जो लोग आज युवाओं के आज़ादी के नारों से परेशान हैं,वही लोग कल आज़ादी के आन्दोलन से भी परेशान थे
ये एक ही विचारधारा के लोग हैं।तब इन्होंने भारत की आज़ादी के आन्दोलन से ग़द्दारी की थी,आज भारत के संविधान के साथ ग़द्दारी कर रहे हैं
इतिहास आज भी इनपे शर्मिंदा है,कल भी इनको धिक्कारेगा