'शूद्रों को उच्च वर्गों की सेवा करनी चाहिए’: IIT मंडी में जन्माष्टमी पर जाति आधारित पोस्टर पर बवाल, निदेशक ने बिठाई जांच
रिपोर्ट: @GitaSunilPillai
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जो लोग कहते हैं कि देश में छुआछूत खत्म हो चुका है, उन्हें ये वीडियो देखना चाहिए 👇
⦿ दलितों को कांच के ग्लास के बजाय, प्लास्टिक के ग्लास में चाय दी जा रही है
⦿ कई जगहों पर दलितों को चाय पीने के लिए घर से ग्लास लाना पड़ता है
⦿ चाय की दुकान वाले कह रहे हैं- अगर हमने दलितों को कांच के ग्लास में चाय दे दी, तो बाकी लोग चाय नहीं पिएं��े
छुआछूत वो सामाजिक बीमारी है, जो हमारे देश को अंदर से खोखला कर रही है- हमें मिलकर इस मानसिकता को खत्म ��रना होगा।
- 40 की कटऑफ तुरंत याद आ जाता है लेकिन -13 मार्क्स में सरकारी नौकरी का मजा लेने को भूल जाते है । यदि इतने ही ईमानदारी से बात करते हो सब तो सारा सच क्यों नहीं बताते।
Ews सुनते आग क्यों लग जाती है 🤣🤣
लोग ias ips बन लिए हमें कुछ मिलता नहीं है 🤣 ढोंग करा लो बस
ब्रो का नाम संदीप रघुवंशी है ।
ब्रो UPSC 2023 क्रैक करके IAS बन गया है ।
ब्रो गुना स्कूल से लेकर IIT - IIM की पढ़ाई किया है ।
ब्रो IAS ऑफिसर बनने से पहले 5000 रुपये में एथिक्स कोर्स बेच थे ।
ब्रो UPSC का EWS के तहत फार्म भरा था ।
ब्रो के माता - पिता सरकारी मास्टर है ।
ब्रो के पिता जी डेयरी भी चलाते है ।
ब्रो की पत्नी NUTANIX नामक कंपनी में मैनेजर है ।
ब्रो की शादी 2021 में हो गए थी , जिसका सैलरी 55 लाख के आस - पास है ।
ब्रो बस इतने से गरीब है ।
"मैं ब्राह्मण हूँ, मेरे घर में छुआछूत होता है।"
जातिवाद की भयावह सच्चाई को स्वीकार करके उसे जड़ से खत्म करना ही सच्ची देशभक्ति है। तभी राष्ट्र निर्माण होगा।
मनुवादी मानसिकता वाले ब्राह्मणों को इस भाई से कुछ
सीखना चाहिए। SC, ST, OBC के खिलाफ ज़हर उगलकर आप न केवल देश को तोड़ रहे हो, बल्कि समाज में अपने लिए द्वेष भी फ���ला रहे हो। मत भूलिए कि यह मनुस्मृति का दौर नहीं है कि आप वर्णाश्रम जैसी घटिया व्यवस्था को धर्म-संस्कृति का चोला पहनाकर जस्टिफाई कर लेंगे। गलत। दुनिया बदल रही है। आप भी गोमूत्र से पवित्रता वाली अपनी मानसिकता से ऊपर निकल जाइए।
वरना किसने रोका है आपको? ब्रह्मांड को हिलाने वाली क्रांति जारी रखि��। आप दलितों-पिछड़ों के खिलाफ जितना ज़हर उगलेंगे, समाज उतना ही गोलबंद होगा और इस ब्राह्मण प्रभुत्व वाली व्यवस्था को खत्म करके ही दम लेगा। जड़ तो हिल ही रही है। यह तो आप जानते ही हैं। बाकी आपकी मर्जी।
नाम – अभिजीत दीपके
कैटेगरी – दलित
स्थान – पुणे
उम्र – 30 साल
शिक्षा – पुणे से जर्नलिज्म, अमेरिका से पब्लिक रिलेशन में मास्टर डिग्री।
उपलब्धि – सिर्फ एक महीना में दुनिया का सबसे बड़ा आंदोलन खड़ा किया,और मोदी के शिक्षा मंत्री का लौड़े लगा दिया।
चुटिया बोलते है दलित काबिल नहीं।