जिहाद" की लगातार घटित हो रही घटना, हिन्दु समाज के लिए अब एक बहुत बड़ी चुनौती बनकर उभर चुका है।
उदाहरण के तौर पर अब इस इस घटना को ही देख लो👇👇
और सोचो कि आज हमारे घरों की बेटियों क्या क्या कर्म कांड कर रही हैं। लगातार घटित हो रही इन घटनाओं के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाए🤔
लगातार घटित हो रही घटनाओं के आधार पर यह कहा जा सकता है कि हमारी बेटियों के दोस्त हिन्दु लड़की हों या मुस्लिम लड़की, कोई फर्क नहीं पड़ता।
एकतरफ मुस्लिम लड़के कई प्रपंचों के माध्यम से लड़कियों को फंसा रहे हैं तो दूसरी तरफ लड़कियां भी उन्हें अपने रास्ते पर घसीट रही हैं।
अक्सर देखने को मिल रहा है कि दल-दल में फंसी लड़कीयां ब्लैकमेलिंग के जरिए अन्य लड़कियों को मुस्लिम लड़कों के दवाब में अपने साथ जोड़ती चली जा रही हैं।
माता पिता द्वारा मिल रहे असीम प्यार, छूट और उनके भरोसे का कुछ नालायक लड़कियों ने ऐसा फायदा उठाया है की उनकी इज्जत और सम्मान को मिट्टी में मिला दिया है।
वहीं दूसरी तरफ कुछ लड़कियों और महिलाओं की बेहयाई और आवारागर्दी ने भी साबित कर दिया है कि क्यों उन्हें घरों में रखना, बाहर निकलने पर साथ मे लेकर जाना, मोबाईल से दूर रखना और मर्यादित वस्त्र पहनने देना आवश्यक है।
सोशल मीडिया या पॉर्न साईट पर अच्छे घरों की बेटियों के गंदे वीडियो भरे पड़े हैं। वहीं कई घटनाओं से ये साबित हो चुका है कि मुस्लिम लड़के उनके कुकर्मों को रिकॉर्ड करके अपने हेंडलर और बाँकी लोगों के साथ शेयर करके उनकी इज्जत की व्हाट लगा रहे हैं।
लेकिन मजाल है कि इन घटनाओं के आधार पर बाँकी लड़कियां अपना अच्छा या बुरा सोच ले🤔 या उनके माता पिता अपने बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए सतर्क हो जाए🤔
उदाहरण👇
एक युवक नाले में बैठ गया पहले तो मुझे लगा कि यह सफाईकर्मी के आंदोलन से जुड़ा है क्योंकि उसका नाम पंकज यादव वायरल वीडियो में बताया जा रहा है लेकिन बाद में पूरा वीडियो देखा तो पता चला कि यादव जी फर्जी की राजनीति चमका रहे हैं इसीलिए गंदे नाले के पानी में विस्लरी की बोतल लिए बैठे हैं।
इनका कहना है कि नाला पूरा साफ हो और जो नाले की गंदगी रोड पर लगाई गई है इसे यहां से हटवाई जाए इसीलिए अब यह आंदोलन करने के लिए खुद नाले में बैठ गए हैं।
मोदी जब तक चुनाव जीत रहे हैं, तब तक उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनका कौन-सा मंत्री क्या गलत कर रहा है। न वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, न उस पर बोलेंगे और न ही मंत्री का इस्तीफा मांगेंगे।
जब तक लोगों के पास हिंदुत्व का कोई दूसरा विकल्प नहीं है, तब तक मोदी इसी तरह राज करते रहेंगे और अपनी मनमानी करते रहेंगे..
@ARanganathan72@ajeetbharti
>कूड़े से चलेंगी बसें
>कुकुरमुत्ता से बनेगा मशरूम
>गधे की लीद से बनेगी पकौड़ी
>अरंडी के पेड़ से बनेगी सरिया
>छिपकली के मूत से चलेगी पनडुब्बी
>चींटी की पाद से उड़ेगा राफेल
>नाली से बनेगी गैस
थैंक यू गड्ढा करी जी
इस देश से VIP कल्चर कभी खत्म नहीं होगा, एक व्यक्ति अपने बीमार बच्चे को लेकर अस्पताल जा रहा था तभी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का काफिला निकलने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने रास्ते बंद कर रखे थे।
उस युवक ने वीडियो बनाते हुए कहा कि हम सब टैक्स भरते हैं और एक नेता के लिए सड़कें रोंक दी जाती हैं जबकि उसमें एम्बुलेंस से लेकर कई लोग बीमार होते हैं आखिर इस देश से VIP कल्चर कब खत्म होगा।
इस बीच उसकी ट्रेफिक पुलिस बाले से झड़प भी होती है।
फॉर्मूला वन रेस में रेडबुल और एस्टन मार्टिन की कारें आपस में भीड़ गईं,
बताया जा रहा है कि शानदार रोड ट्रैक होने के कारण ड्राइवर स्पीड में कंट्रोल नहीं कर सके।
कुछ लोग स्पेस टेक्नॉलॉजी की भी चर्चा कर रहे हैं।
📍 गुरुग्राम
तो क्या कुआँ केवल ठाकुरों के पास ही था?
ये आईने अकबरी, Vol. 2 का स्क्रीनशॉट है..👇
इसमें अहिर, कुर्मी, खाती, डीमरी आदि जातियों को उस समय मिली जमींदारियों का विवरण है।
जब इन सभी जातियों के पास जमींदारियाँ थीं, तो फिर दलितों के पास जमीन न होने का ठीकरा अकेले ठाकुरों के सिर ही क्यों फोड़ा जाता है?
"ठाकुर का कुआँ" ही क्यों कहा जाता है? "अहिर का कुआँ", "कुर्मी का कुआँ" या अन्य जातियों के कुओं की बात क्यों नहीं होती?
प्रतिशत के हिसाब से भी देखें तो उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार औरंगज़ेब के समय क्षत्रियों की जमींदारियों का प्रतिशत कई OBC जातियों से कम था। फिर भी "शोषक" का टैग केवल ठाकुरों को ही क्यों दिया जाता है?
यदि आप मानते हैं कि दलितों के साथ भेदभाव हुआ था, तो उसके लिए जिम्मेदार सभी जातियों की समान रूप से चर्चा कीजिए। आगे आकर यह भी कहिए कि जहाँ-जहाँ भेदभाव हुआ, उसमें हमारी भी जिम्मेदारी थी।
केवल ठाकुर और ब्राह्मण ही दूसरों के पापों का बोझ अपने कंधों पर क्यों ढोएँ?
22 साल पहले अटल बिहारी वाजपेयी की भाजपा सरकार ने पेंशन बंद की थी, अब मोदी सरकार ने PF पाने वाले 8 करोड़ लोगों की कमर तोड़ दी है।
पहले 50% PF श्रमिक की जेब से जाता था और 50% कंपनी देती थी उसे बदलकर अब नया नियम लाया गया है; नौकरी देने वाली कंपनी अधिकतम 1800 रुपये ही PF में योगदान देगी।
यह खुलेआम कॉर्पोरेट और पूंजीवाद का समर्थन है। भाजपा सरकार पूंजीवादियों की सरकार है, जो नागरिक के हितों की नहीं, केवल पूंजीपतियों की फिक्र करती है।
जिंदगी भर नौकरी करके एक आदमी को बुढ़ापे के लिए ठीक-ठाक पीएफ मिल जाता था, जिससे परिवार के खर्च पूरे हो जाते थे अब न पेंशन बची, न पीएफ, जल्द ही राज्य सरकारें इसे लागू कर देंगी।
अब आप सरकारी डॉक्टर हैं, प्रोफेसर हैं, या प्राइवेट कंपनी के अफसर या मजदूर, आपका पीएफ खत्म समझो, और करो भाजपा जिंदाबाद, राम के नाम पर वोट पाने वाले राम के न हुए तो देश के क्या होंगे?
"गजब टोपीबाज है रेलवे विभाग"
>हमने रेलवे को एक शिकायत की, रेलसेवा ने drm कटिहार को कहा कि " कृपया मामले की जांच करें,
>Drm कटिहार ने DRM see को टैग करते हुए कहा कि " कृपया इस मामले पर ध्यान दें "
जब हमने DRM see ka अकाउंट देखा तो आज तक उस अकाउंट से कोई पोस्ट ही नहीं हुआ है, कोई रिप्लाई भी नहीं है।
वेरी गुड @RailMinIndia ।
@RailwaySeva@AshwiniVaishnaw
कैसे बचेंगी पहाड़ की मासूम बेटियां 🚨
ये दरिंदे देवभूमि को कलंकित कर रहे..
कहाँ सो रहे हो मेरे पहाड़ के हिंदू भाइयों🖐️
बंगाल के रबीद खान को टिहरी गढ़वाल की
एक पहाड़ी हिंदू लड़की के साथ पकड़ा गया...
जब बजरंग दल ने उसके माता-पिता के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वे अब जीवित नहीं हैं और अपने भाई को बुलाया..
दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया✍️
यह है गरीब रथ एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 12435।
इसके AC कोच में न पीने का पानी उपलब्ध है और न ही पानी बेचने वाला कोई वेंडर।
ऊपर से बिना टिकट यात्रा कर रहे लोगों ने सीटों पर कब्ज़ा कर रखा है..
गरीब रथ है, तो रेलवे यात्रियों को पूरी गरीबी का एहसास कराकर ही मानेगा।