@DrDCSHARMAUPPSS सरकार का काम बहुत ही निंदनीय है जिस तरह से सरकार ने साजिश के तहत शिक्षामित्रों को बाहर किया था कुछ इसी तरह का प्रयास शिक्षक भाइयों के साथ कर रही है जो की बहुत गलत है पूर्व से नियुक्त शिक्षकों पर टेट लागू नहीं होना चाहिए।
#NoTetBeforeRteAct
शिक्षकों के साथ वार्ता में जो बयान देते हैं ,संसद में उसके विपरीत बयान दे रहे हैं ।
तो फिर सभी राज्यों से जो आँकड़े और सूचना माँगी गई है क्या वो सब मिथ्या है ।यदि आप शिक्षकों के साथ है तो उत्तर में सभी राज्यों से सूचना माँगे जाने और विचार करने का उल्लेख आना चाहिए था ।आपके इस बयान की जितनी निंदा की जाये वो कम है ।ऐसा लगता है कि शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार ने कसम खा ली है,कि देश में किसी को शान्ति से नहीं बैठने देंगे ।देश के 20 लाख शिक्षक जो आपके द्वारा निर्धारित योग्यता हासिल करके शिक्षक बने हैं उन्हें सेवा में आने के 20-25 वर्ष वर्तमान की योग्यता हासिल करने को बाध्य करना कितना न्यायोचित है?
20 वर्ष पहले पुलिस,सेना या अर्धसैनिक बलों में 10 किमी की रेस लगाकर भर्ती अधिकारी या सैनिक को यदि आज दौड़ा दिया जाए तो विभाग ख़ाली हो जाएगा ।
देश में कितने माननीय न्यायाधीश हैं जो आज CLAT EXAM में बैठने को तैयार हैं?50-55 वर्ष के शिक्षकों को आज परीक्षा में बैठने को मजबूर किया जा रहा है और शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार तमाशा देख रहा है ।
देश के नागरिक अपने सांसद इसलिए चुनते हैं कि संसद में उनके हितों की रक्षा करेंगे ।देश की संसद में सभी राज्यों से सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदो ने गत संसद सत्र में इस विषय को उठाया था लेकिन उसके बाद भी इस प्रकार का उत्तर देना यह सिद्ध करता है कि इनको किसी के हितों से कोई मतलब नहीं है ।
@PMOIndia@narendramodi@jayantrld@dpradhanbjp
69000 भर्ती में पीडीए समाज के साथ हुए अन्याय की लड़ाई में जो हमारे साथ नहीं है, अब उन सबके ऊपर से अभ्यर्थियों का विश्वास पूरी तरह से उठ गया है। आंदोलित युवा शक्ति को अब इस संवेदनहीन और हृदयहीन भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। न उनसे जो ‘मुख्य’ होकर भी मुख नहीं खोल रहे हैं और न उनसे जो ‘उप’ हैं पर चुप हैं।
भाजपा के एजेंडे में नौकरी है ही नहीं।
भाजपा जाए तो नौकरी आए!
@yadavakhilesh माननीय अखिलेश जी 69000 शिक्षक भर्ती में आंसर की वाले भी करीब 2249 अभ्यर्थी हैँ जो सुप्रीम कोर्ट से 2023 में जीत चुके हैँ पर इस ये गूंगी बहरी सरकार सुप्रीम कोर्ट का भी आदेश नहीं मान रही है।
@myogiadityanath@CMOfficeUP@adgzonelucknow
कृपया माननीय मुख्यमंत्री जी स्वयं इस मामले का संज्ञान ले । बेटियों पर बस्ती जिला में अन्याय हो रहा है
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