@DM_PRAYAGRAJ काश!
कमिश्नर साहब,यह कार्य पूर्व में ही हो जाते तो शायद जलभराव की स्थिति निर्मित नही हो पाती।
देर आये बस दुरुस्त हो जाये।
अच्छी पहल।
जनप्रतिनिधि और प्रशासन यदि समन्वयता के साथ कार्य कॉरिडोर पर वर्कआउट करें तो परिणाम पॉजिटिव निकलेगा,धरातलीय कार्य किये जाने की आवश्यकता है।
@ssrajputINC यह व्यक्ति टीआरपी के चक्कर में व दलाली की जद में इतना जकड़ चुका है कि देश की बेटियों व छात्रों के साथ हुए अत्याचार को जायज मान रहा है ऐसे में यह पत्रकारिता पर बड़ा सवाल है। यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमन्ते तत्र देवता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है इस पत्रकार ने। इसका बहिष्कार हो।
@jyotirmathah यह बहुत ही गलत व अमानवीय असहनीय पीड़ा है समाज के लिए, नवरात्रि पर्व पर कन्याओं का पूजन होता है,देवी स्वरूपा बेटियों पर ऐसा अमर्यादिय दुष्कृत्य अशोभनीय व अक्षम्य अपराध है।इससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा हुआ है,पूज्य शंकराचार्य जी ने इस विषय पर जो क्रोध किया है वह 100% सही है।
@MNageswarRaoIPS@AmanChopra_ एकदम सही व सटीक प्रश्न है। यह व्यक्ति घृणित मानसिकता का पालित व्यक्ति है जो सिर्फ दलाली करके अपनी पत्रकारिता को जेब भरने का माध्यम बनाया हुआ है। पूज्य शंकराचार्य सभी प्रश्नों से ऊपर हैं उनकी मर्यादा के आगे सभी बौने हो जाते हैं क्यों कि यह पद ही सनातन का सर्वोच्च पद है।
@VHPDigital काश!
इन सन्तो का सम्मेलन गो माता की रक्षा के लिए होता? तो शायद भगवान व भगवती स्वरूपा गो माता इन्हें माफ भी करती और आशीर्वाद भी ।
बन्द करें एजेंटगिरी अब ,,,,।
सत्ता की गुलामी नहीं बल्कि धर्म की रखवाली करना सन्तो का कार्य है। गो माता को संम्मान देने की वकालत करें यदि हिम्मत है तो
@dayakamPR@ashishvyas__ तुम जिस जाति पर प्रहार कर रहे हो उन्ही के बदौलत आज ज्ञान बघार रहे हो जानी! सबसे पहले तो जाति प्रमाण पत्र व आरक्षण बन्द करवा दो फिर ज्ञान व बुद्धि का आमना सामना कर लिया जाय।
जब सरकार से ही निचली जाति का प्रमाण पत्र लेते हो लाइन में लग कर तब शर्म नही आती और अब जहर लग रहा।
@singh_kikki नहीं!
क्योंकि,इन नोटों का इस्तेमाल मंदिरों के अलावा मदिरालय और मांस की दुकानों पर भी किया जाता है। इसलिए नोटों पर नहीं बल्कि जन जन के दिलों में यह छवि होनी चाहिए।
भगवान के छवि को नैनो और दिलों में बसाएं,न कि खरीद फरोख्त करने वाली मुद्राओं में.. #जय_श्री_राम