दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के पुलिसकर्मी ने दारू पी कर, सड़क के पार जन्मदिन पर उत्सव कर के, घर जाते बिहार के नवयुवकों से पहले बाता-बाती की, फिर सर्विस रिवॉल्वर निकाला, उन्हें बिहारी होने के कारण गालियाँ दी और छाती से बस कुछ इंच दूरी से गोली मारी, जो पहले व्यक्ति को च��रते हुए, दूसरे को लगी।
पहला व्यक्ति मर गया, दूसरा गंभीर स्थिति में है। बिहारी है, तो बिहारी होने मात्र के कारण पुलिस वाला उन्हें मार सकता है। दिल्ली पुलिस को कोई प्रशिक्षण आदि मिलता भी है या नहीं?
ये लोग चलते-फिरते घृणा से भरे बम हैं जो अपने पूर्वग्रह के कारण लोगों की हत्या कर रहे हैं। यह स्पष्ट रूप से एक हेट क���राइम है, जिस पर किसी नेता का वक्तव्य नहीं आया है।
बिहार के सांसद-विधायक मुँह में दही जमाए बैठे हैं कि भाजपा कार्यालय से व्हाट्सएप आए तो इस पर कुछ बोलेंगे। भाई नेता हो, तुम्हारा एक ही कार्य है: अपने क्षेत्र के लोगों का प्रतिनिधित्व। यदि वह भी नहीं हो रहा है तो तौलते रहो।
अन्यान्य के खिलाफ आवाज उठाना अपराध नहीं है।
गौतम खट्टर को रिहा करो । सेंट फ्रांसिस की क्रूरता को दबाया नहीं जा सकता।
केवल ट्रेंड चलाने से काम नहीं चलेगा । हर ट्वीट को
@goacm@DrPramodPSawant@Goa_Police टैग करो ।
लिखते जाओ
#RealeseGautamKhattar
सीधी सी बात है, जो हिन्दुत्व की बात करेगा उसको
किनारे लगा दिया जाएगा -
- नूपुर शर्मा आज तक सामान्य जीवन
नहीं जी पा रही है,
- इसी तरह टाइगर राजा सिंह, को भी
भाजपा ने किनारे लगा दिया,
- साध्वी प्रज्ञा को मोदी जी कभी दिल से
माफ नहीं कर पाए,
- मोनू मानेसर सहित अन्य बहुत से गौ रक्षक हैं
जिनको जेल जाना पड़ा,
- अजीत भारती के पीछे भाजपा और उसका IT cell
पहले से पड़ा ही है,
- एक अन्य राष्ट्रवादी सोशल मीडिया influencer
रतन रंजन के पास भी गुजरात भाजपा का
लव लैटर पहुंच गया है,
- विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल जैसे हिन्दू संगठनों
की क्या हालत हो गई देश में सबको पता ही है,
- अब हिंदू विरोधी, कनवर्जन के पुरोधा
सेंट जेवियर फ्रांसिस के बारे में तथ्य बताने पर
गौतम खट्टर और उनके भाई को गोवा पुलिस
ने गिरफ्तार कर लिया
चुनौती यह है कि आप एक ऐसे मुस्लिम या ईसाई और अब तो अम्बेडकर वादी को भी इस लिस्ट में शामिल कर सकते हैं, को दिखाएं जिसे हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने पर सरकार ने इतनी कड़ी और त्वरित कार्रवाई की हो ...?
सच में सनातन द्रोहियों के लिए अमृत काल चल रहा है।
General category ~96 marks → Rejected
ST category ~ 3.797 marks → Accepted
This is not education.
This is not justice.
This is Dr Ambedkar’s poisonous reservation system openly raping merit in broad daylight.
96 > 3.797, yet caste certificate beats talent.
Thanks to Dr. Ambedkar and his bhakts ~ you’ve successfully turned India’s universities into garbage dumps where competence is punished and incompetence is rewarded.
Ban reservation.
Restore merit.
Or watch this country burn.
“Panditon ki wajah se Hindu dharma ko nuksan hua” — Nitin Gadkari Blame the very people who preserved the dharma for centuries.
Look at the hatred of RSS for dharmshashtras and Brahmins ?
@RituRathaur@chitrapadhi@parathachai@DeepikaSharmaa_
इनको जंतर मंतर पर आंदोलन करने की इजाजत कैसे मिली??
इसलिए मिली क्योंकि ये UGC नियमों का समर्थन करने के लिए रखी गई थी!
यही बताता है कि सरकार की मंशा क्या है??
#UGC_RollBack
I have seen no country where a person getting 0 marks can get admission but not 93…..
No doubt we are moving towards being vishwaguru
Shame on the Education department !