सामान बेचना और बिकवाना आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र जी मोदी से सीखो ,
पहले स्वदेशी सामान
झालमुड़ी
और विदेश में जाकर हिंदुस्तानी पारले का मेलोडी।
वाह ! जी वाह !
मेरा देश,
मैं देश के लिए ।
स्वदेशी सामान, स्वदेशी भाव, स्वदेशी भाषा, स्वदेशी खानपान, स्वदेशी आचार व्यवहार, स्वदेशी रीति रिवाज , अपनाओ और देश को समृद्ध बनाओ ।
ताजा उदाहरण
तमिलनाडु के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री विजय थलापति फिल्मों में काम करते हुए और चुनाव प्रचार करते हुए अपने नाम का प्रचार किया केवल विजय थलापति ।
मुख्यमंत्री बनते ही अपना नाम बोलने और लिखने लगा है जोसेफ विजय ।
जागरूक रहें और जागरूक करें ।
निम्मी नवाब बानू
श्यामा खुर्शीद अख्तर
मंडाकिनी यास्मीन जोसेफ
सोनम बख्तवर खान
अनु मलिक अनवर सरदार मलिक
राहुल गांधी राहुल फिरोज खान
ऐसे ही छद्म नाम रखकर मुस्लिम लोगों ने हिंदुओं के साथ जिहाद करने का काम किया है और कर रहे हैं ।
ईसाई भी इसी काम में लगातार लगे हुए हैं ।
हिंदुस्तान का सबसे ज्यादा नुकसान छद्म नाम रखकर नुकसान करने वालों ने किया है ।
दलीप कुमार (मोहम्मद यूसुफ खान )
मधुबाला (मुमताज जहां देहलवी)
मीना कुमारी (महजबीन बानो )
अजीत (खलनायक) हामिद अली खान
जगदीप सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी
जयंत जकारिया खान
संजय शाह अब्बास खान
अर्जुन फिरोज खान
जिससे रोड किनारे लगे कम से कम 200 पेड़ जल गए । इस प्रकार के कृत्य पर वनविभाग, रोड मंत्रालय और सरकार ने मिलकर तुरंत जुर्माना लगाना चाहिए। इस प्रकार से तो करोड़ों पेड़ो को समाप्त कर देंगे । फिर दोष सरकार पर लगाएंगे ।
इस प्रकार से आग लगाते रहे तो धरती बांझ हो जायेगी। सरकार को एक काम तो अवश्य करना चाहिए कि इस प्रकार से आग लगाने से किसी को कोई पेड़ पौधा जलता है तो प्रत्येक पेड़ पौधे के हिसाब से हजारों रुपयों का जुर्माना तुरंत लगाना चाहिए । कल ही रोड किनारे किसी बेवकूफ किसान ने फानों में आग लगाई
अपने आप को अति आधुनिक किसान कहने वाले व्यक्ति विभिन्न तरह के तर्क देते हैं गेहूं के फानों को जलाने के लिए । एक बार जहां फ़ाने जलाए जाते हैं वहां जाकर देखो । कितना धुआं, कितने पेड़ पौधे जला देते हैं । लाखों करोड़ों जीव जंतु जल जाते हैं ।
मास्टर सतबीर सिंह भैसवालिया जयंती
लोग कहैं सतबीर रूप मैं , वो दादा लखमी खुद आग्या
कदे ब्रह्मज्ञान नै जगत भूलज्या , न्यूं हटकै गावण शुद्ध आग्या
ले कै ज्ञान बांटग्या सारा , जणू शुद्धोधन का बुद्ध आग्या
त्यारी करकै चढ्या मंच पै , जणूं योद्धा करणे युद्ध आग्या
हम भारत के बड़े थोरियम रिज़र्व का इस्तेमाल करने और लंबे समय की एनर्जी सिक्योरिटी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम देख रहे हैं।
यह उपलब्धि हमारी इंजीनियरिंग की बेहतरीन क्षमता को दिखाती है और हमारे वैज्ञानिक प्रयासों को और मज़बूत करेगी। बधाई !