Opposition MPs protest against the Modi government's mishandling of the students' movement, and demand the resignation of Education Minister Dharmendra Pradhan
📍Makar Dwaar, New Delhi
छात्रों की मांग है 👇
⦿ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें
⦿ जिन लोगों ने छात्रों के साथ मारपीट की और उनका अपमान किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो
⦿ नरेंद्र मोदी छात्रों के साथ हुए व्यवहार के लिए माफी मांगें
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
साथियों, आज कांग्रेस पार्टी की तरफ से मेरठ में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित होना था, जहां हमें छात्रों के मुद्दों पर चर्चा करनी थी। लेकिन प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल पर ताला लगा दिया, भारी पुलिस बल तैनात कर दिया और हमारे कार्यकर्ताओं व छात्रों के घरों पर पुलिस बिठाकर उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया।
मैं पूछना चाहता हूं कि क्या देश में मौलिक अधिकार सुरक्षित हैं या अघोषित इमरजेंसी लागू कर दी गई है? देश में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, छात्रों पर लाठियां चलाई जा रही हैं। सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज़ दबाने में लगी है।
मैं मेरठ के छात्रों से न पहुंच पाने के लिए माफ़ी मांगता हूं। आप चिंता मत कीजिए, आपकी लड़ाई हम संविधान के दायरे में रहकर पूरी मजबूती से लड़ेंगे, बस कानून को अपने हाथ में मत लीजिएगा।
- प्रभारी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष- अनुसूचित जाति विभाग, AICC श्री राजेन्द्र पाल गौतम (@AdvRajendraPal) जी
आज पता चला कि BJP के कुछ कार्यकर्ता हमारे कांग्रेस मुख्यालय की तरफ आ रहे थे। हमने भी अपने मेहमानों के 'खास स्वागत' की पूरी तैयारी कर ली थी!
लेकिन डरी हुई भाजपा सरकार ने भारी पुलिस बल भेजकर घेराबंदी करवा दी और अपने ही लोगों को रोक दिया।
BJP वाले याद रखें—कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता शांत और सज्जन ज़रूर है, लेकिन ईंट का जवाब पत्थर से देने के लिए हर तरह से सक्षम और तैयार भी है!
#Congress #UttarPradesh #YouthCongress #AjayRai
आज हर छात्र कह रहा है, पुलिसवाले कह रहे हैं, पूरा देश कह रहा है - मोदी सरकार को जाना पड़ेगा।
विपक्ष के नेता के रूप में मेरी ज़िम्मेदारी हर भारतीय की आवाज़ बनना है - और उसके लिए हर कीमत छोटी है।
देश का छात्र कह रहा है - “हमारा कोई भविष्य नहीं।”
और इस सरकार के मंत्री कह रहे हैं - “हमारी कुर्सी नहीं जाएगी।”
जिस देश में छात्र भविष्य खो दे और मंत्री कुर्सी न खोए - वहां न्याय है ही नहीं।
नरेंद्र मोदी की पुलिस ने छात्रों के साथ जो बर्बरता की, उसके खिलाफ आज विपक्ष के नेताओं ने संसद परिसर में धरना प्रदर्शन किया।
छात्रों पर लाठियां चलवाने के लिए नरेंद्र मोदी को माफ़ी मांगनी चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तुरंत लेना चाहिए।
तानाशाह सरकार डर कर काँप रही है।
पहले शिक्षा व्यवस्था को बरबाद किया,
करोड़ों बच्चों का भविष्य बिगाड़ा,
150 से ज़्यादा पेपर लीक करवाए,
25 बच्चों की जान चली गई ,
जब छात्र न्याय माँगने सड़कों पर उतरे,
तो उनपर लाठीचार्ज किया, डंडे बरसाए !
संसद के गेट बंद करवाकर, सांसदों को क़ैद किया,
Debate के लिए साझा विपक्ष की बात नहीं मानी,
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त नहीं किया,
मोदी जी छात्रों पर अत्याचार पर मौन रहे,
गृह मंत्री जिनका दिल्ली पुलिस पर नियंत्रण है,
हमारी माँग करने के बावजूद उनका कोई बयान नहीं आया !!
अब जब कांग्रेस और विपक्ष के सांसद प्रधानमंत्री निवास के आगे धरना दे रहे हैं तो हमारे सांसदों को घसीट-घसीट कर ले गए है।
नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi को बलपूर्वक ले जाया गया है।
ये कौन सा लोकतंत्र है?
We have marched to PM Modi’s house to demand answers from him for the brutalities against young students yesterday.
The Government doesn’t want to take any accountability or does it want to have a debate on it in Parliament.
PM and HM must resign for destroying the future of India’s youth.
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
“बब्बर शेर को गिरफ्तार करके उसकी दहाड़ नहीं रोकी जाती,
युवा की आवाज़ दबती नहीं, इतिहास बदल जाती है।”
देश के जन-जन की आवाज़, नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री@RahulGandhi जी और श्रीमती @priyankagandhi जी की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रधानमंत्री जी, यह राजनीति की तुच्छता और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पतन का एक बेहद चिंताजनक उदाहरण है।
देश का युवा आज निष्पक्ष भर्ती, पारदर्शी परीक्षाओं और अपने भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहा है। जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुआ व्यवहार पहले ही चिंता का विषय था। अब छात्र- छात्राओं की आवाज़ बनकर उनके समर्थन में खड़े राहुल गांधी जी, प्रियंका गांधी जी और विपक्ष के सांसदों के साथ की गई कार्रवाई यह संदेश देती है कि सरकार सवालों का जवाब देने के बजाय आवाज़ों को दबाने का रास्ता चुन रही है।
यह लड़ाई किसी एक दल की नहीं, बल्कि करोड़ों छात्र- छात्राओं और युवाओं के भविष्य की है। लोकतंत्र में लाठियाँ और गिरफ्तारियाँ समाधान नहीं होतीं। सरकार को छात्र- छात्राओं की मांगों पर जवाब देना होगा, दमन की राजनीति बंद करनी होगी, शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करना होगा और लोकतंत्र के आदर्श मानकों को स्थापित करना होगा।
The core tenets of the Modi government are Asatya and Hinsa.
The removal of Sonam Wangchuk ji from Jantar Mantar while he was on a non-violent hunger strike is wrong.
Paper leaks, the rising cost of education, and student suicides are critical issues for India’s future.
No amount of force can deter India’s students, and those of us who love and believe in them, from raising these issues.
#ChhatronKiGoonj
The successful flight of Vikram-1, India’s first privately developed orbital rocket, is a tribute to years of patience, precision and quiet work by scientists, engineers and technicians.
My congratulations to the remarkable young team at Skyroot Aerospace, and to everyone at ISRO and IN-SPACe who supported this mission.
India is strongest when public institutions and private enterprise build upon each other’s capabilities in the service of science and society, and when our youth are given the opportunity and trust to turn ambitious ideas into reality.