#Dharti_Upar_Swarg
संत रामपाल जी महाराज अपने तत्वज्ञान से समाज में फैली सामाजिक बुराइयों जैसे दहेज प्रथा, भात परम्परा, शास्त्र विपरीत त्यौहार, व्यर्थ की परम्पराएं, व्यर्थ की रीति रिवाज समाप्त कर रहे हैं। जिससे धरती बनेगी स्वर्ग समान।
Sant Rampal Ji Maharaj
#Dharti_Upar_Swarg
संत रामपाल जी महाराज अपने तत्वज्ञान से समाज में फैली सामाजिक बुराइयों जैसे दहेज प्रथा, भात परम्परा, शास्त्र विपरीत त्यौहार, व्यर्थ की परम्पराएं, व्यर्थ की रीति रिवाज समाप्त कर रहे हैं। जिससे धरती बनेगी स्वर्ग समान।
Sant Rampal Ji Maharaj
#Dharti_Upar_Swarg
धरती ऊपर स्वर्ग पुस्तक पढ़ने से समाज में फैली बुराइयों के बारे में ज्ञान होता है तथा परमात्मा के द्वारा बनाये गए संविधान को सही रूप से पालन करने में मदद मिलती है।
Sant Rampal Ji Maharaj
#Dharti_Upar_Swarg
धरती ऊपर स्वर्ग पुस्तक पढ़ने से समाज में फैली बुराइयों के बारे में ज्ञान होता है तथा परमात्मा के द्वारा बनाये गए संविधान को सही रूप से पालन करने में मदद मिलती है।
Sant Rampal Ji Maharaj
#SpiritualMessageOnShivratri
क्या आप जानते हैं भगवान शंकर जी ने माता पार्वती को अमरनाथ पर कौनसा अमर मंत्र दिया था ? जानने के लिए पढ़ें पुस्तक "ज्ञान गंगा"
Gyan Ganga
#SpiritualMessageOnShivratri
क्या आप जानते हैं भगवान शंकर जी ने माता पार्वती को अमरनाथ पर कौनसा अमर मंत्र दिया था ? जानने के लिए पढ़ें पुस्तक "ज्ञान गंगा"
Gyan Ganga
#SpiritualMessageOnShivratri
शिवरात्रि जो शिव जी के भक्तों के लिए पवित्र त्योहारों में से एक है। श्रद्धालुओं द्वारा भगवान शिव को अविनाशी, मृत्युंजय माना जाता है। परंतु क्या वास्तविकता में शिव जी मृत्युंजय हैं और क्या शिवरात्रि के व्रत से कुछ लाभ संभव है? जानने के लिए पढ़िए
#SpiritualMessageOnShivratri
शिवरात्रि जो शिव जी के भक्तों के लिए पवित्र त्योहारों में से एक है। श्रद्धालुओं द्वारा भगवान शिव को अविनाशी, मृत्युंजय माना जाता है। परंतु क्या वास्तविकता में शिव जी मृत्युंजय हैं और क्या शिवरात्रि के व्रत से कुछ लाभ संभव है? जानने के लिए पढ़िए
#SpiritualMessageOnShivratri
शिवरात्रि पर जानिए शिव जी को तमोगुणी क्यों कहा जाता है, उनको तमोगुण अर्थात् विनाश करने का कार्यभार किसने प्रदान किया है ? जानने के लिए पढ़िए पुस्तक "ज्ञान गंगा"
Gyan Ganga
#SpiritualMessageOnShivratri
शिवरात्रि पर जानिए शिव जी को तमोगुणी क्यों कहा जाता है, उनको तमोगुण अर्थात् विनाश करने का कार्यभार किसने प्रदान किया है ? जानने के लिए पढ़िए पुस्तक "ज्ञान गंगा"
Gyan Ganga
#SpiritualMessageOnShivratri
क्या आप जानते हैं भगवान शंकर जी ने माता पार्वती को अमरनाथ पर कौनसा अमर मंत्र दिया था ? जानने के लिए पढ़ें पुस्तक "ज्ञान गंगा"
Gyan Ganga
#SpiritualMessageOnShivratri
क्या आप जानते हैं भगवान शंकर जी ने माता पार्वती को अमरनाथ पर कौनसा अमर मंत्र दिया था ? जानने के लिए पढ़ें पुस्तक "ज्ञान गंगा"
Gyan Ganga
#राधास्वामी_पंथ_की_सच्चाई
सावन सिंह जी महाराज के दो शिष्यों ने बिना सावन सिंह जी के आदेश के अपना-अपना पंथ शुरू किया। ये कृपाल सिंह थे जिन्होंने दिल्ली में एक आश्रम शुरू किया और खेमा मल (बलूचिस्तानी शाह मस्ताना) जिन्होंने सिरसा (वर्तमान हरियाणा में) में डेरा सच्चा सौदा शुरू किया।
#राधास्वामी_पंथ_की_सच्चाई
सावन सिंह जी महाराज के दो शिष्यों ने बिना सावन सिंह जी के आदेश के अपना-अपना पंथ शुरू किया। ये कृपाल सिंह थे जिन्होंने दिल्ली में एक आश्रम शुरू किया और खेमा मल (बलूचिस्तानी शाह मस्ताना) जिन्होंने सिरसा (वर्तमान हरियाणा में) में डेरा सच्चा सौदा शुरू किया।
#राधास्वामी_पंथ_की_सच्चाई
सावन सिंह जी महाराज सतनाम के बारे में कुछ नहीं जानते थे।
सावन सिंह जी के अनुसार राधा स्वामी की पुस्तक "संतमत प्रकाश" भाग-4, पृष्ठ नं. 261-
" हमारी जाति सतनाम है और हमारा धर्म सतपुरुष है ।" (हमारी जाति सतनाम है और हमारा धर्म सतपुरुष है।)
Kabir Is God
#राधास्वामी_पंथ_की_सच्चाई
सावन सिंह जी महाराज सतनाम के बारे में कुछ नहीं जानते थे।
सावन सिंह जी के अनुसार राधा स्वामी की पुस्तक "संतमत प्रकाश" भाग-4, पृष्ठ नं. 261-
" हमारी जाति सतनाम है और हमारा धर्म सतपुरुष है ।" (हमारी जाति सतनाम है और हमारा धर्म सतपुरुष है।)
Kabir Is God
#आदिपुरुष_कबीर
पूर्ण परमात्मा कविर्देव चारों युगों में आए हैं। सृष्टी व वेदों की रचना से पूर्व भी अनामी लोक में मानव सदृश कविर्देव नाम से विद्यमान थे। कबीर परमात्मा ने फिर सतलोक की रचना की, बाद में परब्रह्म, ब्रह्म के लोकों व वेदों की रचना की इसलिए वेदों में कविर्देव का विवरण है
#आदिपुरुष_कबीर
पूर्ण परमात्मा कविर्देव चारों युगों में आए हैं। सृष्टी व वेदों की रचना से पूर्व भी अनामी लोक में मानव सदृश कविर्देव नाम से विद्यमान थे। कबीर परमात्मा ने फिर सतलोक की रचना की, बाद में परब्रह्म, ब्रह्म के लोकों व वेदों की रचना की इसलिए वेदों में कविर्देव का विवरण है
#आदिपुरुष_कबीर
श्रीमद्भगवद गीता अध्याय 8 का श्लोक 3 में
गीता ज्ञान दाता ब्रह्म भगवान ने कहा है कि वह परम अक्षर ‘ब्रह्म‘ है जो जीवात्मा के साथ सदा रहने वाला है।
वह परम अक्षर ब्रह्म गीता ज्ञान दाता से अन्य है, वह कबीर परमात्मा हैं।
Kabir Is God