बिलकुल् भर्ती में पात्रता को लेकर अभ्यर्थियों का सवाल बिल्कुल जायज़ है।
अगर EEE और कुछ दूसरी Engineering branches को भी eligible मानकर Tier-II/Interview तक बुलाया गया है, तो KVS को साफ बताना चाहिए
जब Notification में eligibility तय थी, तो ये branches किस नियम के तहत eligible हुईं?
क्या कोई Equivalence Order है?
अगर है तो कब जारी हुआ और candidates को इसकी जानकारी कब दी गई?
जिन अभ्यर्थियों ने Notification देखकर अपनी तैयारी और आवेदन किया, उनके लिए नियम बीच रास्ते में बदलने जैसी स्थिति क्यों बने?
किसी branch को मौका देने का विरोध नहीं है,
KVS को अभ्यर्थियों के इस सवाल का स्पष्ट और आधिकारिक जवाब देना चाहिए।
#KVSTGT #KVSRecruitment2025
नई दिल्ली, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग कार्यालय में माननीय अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति जी से केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय के अभ्यर्थियों को OBC-NCL प्रमाण पत्र सत्यापन में आ रही समस्याओं को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। माननीय अध्यक्ष जी ने समस्या का संज्ञान लेकर यथोचित समाधान हेतु आश्वासित किया।
बिहार के माननीय मुख्यमंत्री @samrat4bjp एवं माननीय शिक्षा मंत्री @mkrtiwari_bjp जी के पास ऐतिहासिक मौक़ा है कि बिहार के राज्यकर्मी शिक्षकों को फिक्स्ड पे से निजात दिलाते हुए 7th Pay का पूर्ण लाभ दिए जाने की घोषणा करें।
@VijayKChy@SanjayJhaBihar@narendramodi
#BiharTeachersNeed7thPay
बिहार के माननीय मुख्यमंत्री @samrat4bjp जी और माननीय शिक्षा मंत्री @mkrtiwari_bjp जी आपसे अनुरोध है की बिहार के लाखों शिक्षकों को चाइनीज वेतन से मुक्त कर सातवें वेतनमान के अनुरूप शिक्षकों के लिए वेतनमान की घोषणा करे । बिहार के लाखों शिक्षकों को आपसे उम्मीद है की आपकी सरकार में शिक्षकों को सम्मान के साथ साथ वेतनमान का लाभ मिलेगा ।
#BiharTeachersNeed7thPay
बिहार की राजनीति में तवा भी गर्म है, और रोटी भी अधपकी। बस जनता हर बार जल जा रही है।
लालू जी रसोई में सत्ता की रोटी तवे पर पलट भी जाए गी—तब भी बिहार के आम आदमी का भूखा रह जाना तय है|
बिहार को 20 साल से कच्चा ही छोड़ दिया है, जलना तो दूर अभी रोटी पकी नहीं है ।”
बिहार को रोटी-तवा नहीं, विज़न और एक्शन चाहिए महाराज - जनता के मुद्दे कब तक मज़ाक बने रहेंगे है|
#BiharElection2025
@firstbiharnews@BJP4Bihar@samrat4bjp भारत का सातवां सबसे पुराना विश्वविद्यालय पटना यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा क्यों नही देना चाहती हैं वर्तमान भारत सरकार।
आप की बात मान लेते हैं
ये बताइये डी.एल.एड. किये छात्र हाईस्कूल में शिक्षक क्यो नही बन सकते हैं जबकि B.Ed. करके भी छात्र M.Ed. कर सकते हैं और D.El.Ed. करके भी छात्र M.Ed. कर सकते हैं।
यदि आप न्याय की ही बात करते हैं तो सम्पूर्ण न्याय की बात कीजिए आधा न्याय की बात क्यों करते हैं।
#JusticeForBEd
बी.एड. पास करने वाले प्राथमिक शिक्षक क्यों नहीं बन सकते हैं सुप्रीम कोर्ट? बी.एड. से दुश्मनी क्यों? वे पाँचवीं क्लास तक के बच्चों को क्यों नहीं पढ़ा सकते? आप लोग तो बिना परीक्षा पास किए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जज बन रहे हो।
केंद्र सरकार को तत्काल अध्यादेश और फिर विधेयक लाकर सुप्रीम कोर्ट के इस जनविरोधी सनकी फ़ैसले को पलटना चाहिए।
कोलिजियम से चुने हुए जज लोग कृपया पॉलिसी न बनाएँ। पॉलिसी बनाने के लिए हमने सरकार चुनी है। वो बनाएगी पॉलिसी। हमें समस्या होगा तो हम सरकार बदल लेंगे। यही संविधान की व्यवस्था है।
जज लोग अपनी हद में रहें।
बहुत ज़रूरी हुआ तो सिलेक्शन के बाद इन टीचर को तीन महीने का शिशु मनोविज्ञान का अलग कोर्स करवा दें। वैसे बीएड में ये सब पढ़ाते ही हैं। @narendramodi@AmitShah@dpradhanbjp@arjunrammeghwal
सच को झूठ समझ कर क्यों परेशान हैं
धैर्य खोकर,उम्मीद खोकर क्यों हैरान हैं
आग लगती है तभी कहीं धुआं उठता है
अभी यकीन करना भले मुश्किल लगता है
आगे मुश्किल नहीं मुमकिन होगा मान लो
बस दिन बीत रहे,अब महीने नहीं बीतेंगे
जो कहा था,कह रहा हूं,मान लो फिर वही
उम्मीद है तो भरोसा भी सीख लो,