@myogiadityanath बहुत बहुत धन्यवाद 🙏 आपका .. यह जागरूकता और कड़ाई से सड़क के नियमों का पालन करना ही सरकार का दायित्व बनता है और राज्य के नागरिकों के सुरक्षा को सुनिश्चित करता है 🙏🙏😊
@DmMaharajganj आपको एवं आपके परिवार को भी आंग्ल नव वर्ष २०२६ की हार्दिक शुभकामनाएँ..!! बाबा विश्वनाथ एवं प्रभु श्रीराम की कृपादृष्टि सदैव आप पर बनी रहें 💐💐🙏🙏
@DmMaharajganj@maharajganjpol सिंगल उसे पॉलीथिन का पूर्ण रूप से सफाया ही हमारे स्थानीय पर्यावरण के लिए बहुत ही उपयोगी है..!! जब भी मैं अपने गाँव बरवा खुर्द जाता हूँ जो महराजगंज में ही है और वहाँ के लोकल मार्केट में पॉलीथिन का प्रयोग ना होते हुए देखना मुझे काफ़ी हर्षित करता है 🙏😊
@DmMaharajganj महोदय एक पर्यावरणविद होने के नाते हम आपके इस मुहिम को सपोर्ट करते है आज के सतत विकाश के लिए यह कदम बहुत ही जरूरी है और अपने ग्राम सभा में भी एक जागरूक अभियान कराने का अनुरोध करते है ..!! 🙏🙏🙏
@DmMaharajganj बहुत ही सुंदर पहल @DmMaharajganj 🙏🙏
आपसे अनुरोध है की हो सके तो हमारे ग्राम सभा बरवा खुर्द थाना घुघली में भी ऐसा आयोजन कराया जाए..! हमारे ग्रामवासियों के लिए बहुत ही गौरवशाली पाल होगा और आपके माध्यम से बाल विवाह और उसके कुपरिणाम के बारे में अवगत भी होंगे..!!
भारत के लड़कियों ने भी क्रिकेट फील्ड में जारी रखा ऑपरेशन सिंदूर का विजयी रथ..!!
चार रविवार में चार वार और दुश्मन परास्त 😊🙏❤️
जय हिन्द.. जय भारत… जय हिन्द की सेना.. 🫡🫡
#मेरे_हनुमान_की_रामकथा_3#सीता_खोज_का_गूगलमैप
🙏🙏#जय_श्री_राम🙏🙏
गोस्वामी जी लिखते है की
कह अंगद लोचन भरि बारी। दुहुँ प्रकार भइ मृत्यु हमारी॥
इहाँ न सुधि सीता कै पाई। उहाँ गएँ मारिहि कपिराई॥
जब कपियों का दल समुद्र के किनारे पहुँचा तो वो लोग परेशान हो गए और अंगद जी आँख में पानी लिये कहते है की अगर आगे जाते है तब पानी में डूब कर मरेंगे और वापस जाते है तब वानरराज सुग्रीव मार देंगें 😒॥
आगे परेशानी की बात ये भी थी की समुद्र के उस पार को किस तरफ़ से जाना है क्योंकि GPS और Google Map तो था नहीं उस समय …😊
ऐसा विचार करके सभी कपी लोगो ने तय किया की अब यही प्रभु के श्री चरणों का प्रार्थना शुरू करते है या तो हम उनके चरणों में अपना प्राण त्याग कर देंगे और नहीं तो प्रभु हमे उस पार जाने का कोई उपाय बतायेंगे॥
जैसे सबने प्रार्थना शुरू ही की थी तभी एक पंखविहीन वृद्ध गिद्ध उनके सामने पहुँचा और बोला की मैं बहुत दिनों से भूखा हूँ और शायद आज भगवान ने मेरी सुन ली है और तुमलोगों को यहाँ भेज दिया है…!!!
ऐसा सुनते ही अंगद जी ने बोला की एक वो गिद्धराज थे जो भगवान श्री राम के कार्य हेतु अपने प्राण की क़ुर्बानी दे दी और एक ये गिद्ध है जो भगवान श्री राम के कार्य करने जा रहे दुतो का ही भक्षण करना चाहते है …. धन्य हो गिद्धराज जटायु …. 🙏🙏
जटायु नाम सुनते ही बूढ़े गिद्ध ने बोला की अरे क्या हुआ मेरे छोटे भाई जटायु को कैसे और किसने उसका बध किया, मैं उसका भाई संपाती हूँ और अपने युवा काल में एक बार हम दोनों ने सूर्य के ऊपर धावा बोल दिया था तब जटायु सूर्य के पराक्रम को समझ कर बीच से ही लौट आया और मैं बल के घमंड में आगे बढ़ गया और सूर्य देव के किरणों ने मेरे पंख को जला दिया ! तब से मैं यही पड़ा हूँ और प्रभु का वंदन कर रहा हूँ एक बार एक ऋषि ने मुझसे कहा था की त्रेता युग में प्रभु राम के दूत आपसे मिलेंगे और आप उनका मदद करेंगे तब आपके शरीर में नये पंख आयेंगे !!
उसके बाद कपियों के सहायता से संपाती जी ने रामेश्वरम सुमुंद्र तट पर अपने भाई जटायु का विधि विधान से तर्पण किया…. तब जामवंत जी ने उनसे कहा की हे संपाती जी ! आप हमारी सहायता कीजिए और बताइए की सीता जी समुंदर के उस पार कहाँ हैं क्योंकि आप लोग तो १५० से २०० जोजन तो ऐसे ही देख लेते हो ।
गोस्वामी जी कहते है की
गिरि त्रिकूट ऊपर बस लंका। तहँ रह रावन सहज असंका॥
तहँ असोक उपबन जहँ रहई। सीता बैठि सोच रत अहई॥
संपाती जी ने कहा की ज़रूर मदद करूँगा और फिर वो अपने गिद्ध दृष्टि से देखकर बताते है की समुद्र के उस पार त्रिकूट पर्वत के एक चोटी पर रावण का नगर लंका है और उसी में माता सीता अशोक बाटिका में बैठे हुए दिख रही है ॥ और उसके बाद उनमे नये पंखों का संचार हुआ जिसे पाकर वो फुले नहीं समाये ॥
तब जामवन्त जी बोलते है की अब तो आपको नवपंख मिल गये तो क्या आप हमारी और मदद कर सकते है??? क्या समुद्र पार कर माता के पास प्रभु श्री राम का संदेश पहुँचा सकते है… तब संपाती जी कहते है की ही जामवन्त जी अब मैं बूढ़ा हो गया हूँ और मुझसे ये नहीं हो पाएगा लेकिन आपके दल में जो कपी एक छलांग में १०० जोजन पार कर जाएगा वो ये काम कर लेगा ॥
जामवन्त जी ने सबसे पूछा तो अंगद जी ने कहा चले तो जाऊँगा पर आने में संदेह है ( कारण जानने के लिए #मेरे_हनुमान_की_रामकथा_02 पढ़े) और फिर हनुमान जी गये क्योकि वो तो इस धरा पर प्रभु कार्य करने के लिए ही आये हैं ।।।
पवन पुत्र के लिए बाबा कहते भी है ना
कवन सो काज कठिन जग माहीं।जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं॥
राम काज लगि तव अवतारा। सुनतहिं भयउ पर्बताकारा॥🙏🙏
अब इसी के साथ #जय_श्री_राम आज का कथा थोड़ा लंबा हो गया पर आशा है कि आपको पसंद आया होगा…. चलिए फिर मिलते है…अगले सप्ताह सुंदरकांड के एक और अनछुए पहलू के साथ ॥॥
तब तक #जय_श्री_राम और #जय_शंकर 🙏🙏
आपलोग ज़रूर से बताइएगा की कैसा लगा आपलोगों को #मेरे_हनुमान_की_रामकथा_03😊 साथ ही साथ आपलोगों के सुझाओं का इंतज़ार रहेगा ॥
🙏🙏
आलोक
Reading my poem बस्ते का बोझ (Weight of the School Bag) at the 3rd International Literature Festival organised by Sahitya Akademi, New Delhi, at Patna from 25th to 28th September 2025 was a sheer privilege!
As young boys and girls in the late 80s and 90s, if you came from a rural world as mine; if your parents were small and poor farmers, but so much wished you didn't turn up like them, like my parents did; if they sent you to the village school every morning, often applying mild force, because nothing could stop them from thinking day and night that you walked a different path, found a different purpose for life, without having any means to support you, but inspired by a great faith and imagination that EDUCATION could do the magic for you and them, and could turn things around, eventually; and even though they knew so well, and felt an unexpressed pain that Education would take you away from them emotionally, mentally, and then physically, as you grew into an adolescent, it was all fine for them to be left behind alone with the fields, the plough, the oxen and the barn, because they saw a different dream for you; if this is all yours too, this poem is as much yours as mine!
@sahityaakademi@MinOfCultureGoI@EduMinOfIndia@DrSukantaBJP@jayantrld@dpradhanbjp@PMOIndia@narendramodi
#मेरे_हनुमान_की_रामकथा_02#हनुमान_जी_एवं_अक्षय_कुमार
🙏🙏#जय_श्री_राम🙏🙏
जब समुद्र पार करके रावण के लंका को जाने की बात आयी तो वहाँ पर उपस्थित दल में दो ऐसे महाबली थे जो ये कार्य कर सकते थे । एक थे भक्तशिरोमणी हनुमान जी और दूसरे थे महाबली अंगद ।
जामवन्त जी ने अंगद जी से कहा की वत्स तुम जाओ और माता सीता का पता लगाकर आओ… तब अंगद जी बोले की हे तात! मैं तो चला जाऊँगा पर लौट के आ पाऊँगा इसमें थोड़ा संदेह हैं ।
जामवन्त जी ने पूछा कि ऐसा क्यों है वत्स ??
अंगद जी ने बोला की हे पितामह! कारण है अक्षय कुमार ॥
मैं और रावण पुत्र अक्षय कुमार एक ही गुरुकुल से शिक्षा ग्रहण किए है और गुरुकुल में रहने के दौरान मैं अक्षय कुमार को बहुत परेशान करता था और वो हमेशा गुरु जी से मेरा शिकायत करते रहता था ।एक दिन गुरु जी ने मुझे शरारत करते हुए देख लिया और श्राप दिया की बड़े होने पर किसी भी युद्ध में मैं अक्षय कुमार को परास्त नहीं कर पाऊँगा । इसीलिए जाने को तो मैं जा सकता हूँ पर अगर अक्षय कुमार से मेरी भिड़ंत हो गई तो गुरु जी के श्राप से या तो वो मेरा वध कर देगा या मुझे बंदी बना लेगा ॥
तब जामवन्त जी ने हनुमान जी को सीता माता का पता लगाने के लिए बोला तब शायद अंगद जी ने अपने हनुमान काका को बोला होगा की काका अगर अक्षय कुमार मिल जाये तो आप उसे देख लीजिएगा 😊॥
यही कारण है की हनुमान जी ने अक्षय कुमार का वध कर दिया जबकि वो चाहते तो अक्षय कुमार के साथ भी रावण के पास जा सकते थे ॥॥
गोस्वामी जी हनुमान चालीसा में लिखते भी है की
अक्षय कुमार को मारी सहारा
लूम लपेट लंक को जारा ॥॥
अब इसी के साथ #जय_श्री_राम आज के लिये बस इतना ही…. फिर मिलते है…अगले सप्ताह सुंदरकांड एवं उससे जुड़े एक और अनछुए पहलू के साथ ॥॥
तब तक #जय_श्री_राम और #जय_शंकर 🙏🙏
आपलोग ज़रूर से बताइएगा की कैसा लगा आपलोगों को #मेरे_हनुमान_की_रामकथा_02….😊 साथ ही साथ आपलोगों के सुझाओं का इंतज़ार रहेगा ॥
🙏🙏
आलोक…!!!
अमेरिका को जरूरत होगा वो उसे रूस या चाइना से ख़रीदेगा मगर… तेल, रक्षा के समान … दूसरे देश पहले उसी से ख़रीदे, रूस से नहीं..!!
ट्रम्प चा ये कहा की दादागिरी है.. जिसको जहाँ से मन होगा वहाँ से ख़रीदेगा और अपने मुद्रा में ख़रीदेगा
आने वाला समय डॉलर का तेल निकलेगा और वैश्विक स्तर पर यूरो जैसे ब्रिक्स का भी मुद्रा आ जाए..!!
जो करना है कर लीजिए.. किसी का कुछ ना बिगड़ ना पाइएगा आप 😊😂😜
उत्तर प्रदेश में जातीगत रैली और FIR में जाति को लिखने पर रोक लगा दी गई है..!!
एक स्वागतयोग्य कदम यूपी सरकार के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर 🙏🙏
अब नोएडा और दिल्ली से सटे यूपी के इलाकों में गाड़ियो पर के बहुत से स्लोगन का क्या होगा.. 😊😀😂
बहुत बहुत धन्यवाद @myogiadityanath@CMOfficeUP@BJP4UP@UPGovt@MLJ_GoI@TheJusticeDept
#मेरे_हनुमान_की_रामकथा -01 : #सुंदरकांड ही नाम क्यों ??
🙏🙏 #जय_श्री_राम 🙏🙏
रामायण में सात कांड है और इन सात काण्डों के नाम हैं - बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किन्धाकाण्ड, सुन्दरकाण्ड, लंकाकाण्ड (युद्धकाण्ड) और उत्तरकाण्ड। छन्दों की संख्या के अनुसार बालकाण्ड और किष्किन्धाकाण्ड क्रमशः सबसे बड़े और छोटे काण्ड हैं। इन सारे कांड के नाम से आप उनके विषयों के बारे में समझ जाएँगे पर सुंदर कांड में आप भक्त शिरोमणि हनुमान जी के लीलाओ के बारे में जानते है पर इस कांड का नाम हनुमान कांड क्यों नहीं पड़ा??? है ना ये सोचने वाली बात 🤔….!!
तो बात यह है कि आप लोग रामायण में बालकाण्ड को छोड़ दे तो बाक़ी सब कांड का नाम जगह के ऊपर है जहां पर प्रभु श्री राम ने अपने कार्यों को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में किया है..!! केवल सुंदर कांड ही ऐसा कांड है जिसमे हनुमान जी ने समुंदर से लेकर लंका तक अपने बल बुद्धि का परिचय दिया हैं..!!!
शायद आपलोगों को मालूम हो की सुंदर भी एक जगह का नाम है जहां से ये सुंदरकांड सुरु होता है और वही पर समाप्त होता है …. आप बोलोगे कैसे तो गोस्वामी जी लिखते है की
सिंधु तीर एक भूधर सुंदर ।
कौतकु कूदि चढ़ेउ ता ऊपर ॥
मतलब जब जामवन्त जी ने हनुमान जी को उनके बल बुद्धि एवं क्षमता का याद दिलाया तब हनुमान जी वही पर समुंदर के किनारे स्थित सुंदर नाम के छोटे से पर्वत पर चढ़ गये और जय श्री राम के नाम का उद्घोष करने लगे और वही से लंका के लिये प्रस्थान किए और फिर सीता माता का पता लगा कर लंका को जलाकर वापस उसी सुंदर पर्वत पर उतरे …..!!!
इस तरह इसी सुंदर पर्वत से हनुमान जी के बल बुद्धि विद्या का प्रदर्शन सुरु होता है और प्रभु के दिये कार्य को संपादित करके यही पर वापसी होता हैं और यह कांड सुंदरकांड कहलाता है..!!! 🙏🙏
🙏🙏#जय_श्री_राम 🙏🙏
चलिए आपको चलते चलते सुंदरकांड की एक और विशेषता बताते चलता हूँ॥
सुंदरकांड के पहले किष्किन्धा कांड है जहाँ पर सुग्रीव केवल विचार ही करते रहते है, जिसे आज के कॉर्पोरेट जगत के भाषा में बात करे तो केवल प्लानिंग ही करते रहते है ॥
बाद के लंका कांड में जहाँ रावण के द्वारा केवल एक्सक्यूशन मतलब बिना प्लानिंग के कार्यों का संपादन ही होते रहता है जैसे युद्ध में बिना प्लान के लड़ाई करना..!!
बीच में सुंदर कांड हैं जहाँ पर भक्त शिरोमणि हनुमान जी ने प्लानिंग एवं एक्सक्यूशन का बेहतरीन उदाहरण दिये है चाहे वो अपने काका मैनाक पर्वत के अनुरोध को यह कह कर माना करना की
राम काज किए बिनू मोहे कहा विश्राम ॥
और सुरसा से अपने बुद्धि कौशल से निपटना , राहु के माता सिम्हिका एवं ब्रह्मा से वरदान प्राप्त लंका की प्रहरी लंकनी का वध जिसने हनुमान जी को बोला की
प्रविष नगर कीजे सब काजा ।
हिरदय राखी कोषालपुर राजा ॥
अब इसी के साथ आज के लिए 🙏#जय_श्री_राम 🙏
आपलोगों ज़रूर बताइएगा की कैसा लगा आपलोगों को #मेरे_हनुमान_की_रामकथा_01….😊 साथ ही साथ आपलोगों के सुझाओं का इंतज़ार रहेगा ॥
🙏🙏
आलोक…!!!