ELECTION COMMISSION OF BJP ने अब कोलकाता के उस office में आग लगवा दी जहां करीब 4,000 EVM रखी थी।
अब जब EVM ही जला दी गयी, रिकॉर्ड ही खत्म कर दिए गए, तो सवाल कौन पूछेगा और जवाब कौन देगा?
ये सिर्फ आग नहीं लगाई गयी है, सच को राख में बदला गया है।
"ना रहेगा बांस, ना बजेगी बांसुरी" ये सीधी सीधी तानाशाही है !
“जांच करने वाले खुद बेइमान। ये क्या करेंगे जांच?
“भगवान ही करेंगे जांच।”
श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास का,
राम मंदिर दान चोरी पर बड़ा बयान।
“जो कभी साइकिल पर चलते थे, वे आज बड़ी-बड़ी गाड़ियों में घूम रहे हैं और आलीशान भवनों में रह रहे हैं।”
एंकर: आपने गया है “कहां छिपाकर ले जाओगी चोली के रसगुल्ला”
मनोज तिवारी: मैंने यह गाना नहीं गाया
एंकर: मेरे पास वीडियो है
मनोज तिवारी: वीडियो दिखाइए, मेरा गाना हो ही नहीं सकता
एंकर ने वीडियो चला दी -तिवारी जी चारों खाने चित्त
इन वाहियात शब्दों वाले महिला सम्मान की बात करते हैं
CBSE अध्यक्ष - ट्रांसफ़र।
CBSE सचिव - ट्रांसफ़र।
एक-सदस्यीय “जाँच” समिति - गठित।
और असल ज़िम्मेदार, धर्मेंद्र प्रधान - सुरक्षित।
अधिकारियों को हटा दिया। मंत्री को बचा लिया।
यह जवाबदेही नहीं - यह cover-up है।
हमारी माँग आज भी वही है: शिक्षा मंत्री को बर्ख़ास्त किया जाए और स्वतंत्र न्यायिक जाँच हो - ये मांगें कोई मोदी सरकार की एक महीने पुरानी अंदरूनी फ़ाइल नहीं जो यूं ही भुला दी जाए।
अगर प्रधानमंत्री को 18.5 लाख CBSE छात्रों की परवाह होती - धर्मेंद्र प्रधान जी कब के हटाए जा चुके होते।
पक्का कोई बहुत कम उम्र के विधायक या MLC होंगे तभी सरकारी गनर लेके घूम रहे हैं,
वरना सरकार इतनी बेवक़ूफ़ थोड़ी है जो उत्तरप्रदेश पुलिस का एक आरक्षी ऐसे किसी के साथ घूमने दे।
खैर मुझे क्या मैं चला सत्तू पीने!
Khan Sir ने कहा दिल्ली के चाणक्यपुरी में एक प्राइवेट स्कूल को 8 एकड़ जमीन केवल एक रुपए में दी गयी.
Khan Sir ने बताया इस स्कूल की फीस इतनी महंगी है कि आम आदमी के बच्चे नही पढ़ पाते.
Khan Sir ने कहा, इसी स्कूल में एक बड़े पत्रकार के बच्चे पढ़ते हैं.
इस स्कूल ने दिल्ली के सबसे पॉश इलाके में 8 एकड़ भूमि एक रुपए में हासिल कर 60% सीट A ग्रेड सरकारी अफसरों के बच्चे के लिए आरक्षित कर दिया.
मामला दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहा है. बात शिक्षा माफिया पर नही हो रही है. कम दरों पर शिक्षा उपलब्ध कराने वाले शिक्षकों को टारगेट कर देश कर शिक्षा माफिया को संरक्षण दिया जा रहा है.
बर्गर पत्रकार अंजना को ये कॉन्ट्रवर्सी महंगी पड़ गयी है इनके लिए.....
मैग डी में नकली टिक्की मिलना मुद्दा नहीं है।
फ्रोजन फ़ूड से स्वास्थ्य खराब होना मुद्दा नहीं है।
मिड डे मील में साँप मिलना मुद्दा नहीं है।
NSUI वाले सड़कों पर लाठियां खा रहे है,
और मीडिया की आंखों के तारे प्रदर्शन करने के पहले पुलिस थाने जाकर परमिशन मांगेंगे।
कितने चैनल्स ने आज @VinodJakharIN
को लाठियां खाते ये तस्वीरें TV पर दिखाई?
जब भाजपा के राज में विकसित भारत के झूठ का इतिहास लिखा जाएगा, तब क्या एक बेबस बेटी का ये ‘आख़िरी ख़त’ भी लगाया जाएगा।
भाजपा समर्थकों से सीधी अपील : क्या ये पत्र भी आपकी आँखें नहीं खोल सकता है?
#NEET#NEET_LEAK#CBSE
“नरेंद्र मोदी वीक है
तभी तो पेपर लीक है"
पेपर लीक और परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ विपक्ष सड़क पर है लेकिन गोदी मीडिया की आँख पर पट्टी और मुँह में मेलोडी भरी हुई है.
आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। आकांक्षा के पिता किसान हैं। बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर ₹3 लाख का कर्ज़ लिया। और नागपुर में खुद कुक की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहाँ coaching कर सके।
एक पिता ने जो कर सकता था, सब किया।
फिर NEET पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। उस अनिश्चितता में आकांक्षा हमें छोड़ कर चली गई।
आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं - मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था की देन है।
और धर्मेंद्र प्रधान जी? आज भी कुर्सी पर हैं।
फिर वही कमेटी। वही ट्रांसफर। वही जाँच। न सुधार, न न्याय।
मोदी जी, कुर्सी स्थायी नहीं होती - आती-जाती रहती है। लेकिन आपने 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस हद तक बर्बाद किया है, उसकी कीमत भारत की एक पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है।
भाई साहब को केजरीवाल और आप पार्टी जनता के मुद्दे नहीं उठाने दे रही थी। इसलिए भाई साहब भाजपा में चले गये थे। लेकिन तब से भाई जी जाग ही नहीं रहे, CBSE हो गया, NEET हो गया, लेखपाल पेपर लीक हो गया। Gen जी सड़कों पर है। पर प्रिय मित्र राघव जाग ही नहीं रहे। उनकी तबियत की दुआ करता हूँ।