मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित एकतरफा फैसलों, मतदाता सूची में हेरफेर और निर्वाचन आयोग की IT प्रणाली के केंद्रीकरण के विरोध में कांग्रेस का हल्लाबोल लगातार जारी है।
आज धौलपुर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जनहित एवं लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को मजबूती से उठाया।
📍 धौलपुर
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी की सभा के बाद मंच का “शुद्धिकरण” किया जाना बेहद शर्मनाक है। यह सिर्फ़ खरगे जी का अपमान नहीं, बल्कि उस संविधान की भावना का भी अपमान है, जो हर नागरिक को बराबरी और सम्मान का अधिकार देता है और छुआछूत को अपराध मानता है।
इसी भेदभावपूर्ण सोच के खिलाफ आज धौलपुर में सत्याग्रह मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। समानता, सम्मान और सामाजिक न्याय के लिए हमारी यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी।
📍 धौलपुर
तानाशाह सरकार डर कर काँप रही है।
पहले शिक्षा व्यवस्था को बरबाद किया,
करोड़ों बच्चों का भविष्य बिगाड़ा,
150 से ज़्यादा पेपर लीक करवाए,
25 बच्चों की जान चली गई ,
जब छात्र न्याय माँगने सड़कों पर उतरे,
तो उनपर लाठीचार्ज किया, डंडे बरसाए !
संसद के गेट बंद करवाकर, सांसदों को क़ैद किया,
Debate के लिए साझा विपक्ष की बात नहीं मानी,
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त नहीं किया,
मोदी जी छात्रों पर अत्याचार पर मौन रहे,
गृह मंत्री जिनका दिल्ली पुलिस पर नियंत्रण है,
हमारी माँग करने के बावजूद उनका कोई बयान नहीं आया !!
अब जब कांग्रेस और विपक्ष के सांसद प्रधानमंत्री निवास के आगे धरना दे रहे हैं तो हमारे सांसदों को घसीट-��सीट कर ले गए है।
नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi को बलपूर्��क ले जाया गया है।
ये कौन सा लोकतंत्र है?
श्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर मोदी सरकार की चुप्पी ने ऐसे हालात पैदा क�� दिए कि लोकसभा और राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष ��ो प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना देने को मजबूर होना पड़ा है।
आज मीडिया से 49 सिविल लाइंस पर वार्ता की :
मैं बहुत लंबे अरसे से कह रहा हूँ कि यह देश किस दिशा में जा रहा है, कोई नहीं जानता किस दिशा में जाएगा, किसी को नहीं मालूम।
यह जो 1 महीने के तमाशे हैं,सरकार ने इस समस्या को जिस रूप में लेना चाहिए था,लाखों बच्चों के भविष्य का सवाल है। NEET पेपर आउट हो गया। जो रिस्पॉन्स देना चाहिए था सरकार को,उसमें पूरी तरह फेल हो गई। आंदोलन शुरू हो गए।
भूख हड़ताल पर लोग बैठ गए 15-20-20 दिन तक।
और सरकार का कोई नुमाइंदा, चाहे सरकारी हो, चाहे वह मंत्री हो, कोई जा के मिले ही नहीं उनसे, बात भी नहीं करे कि आप चाहते क्या हो।
राहुल गांधी लगातार जब से घटना हुई, तब से इस्तीफा मांग रहे हैं धर्मेंद्र प्रधान जी से।
कोई जवाब नहीं, सरकार का एक्शन भी नहीं तो ��ह जो हालात बने हैं आज, वह बहुत दुखद है और बहुत ही अनफॉर्चुनेट है कि नेता प्रतिपक्ष को चाहे वह लोकसभा के हैं, चाहे राज्यसभा के हैं,राहुल जी को, खड़गे साहब को, अनेकों सांसद भी हैं, प्रियंका गांधी जी भी हैं,उनको बैठना पड़े पीएम हाउस के सामने, इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा?
आप सोच सकते हैं कि देश-दुनिया में क्या मैसेज जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी जी क्लेम करते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक ���ुल्क हमारा है। क्या-क्या क्लेम नहीं करते हैं! सब जो दावे करते हैं जाके विदेशों में घूम-घूम के,उन सब की पोल खुल चुकी है इस देश के अंदर, जिस प्रकार का व्यवहार सरकार कर रही है और हालात बहुत गंभीर हैं।
जो आक्रोश फूट पड़ा है पब्लिक के अंदर,नौजवानों के अंदर, छात्रों के अंदर, वह सरकार जो सोच रही है, असेसमेंट कर रही है, उससे कई गुना अधिक है। इसको समझना पड़ेगा सरकार को।
अगर सरकार का कोई लोकतंत्र में विश्वास बचा है थोड़ा बहुत भी, तो समझना पड़ेगा कि आक्रोश बहुत भयंकर है। यह जो कल दिल्ली में हजारों बच्चे इकट्ठे हो गए पूरे देश भर के,जिस प्रकार लाठीचार्ज हुआ, बेरहमी से पीटा गया लड़कियों को भी, लड़कों को भी,बच्चे छोटे बच्चे भी, छोटे उम्र के भी थे।पर जिस प्रकार पुलिस ने नादिरशाही तरीका अपना करके, जो कुछ भी पिटाई का जो तरीका अपनाया अगर आप दृश्य देखेंगे, तो आप समझ जाएंगे कि उनकी मंशा किस प्रकार की रही होगी या क्या उनका आदेश मिले ���ोंगे सबक सिखाने के,यह समझ के परे है। आंसू गैस के गोले छोड़ दिए,पिटाई कर दी।
तो कई पूरे आंदोलन में कई तरह के रहस्य भी हैं। कल मैं देख रहा था कि यह जो बैरीकेड्स लगे हुए हैं, उनको पुलिस खुद ही हटा रही है।
जो सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे,उनको हटाया जा रहा है। यह एक नया तरीका निकाला पुलिस ने। हटाने का कारण क्या है? जब आंदोलन चल रहा है, बैरीकेडिंग तो और स्ट्रांग करते, स्ट्रेंथन करते।
हटाए क्यों गए? स्पेस बनाने के लिए बैरीकेडिंग हटाए जा रहे हैं।
इतिहास में मैंने पहली बार देखा इस प्रकार का कोई जवाब मिलेगा। यह अभी तक रहस्य बना हुआ है। कोई डिस्कशन में आ रहा है यह पॉइंट।पर समझ के परे है कि यह किस प्रकार से स्पेस बनाने के लिए हटाए गए।
जो प्रोटेस्ट करने वाले लोग हैं, जितने प्रदर्शनकारी, उनका मानना है कि यह जानबूझकर हटाए गए। जिस प्रकार का तरीका अपनाया गया लाठीचार्ज का बदनाम करने के लिए आंदोलन को या जो मार्च निकाला उसको, कि क्योंकि पार्लियामेंट तक पहुँच गए थे, इसलिए हमने लाठीचार्ज कर दिया, आंसू गैस के गोले छोड़ दिए।
यह जस्टिफाई करने के लिए तरीका हो सकता है। यह जो लोग फीडबैक दे रहे हैं, उसमें यही फीडबैक आ रहा है।
अगर इस प्रकार के हथकंडे अपनाए जाएंगे, तो आप सोच सकते हो क्या होगा डेमोक्रेसी का?
वैसे आक्रोश जो है,वह जो फूट के सामने आया है,जो छात्र-छात्राएं और युवा लोग जो कमेंट दे र���े हैं मीडिया के सामने, अनेकों कमेंट्स एक से मिलेंगे आपको, कि किस प्रकार के हालात देश में, लोकतंत्र नाम की चीज़ नहीं रही है,सुनवाई नहीं हो रही है, किनके प��स जाके क्या शिकायत करें,कोई क्षेत्र में सुनवाई नहीं हो रही है। शिकायत भी नहीं हो पा रही,शिकायत किससे करें?
यह जो हालात बने हैं पूरे कंट्री के अंदर, वह आक्रोश था, इसीलिए पूरे मुल्क के राज्यों से, दूर-दूर से कई जगह तो मां-बाप के इच्छा के विरुद्ध भी बच्चे आए और भाग लिया उन्होंने आंदोलन के अंदर।
तो आज राहुल जी और खड़गे साहब और सब लोग बैठे हैं,अब जा के मंत्री बुला रहे हैं आंदोलनकारियों को, कभी जा के मिल रहे हैं,आज अचानक भेज दिया गया मंत्री जी को मिलने के लिए राहुल जी से।
यह नौबत क्यों आई? यह तो सरकार को सोचना पड़ेगा। 1/2
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के स���गठन महासचिव ललित तूनवाल जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ।
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, चिरायु एवं सुखी जीवन की कामना करते हैं।
@LalitTunwal
कुछ दिन पहले सिविल लाइंस आवास पर आए एक एसी मैकेनिक ने गर्व से बताया कि उनकी माताजी, जो मनरेगा में मजदूरी करती हैं, कांग्रेस सरकार की 'इन्दिरा गांधी स्मार्टफोन योजना' के माध्यम से डिजिटल दुनिया से जुड़ चुकी हैं।
उनके आग्रह पर वीडियो कॉल के जरिए निवाई (टोंक) निवासी श्रीमती यशोदा कुमावत और उनकी साथी महिला श्रमिकों से बातचीत हुई। बातचीत में उनकी पीड़ा और अपेक्षाएँ साफ़ झलकीं। उनका एक ही कहना था-"हमें वीबी-जी राम जी योजना नहीं, मनरेगा चाहिए।"
वे चाहती हैं कि मनरेगा में काम के दिनों की संख्या बढ़े, समय पर रोजगार मिले और जनहितकारी योजनाओं को फिर से प्रभावी बनाया जाए।
आज से भाजपा सरकार ने महात्मा गांधी जी के नाम पर यूपीए सरकार द्वारा शुरू की गई मनरेगा योजना का नाम बदलकर 'वीबी-जी राम जी योजना' कर दिया है। श्रमिकों में चिंता है कि ���हीं ��ह बदलाव केवल नाम तक सीमित न रह जाए, बल्कि उनके रोजगार के अधिकार और काम की उपलब्धता पर भी असर डाले। उनकी स्पष्ट मांग है-नाम बदलने से नहीं, काम बढ़ाने से मजदूरों का जीवन बदलेगा।
RBSE के नए अध्यक्ष – RSS
RPSC के दोनों नए सदस्य – RSS
शिक्षा मंत्री पहले ही – RSS
राजस्थान के युवाओं को अब भर्ती परीक्षाओं की नहीं, "संघ प्रेरित सलेक्शन" सूचियों की चिंता करनी चाहिए!
क्योंकि भर्ती व शिक्षा संस्थान��ं के बाहर "संघ विचार प्रचारकों" के स्वागत का बोर्ड लगना बाकी बचा है।
आज बसेड़ी के ग्राम नहने का पुरा में अंधड़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। ग्राम बागथर में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा RAS में चयनित युवा प्रतिभा हरवेंद्र सिंह गुर्जर जी के सम्मान समारोह में शामिल होकर शुभकामनाएं दीं।
मैंने ग्रेट निकोबार की प्राकृतिक धरोहर, जैव विविधता और पर्यावरण की रक्षा के लिए #GreenOverGreed याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं ।
लोकसभा नेताप्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी के इस अभियान के साथ खड़ा हूँ। प्रकृति और जनहित से बड़ा कोई मुनाफा नहीं हो सकता!
#NicobarMatters#RahulGandhi
मैं भारत के सबसे दक्षिणी छोर पर गया।
मैं इंदिरा पॉइंट पर खड़ा हुआ। मैं उन पेड़ों के नीचे से गुज��रा जो सदियों से वहाँ खड़े हैं। मैंने दुनिया की सबसे शानदार मूंगा चट्टानों के बीच गोता लगाया।
और मैं वहाँ रहने वाले लोगों के साथ बैठा। आदिवासी समुदाय, जिनकी ज़मीन 'वन अधिकार अधिनियम' का उल्लंघन करके छीनी जा रही है। बाहर से आकर बसे लोग, जिनमें से कई पूर्व सैनिक हैं जिन्हें भारत सरकार ने इन द्वीपों पर बसाया था, उन्हें भी उचित मुआवज़ा नहीं मिल रहा है।
मोदी सरकार और बीजेपी आपसे कहती है कि 'ग्रेट ��िकोबार प्रोजेक्ट' रक्षा से जुड़ा है। असल में ऐसा नहीं है।
INS बाज़ का विस्तार करें - हम सरकार का पूरा समर्थ�� करेंगे। नौसेना पाँच साल से इसके विस्तार की मांग कर रही है - लेकिन इसे नज़रअंदाज़ किया गया है।
वो आपसे कहते हैं कि यह एक ट्रांसशिपमेंट पोर्ट के बारे में है। ऐसा नहीं है। भारत पहले से ही केरल में ऐसा एक पोर्ट बना रहा है, जो मुख्य भूमि पर है।
असल में यह क्या है: 1.5 करोड़ पेड़ काटे जा रहे हैं। सरकारी नक्शों से कोरल रीफ़ को मिटा दिया गया है। सैनिकों और आदिवासियों को विस्थापित किया जा रहा है - ताकि एक ��्यापारी भारत की सबसे अनमोल और पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण ज़मीन पर होटल और कसीनो बना सके।
हर युवा भारतीय जिससे मैंने बात की है, वह यह बात समझता है। आप जानते हैं कि मुनाफ़े के लिए ऐसी चीज़ को नष्ट करना सही नहीं है जिसे कभी वापस नहीं पाया जा सकता।
मैं पर्यावरण के लिहाज़ से संतुलित विकास का समर्थन करता हूँ। ये द्वीप दुनिया के सबसे अद्भुत और सस्टेनेबल डेस्टिनेशन बन सकत��� हैं। यही वह भारत है जिसके लिए लड़ना ज़रूरी है।
#GreenOverGreed
#NicobarMatters
#WorldEnvironmentDay
The Congress President, Shri Mallikarjun Kharge, has approved the candidature of the following persons as Congress candidates to contest the biennial/bye-elections to the Council of States from the states mentioned against their names:
AICC सचिव एवं राजस्थान कांग्रेस के सह प्रभारी श्री चिरंजीव राव जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
ईश्वर से आपके स्वस्��, दीर्घायु एवं खुशहाल जीवन की कामना करता हूँ।
@Chiranjeev_INC
धौलपुर से विधायक श्रीमती शोभारानी कु��वाहा जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
ईश्वर से आपके स्वस्थ, खुशहाल ��वं चिरायु जीवन की मंगलकामना करता हूँ।
@ShobhaRaniBL
राजस्थान से राज्यसभा सांसद, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं CWC सदस्य श्री रणदीप सिंह सुरजेवाला जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ ।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं निरंतर सफलता प्रदान करें ।
@rssurjewala