प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी आप बहुत गुस्से में हैं.. काश ऐसे गुस्सा आप KVS NVS CBSE के हठी अधिकारियों पर दिखा देते तो हजारों OBC बच्चों को इंटरव्यू से बाहर नही किया जाता ..
की OBC को रोज़ KVS NVS के DV से बाहर किया जा रहा वो भी आपकी केंद्र की संस्था द्वारा
देश के प्रधानमंत्री जी तो स्वयं कई बार अपनी 'ओबीसी पृष्ठभूमि' का ऐलान कर चुके हैं! उसके बाद भी OBC के साथ इतना भेदभाव cutoff date के नाम पर KVS NVS CBSE द्वारा
@narendramodi@PMOIndia@RahulGandhi
OBC का हक पहले प्रशासनिक स्तर, फिर सरकार स्तर और जब मामला कोर्ट में जायेगा तो आपके पैरवी के लिए आपके समाज का होगा और विविधता होगी संस्था में तभी न्याय और हक मिलेगा वरना 🤐🙏🙆♂️
@PMOIndia@RahulGandhi@yadavakhilesh@yadavtejashwi
धरती पुत्र नेता जी श्री मुलायम सिंह यादव जी को विनम्र श्रद्धांजलि 🙏
किसानों, पिछड़ों, गरीबों की मजबूत आवाज़ थे आप..
आज आप यदि होते तो वंचितों की आवाज़ सुनी जाती.. किसान, छात्र हर कोई परेशान है.. कहीं कोई सुनवाई नही है
#netaji
भक्ति, श्रद्धा और उपासना के पावन पर्व शारदीय नवरात्रि की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। इस पर्व पर माता आप सभी को सुख, शांति, समृद्धि एवं संपन्नता प्रदान करे! जय माता दी! #navratricelebration
KVS NVS CBSE और सरकार को सद्बुद्धि आये की वो वंचितों का हक ना खाये
@KVS_HQ
KVS-NVS शिक्षक भर्ती: जाति प्रमाण पत्र पर लगी शर्तों से अधर में लटका सैकड़ों का भविष्य, अभ्यर्थियों ने सुनाई दर्द भरी दास्तां
नवोदय और केंद्रीय विद्यालयों के 15 हजार पदों की शिक्षक भर्ती में OBC-NCL सर्टिफिकेट के लिए जारी की गई शर्त से हजारों अभ्यर्थियों के सामने चुनौती खड़ी हो गई है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर हरीश वानखेड़े NDTV के साथ बातचीत में कहते हैं, "यह एक वैलिड प्वाइंट है कि ओबीसी-एनसीएल सर्टिफिकेट कॉन्ट्रैक्चुअल होता है, जिसकी मियाद कुछ दिनों में खत्म हो जाती है. इसलिए नया बनवाकर देना पड़ता है. लेकिन अगर सर्टिफिकेट के साथ कोई दिक्कत है, तो अंडरटेकिंग के साथ सेलेक्शन हो जाना चाहिए. अगर यह भी नहीं माना जा रहा है, तो ज्यादती है और एक तरह से गैर-कानूनी भी है. ओबीसी कोई क्वालिफिकेशन डॉक्यूमेंट नहीं है, सेलेक्शन के बाद भी सबमिट करवाया जा सकता है."
प्रोफेसर हरीश कहते हैं कि यह एक ऐसा छोटा टेक्निकल मुद्दा है, जो मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी लेवल के अधिकारी के क्लेरिफिकेशन से भी हल हो सकता है. लेकिन वो हल नहीं निकालना चाहते, इसलिए मुद्दा बनाया जा रहा है. @KVS_HQ@EduMinOfIndia@PMOIndia@NCBC_INDIA@RahulGandhi@SadhviNiranjan@DainikBhaskar@INCIndia@yadavakhilesh
KVS-NVS शिक्षक भर्ती: जाति प्रमाण पत्र पर लगी शर्तों से अधर में लटका सैकड़ों का भविष्य, अभ्यर्थियों ने सुनाई दर्द भरी दास्तां
नवोदय और केंद्रीय विद्यालयों के 15 हजार पदों की शिक्षक भर्ती में OBC-NCL सर्टिफिकेट के लिए जारी की गई शर्त से हजारों अभ्यर्थियों के सामने चुनौती खड़ी हो गई है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर हरीश वानखेड़े NDTV के साथ बातचीत में कहते हैं, "यह एक वैलिड प्वाइंट है कि ओबीसी-एनसीएल सर्टिफिकेट कॉन्ट्रैक्चुअल होता है, जिसकी मियाद कुछ दिनों में खत्म हो जाती है. इसलिए नया बनवाकर देना पड़ता है. लेकिन अगर सर्टिफिकेट के साथ कोई दिक्कत है, तो अंडरटेकिंग के साथ सेलेक्शन हो जाना चाहिए. अगर यह भी नहीं माना जा रहा है, तो ज्यादती है और एक तरह से गैर-कानूनी भी है. ओबीसी कोई क्वालिफिकेशन डॉक्यूमेंट नहीं है, सेलेक्शन के बाद भी सबमिट करवाया जा सकता है."
प्रोफेसर हरीश कहते हैं कि यह एक ऐसा छोटा टेक्निकल मुद्दा है, जो मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी लेवल के अधिकारी के क्लेरिफिकेशन से भी हल हो सकता है. लेकिन वो हल नहीं निकालना चाहते, इसलिए मुद्दा बनाया जा रहा है. @KVS_HQ@EduMinOfIndia@PMOIndia@NCBC_INDIA@RahulGandhi@SadhviNiranjan@DainikBhaskar@INCIndia@yadavakhilesh
KVS-NVS शिक्षक भर्ती: जाति प्रमाण पत्र पर लगी शर्तों से अधर में लटका सैकड़ों का भविष्य, अभ्यर्थियों ने सुनाई दर्द भरी दास्तां
नवोदय और केंद्रीय विद्यालयों के 15 हजार पदों की शिक्षक भर्ती में OBC-NCL सर्टिफिकेट के लिए जारी की गई शर्त से हजारों अभ्यर्थियों के सामने चुनौती खड़ी हो गई है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर हरीश वानखेड़े NDTV के साथ बातचीत में कहते हैं, "यह एक वैलिड प्वाइंट है कि ओबीसी-एनसीएल सर्टिफिकेट कॉन्ट्रैक्चुअल होता है, जिसकी मियाद कुछ दिनों में खत्म हो जाती है. इसलिए नया बनवाकर देना पड़ता है. लेकिन अगर सर्टिफिकेट के साथ कोई दिक्कत है, तो अंडरटेकिंग के साथ सेलेक्शन हो जाना चाहिए. अगर यह भी नहीं माना जा रहा है, तो ज्यादती है और एक तरह से गैर-कानूनी भी है. ओबीसी कोई क्वालिफिकेशन डॉक्यूमेंट नहीं है, सेलेक्शन के बाद भी सबमिट करवाया जा सकता है."
प्रोफेसर हरीश कहते हैं कि यह एक ऐसा छोटा टेक्निकल मुद्दा है, जो मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी लेवल के अधिकारी के क्लेरिफिकेशन से भी हल हो सकता है. लेकिन वो हल नहीं निकालना चाहते, इसलिए मुद्दा बनाया जा रहा है. @KVS_HQ@EduMinOfIndia@PMOIndia@NCBC_INDIA@RahulGandhi@SadhviNiranjan@DainikBhaskar@INCIndia@yadavakhilesh