उम्मीद है आपको ये जानकर आश्चर्य नहीं होगा ,
जब उन 44 जवानों की पार्थिव शरीर लाया जा रहा था,,
तब भी कुछ कश्मीरी सुअर, उनपर भी पत्थर मार रहे !
अब खून का बदला खून ,जवान के बदले जवान
जितने आहत उन 40+ वीरों के शहीद होने से नहीं हुआ,,
उससे कही ज्यादा, घर मे छुपे सुअर के पिल्लों से हो रहा ,जो इस बर्बरता के लिए जश्न मना रहे ,और कुछ बुद्धिजीवियों के तर्क देख कर तोह मन कर रहा उनके चेहरे पर तेजाब फेंक दे
😡😡😡Satendra savita