"जब रिश्तों की सीमाएँ धुंधली होने लगें, तब सतर्क होने का समय आ जाता है। भरोसा किसी भी रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन स्वस्थ सीमाएँ और पारदर्शिता भी उतनी ही ज़रूरी हैं। किसी भी रिश्ते में असहजता महसूस हो तो जल्दबाज़ी में निष्कर्ष निकालने के बजाय खुलकर संवाद करें।"