@DM_Barabanki@aksharmaBharat (3)11-12 बजे दोपहर में गुल हुई बिजली शाम 0445 पर मात्र 5 मिनट आकर दोबार चली गई।ना अधीक्षण अभियन्ता फोन उठा रहे ना उनके मातहत तमाम अधीनस्थ तमाम अधिकारी कर्मचारी।किसकी जवाबदेही है जनता के प्रति भारी भरकम तनख्वाह डकारने के बावजूद।कम से कम मीडिया को तो बताना चाहिए। @myogiadityanath
उत्तर प्रदेश का @UPPCLLKO अंतर्गत 1912 फर्जी जानकारी देने लगा है। रिजिस्तर्ड नंबर से कॉल करने पर अतिरिक्त पंजीकृत नंबर दर्ज करने की जानकारी देता है। बाद में कॉल सेंटर वाले कॉल उठाते हैं तो एक घंटे से बिजली ना आने की शिकायत पर झूठी जानकारी देते हैं कि हाई टेंशन लाइन में प्रॉब्लम
(2)देशद्रोह में संलिप्तता पर कत्तई माफ नहीं किया जाना चाहिए।जब हिन्दुओं का कत्लेआम हो रहा था तब यहीं मुंह छिपाए बेशर्मी से अनदेखा कर रहा था। लज्जा नहीं आती। इनके अधिकारों की समीक्षा कर सभी कोर्टों को पंगु कर देना चाहिए जो केवल लोगों के परेशानी का सबब बन कर रह गए हैं। @BBCWorld
जागरूकता स्वयं बेहतर हो जाएगी अगर नए नए आईएएस-आईपीएस स्वयं को महाराजा समझना बन्द कर लोकतांत्रिक देश का लोकसेवक मान कम से कम सीयूजी स्वयं रिसीव कर जनता के साथ पत्रकारों की शंकाओं का मौके पर समाधान कर दें। लेकिन नहीं @PMOIndia@PIB_India@CMOfficeUP@ANI
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गलत सीएम का होना, सरकारी तंत्र का बेअंदाज होना, सीयूजी तक डीएम-एसपी तक का ना उठाना यानी जनता की सुनवाई व न्याय में सरकारी भ्रष्टाचारी अवरोध पर भाजपाई नपुंसकता लोकप्रियता घटा रही है। @PMOIndia@narendramodi@RSSorg@BJP4India@AmitShah
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कट्टरपंथी कभी सुधर ही नहीं सकता। कोई महिला जिसने बॉलीवुड अथार्त दाऊदवुड बनाम खान बुड की गंदगी से उभरने के लिए संघर्ष किया, उसकी अच्छाई इन्हें नजर ही नहीं आ सकती। मोदी द्रोह में ये उसी को निशाना बनाते हैं जो बुराई के खिलाफ खड़ा है, देशद्रोही गतिविधियों
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यूपी पुलिस को इन समाजिक ठेकेदार की खोज खबर जरूर लेनी चाहिए। जो जातिवाद का प्रोपोगेंडा धमकी के साथ कर रहे हैं। कहीं दूसरा दाऊद जन्म ले उसके पहले @myogiadityanath@Uppolice@dgpup
को सुधार अभियान चलाना चाहिए।
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जनपद बाराबंकी के तमाम अधिकारी जनहित को लेकर कितने गैरजिम्मेदार हैं यह इसी से समझा जा सकता है कि डीएम-एसपी से लेकर अब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भी अपना सीयूजी फोन पिसीव नहीं करते। यह जानने तक का प्रयास पलट कर नहीं करते कि आखिर क्यों फोन किया गया। फिर अपालकाल का हाल समझा जा सकता है