🚨 बरगदिया गाँव में भूख से जूझता एक ब्राह्मण परिवार …
सबसे दर्दनाक बात ये है कि …
बच्चों की थाली में महीनों से दाल-सब्जी नहीं, सिर्फ सूखे चावल, नमक और थोड़ा तेल है। 😢
अर्पिता पांडे नाम की यह महिला अपने तीन मासूम बच्चों के साथ ऐसी गरीबी में जी रही हैं, जिसे “गरीब” कहना भी कम होगा। यह परिवार महा-गरीब है। घर का हाल इतना बुरा है कि दीवारें टूट-फूट चुकी हैं, छत कहीं-कहीं धँसी हुई है और पूरा मकान खंडहर जैसा लगता है।
सबसे दर्दनाक बात यह है कि इनके तीन छोटे-छोटे बच्चे आज नहीं, बल्कि कई महीनों से भूखे पेट सो रहे हैं। उनका रोजाना का भोजन सिर्फ सूखे चावल में नमक और थोड़ा तेल मिलाकर बनाया जाता है। न दाल, न सब्जी, न दूध… सिर्फ वही एक थाली जो भूख मिटाने के बजाय सिर्फ जिंदा रहने के लिए काफी है।
जब अर्पिता पांडे ने रो-रोकर अपना दुख सुनाया तो रूहें थर्रा गई 🥹💔
अयोध्या के बरगदिया गाँव का यह परिवार अब आपकी नजर में है। अगर आप मदद करना चाहते हैं, तो आगे बढ़कर हाथ बढ़ाएँ।
क्योंकि भूख से लड़ते इन मासूम चेहरों को देखने के बाद, चुप रहना संभव नहीं।
A 21-year-old Hindu nurse, Shirisha, was allegedly raped and murdered in her hospital room in Hyderabad after she resisted.
Police have arrested Mohammad Sanaullah.
Doctors, nurses, and her family are on the streets demanding justice.
@reliancejio@JioCare@TRAI@DoT_India wifi का रिचार्ज कर दिया फिर भी नही चल रहा है, uninstalltion का मैसेज भेज दिया आपलोगो ने ,
कनेक्शन फिरसे चालू कर दो, वरना पैसे वापस करदो,
UPI Ref. ID 613106111015
@JioMart_Support@JioMart 4 se jayada baj chuke hai still order confirmation nhi aaya jabki delivery time 3:42 pm ka hai,
Ye to hai sahab tumhari service, isse pehle ek order @Flipkartminutes se kiya tha within 15 min, order deliver ho gya...kya hoga tmhara har baar ka yahi h.
जब चयन प्रक्रिया में 800 में से केवल 4 अंक पाने वाला व्यक्ति चयनित हो जाता है, जबकि सामान्य वर्ग का अभ्यर्थी 585/800 अंक प्राप्त करने के बाद भी बाहर रह जाता है—तो यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि क्या यह वास्तव में समान अवसर की व्यवस्था है?
यह केवल आंकड़ों का अंतर नहीं, बल्कि उस मेहनत, संघर्ष और अपेक्षा का प्रश्न है जो लाखों युवाओं के मन में होती है। क्या योग्यता और परिश्रम का मूल्यांकन इस प्रकार होना चाहिए?
#MeritMatters #EqualOpportunity #FairSelection #YouthVoice
1990 से 2025 तक अनुसूचित/ओबीसी के मुख्यमंत्री रहे...
उससे पूर्व भी सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व रहा, इतने लंबे कालखंड तक सत्ता में काबिज रहने के बाद भी यदि यह अंतिम पायदान के व्यक्ति को मुख्यधारा में नहीं ला पाए तो इसमें सामान्य वर्ग का क्या दोष है।
#ugc_काला_कानून#UGC_Rollback
बड़े-बड़े Food Brands ग्राहकों को खुलेआम धोखा दे रहे हैं 🚨
चीनी से भरे Juice 🥤 के packet पर Fresh Fruits की तस्वीरें दिखाते हैं, और पीछे छोटे अक्षरों में लिख देते हैं: “pictures are for marketing purposes only.”
❓ कब तक चलेगा ये खेल?
🏛️ आज संसद में मैंने सरकार से misleading branding और false advertisement पर कार्रवाई की माँग की।
₹19,000 crore.
That is what Banks collected in last 3 years just for not maintaining ‘Minimum Account Balance.’
Not from the rich. Not from big borrowers.
From the poorest accounts in the system.
Their crime? They didn’t have enough money.
A farmer misses the minimum balance - Penalty.
A pensioner withdraws money for medicine - Penalty.
A daily wage worker falls short by a few hundred rupees - Penalty.
The poor keep money in banks for safety. Not to be quietly fined for being poor.
Financial inclusion should protect small savings, not punish small balances.
In Parliament today I proposed ending minimum balance penalties so the banking system stops charging people for their poverty.
ब्राह्मण अब UGC का विरोध भी नहीं कर सकता उत्तर प्रदेश में।
ये विमल पंडित हैं, ये बहराइच से अयोध्या अकेले UGC विरोध में यात्रा कर रहे थे तो इनको उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा रोक दिया गया।
उसके बाद ये किसी काम से कॉलेज जाते हैं जहां कुछ लोग इनपर जानलेवा हमला कर देते हैं और कहते हैं तुम UGC का विरोध करोगे।
और अब जब थाने गए हैं तो इनकी कोई सुनने वाला भी नहीं है।
सोचिए जब UGC अगर लागू होगा तब किस तरह व्यवहार किया जाएगा।
किसी को भी चुन लेना , लेकिन हाउस अरेस्ट सरकार को नहीं।
वरना आने वाले पांच साल ये सिर्फ हाउस -हाउस खेलेंगे।
इतनी कायर और नालायक सरकार आजतक हमने नहीं देखी।
हमने आपातकाल तो नहीं देखा, शायद ऐसी रहा होगा आपातकाल देश में।
1 व्यक्ति के UGC विरोध से डर गई 2 कौड़ी की 56 इंची सरकार।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में सवर्ण मोर्चा के संदीप सिंह अपने साथियों के साथ UGC से जुड़े मुद्दे को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी से सवाल पूछना चाहते थे।
लेकिन कार्यक्रम से पहले ही पुलिस ने सवर्ण नेता संदीप सिंह और उनके साथियों को हाउस अरेस्ट कर लिया।
पंकज धवरैय्या का ऐलान - UGC पर लड़ाई आर पार "
मैं पं पंकज धवरैय्या ब्राहमण पुत्र संकल्प लेता हूँ @narendramodi जीं आपका अहंकार नहीं तोड देता ,Ugc वापस नहीं करा देता ,सवर्णों की शक्ति BJP कॊ नहीं दिखा देता तो कभी अपनी शिखा में गांठ नहीं लगाऊंगा ॥
दिल्ली की गली गली सवर्णों कॊ एकत्रित करने के लिये भीख मांगूंगा।
#UGC_RollBack #UGC_काला_कानून_वापस_लो
#UGC #RSP #We_Support_पंकज_धवरैय्या #मैं_भी_पंकज_धवरैय्या #wesupportpankajdhavraiyya #पंकजधवरैय्या #pankajdhavraiyya
150 किलोमीटर दूर से भी लोग
UGC के अन्यायपूर्ण नियमों के खिलाफ
रामलीला मैदान पहुँच रहे हैं।
स्वामी आनंद स्वरूप महाराज जी का आशीर्वाद लेकर
लोग लगातार दिल्ली पहुँच रहे हैं।
यह सिर्फ एक विरोध नहीं —
यह न्याय और सम्मान की आवाज़ है।
सभी साथी कार्यक्रम के समय के अनुसार
रामलीला मैदान पहुँच रहे हैं।
आज साफ़ है —
आवाज़ को रोका नहीं जा सकता।
दिल्ली चलो — UGC Roll Back
#UGCRollBack
#8March_Ramleela_Maidan
सवर्णो के हक़ कि लड़ाई की वजह से आज पंकज धवरैय्या जी के साथ साथ उनका पूरा परिवार इसका हरजाना भुगत रहा है
पंकज धवरैय्या जी 28 दिनों से UGC और SC ST Act के विरोध मे पिछले 28 दिनों से धरने पर बैठे है
जिसकी वजह से मोदी सरकार ने पंकज धवरैय्या जी की गायों को भी बेघर कर दिया
उनकी माता जी दर्द देखा नहीं जा रहा अरे मोदी जी इससे अच्छा अच्छा तो आप सवर्णो को गोली मरवा दो
#WeSupportPankajDhavraiyya #We_Support_पंकज_धवरैय्या #UGC_काला_कानून_वापस_लो #मैं_भी_पंकज_धवरैय्या
🚨 headline: blood on the refinery floor: the price of labor in new india?
➡️ Watch full video and support them
Is this the real "Amrit Kaal" for poor refinery workers?
A poor migrant worker from Bihar, serving at the CPP plant Naphtha Cracker Plant in Panipat, lost his fingers in a horrific workplace accident.
Instead of justice and proper medical care, he was given "temporary treatment" and discarded like scrap metal.
Does a worker have no rights? This is a blatant violation of workers' rights.