हरियाणा के जिला पलवल के थाना सदर क्षेत्र के गाँव दिगौट में 26 जून को दलित परिवार पर हुआ जानलेवा हमला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि संविधान, सामाजिक न्याय और दलित समुदाय की सुरक्षा पर सीधा हमला है।
पीड़ित परिवार के अनुसार, उनको जातिसूचक गालियाँ दी गईं और घर में घुसकर लाठी-डंडों, लोहे की रॉड, कुल्हाड़ी सहित घातक हथियारों से हमला किया गया, जिसमें परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए।
सबसे गंभीर बात यह है कि घटना को इतने दिन बीत जाने के बाद भी यदि मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं और पुलिस केवल अन्य लोगों की गिरफ्तारी कर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास कर रही है, तो यह न्याय प्रक्रिया पर गंभीर सवाल है।
मुख्यमंत्री @NayabSainiBJP, दलित परिवार पर खुलेआम हमला करने वालों को बचाने का कोई भी प्रयास कानून के शासन और संविधान की मूल भावना के साथ विश्वासघात होगा।
हम @cmohry में मांग करते हैं कि सभी नामजद और वास्तविक आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा, सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा और न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ।
दूसरों के जीवन के गहरे राज़ उजागर करने का दावा करने वाले ढोंगी बाबा, आज राम के नाम पर हुए इतने बड़े घोटाले के दोषियों का नाम बताने से क्यों डर रहे हैं? 'जान के खतरे' का बहाना बनाकर नाम लेने से बचने का स्वांग रच रहे हैं। जब ईश्वर की पर्ची के नाम पर इतना बड़ा धार्मिक व्यापार खड़ा कर दिया, तो आज ईश्वर के घर में हुई इस कथित लूट पर बाबा के चमत्कारिक दावे कहाँ गायब हो गए?
सच तो यह है कि चमत्कार के नाम पर सदियों से जनता को मूर्ख बनाया जाता रहा है। अब लोगों को समझ जाना चाहिए कि न्याय धर्मग्रंथों या पर्चियों से नहीं, बल्कि देश के संविधान, कानून और पुलिस की जांच से ही मिलेगा।
पिछड़े वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के लिए “छत्रपति शाहूजी महाराज” एवं “परम पूज्य भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी” के नाम पर ओवरसीज स्कॉलरशिप योजना प्रारंभ किए जाने के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी को पत्र लिखा।
@UPGovt@CMOfficeUP
आज दवा व्यापारियों द्वारा ऑनलाइन ई-फार्मेसी और ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ की जा रही बंदी और आंदोलन एक गंभीर विषय है।
हमारा मानना है कि दवा जैसी आवश्यक सेवा के क्षेत्र में पारदर्शी और सख्त नियमन अत्यंत आवश्यक है।ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिना उचित नियंत्रण के दवाओं की उपलब्धता, मूल्य निर्धारण में अनियमितता तथा छोटे मेडिकल स्टोरों पर बढ़ता दबाव एक वास्तविक चिंता का विषय है, जिस पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी आंदोलन या बंदी के कारण आम मरीजों को दवा और उपचार में कोई कठिनाई न हो। आपातकालीन सेवाएं और अस्पताल क्षेत्रों में दवाओं की उपलब्धता हर स्थिति में बनी रहनी चाहिए।
@MoHFW_INDIA से आग्रह है कि वह दवा व्यापारियों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और संबंधित नियामक संस्थाओं के साथ व्यापक संवाद कर ऐसी नीति तैयार करे, जो जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के साथ-साथ छोटे व्यापारियों के हितों की भी रक्षा करे।
@mygovindia@JPNadda
शुभेंदु अधिकारी कितने बड़े वाले भ्रष्ट हैं, ये बात नरेंद्र मोदी बता रहे हैं.
ये वीडियो 2016 का है.
अब उन्हीं शुभेंदु अधिकारी को मोदी ने पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री बना दिया है.
मोदी का फंडा साफ है- खूब खाओ, मुझे भी खिलाओ.. जमकर भ्रष्टाचार फैलाओ.
स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मुद्दे पर मेरे द्वारा 27 मार्च को सोशल मीडिया के माध्यम से आवाज उठाई गई थी। इसके उपरांत, लोकसभा में मेरे द्वारा पूछे गए प्रश्न पर 2 अप्रैल को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री @mlkhattar जी ने अपने उत्तर में स्पष्ट किया कि विद्युत अधिनियम की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ता की सहमति के बिना प्रीपेड मोड लागू नहीं किया जा सकता है तथा प्रीपेड स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं, बल्कि स्वैच्छिक हैं।
इस संबंध में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा जारी अधिसूचना में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इसके बावजूद, केंद्र के निर्देशों को दरकिनार करते हुए उत्तर प्रदेश में सम्मानित जनता को गुमराह कर, भय का माहौल बनाकर तथा पुलिस की मौजूदगी में जबरन स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। जब जनता इस अन्यायपूर्ण कृत्य का विरोध करती है, तो उस पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
मेरा सवाल है कि मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, प्रदेश की सम्मानित जनता इसे किसी डील की मजबूरी क्यों करार दे रही है? इससे सरकार की विश्वसनीयता और इकबाल पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, यदि सम्मानित जनता पर लगाए गए ये फर्जी मुकदमे शीघ्र वापस नहीं लिए जाते हैं, तो भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) पूरे प्रदेश में व्यापक जन आंदोलन करने को मजबूर होगी।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद के थाना खागा क्षेत्र में बहुजन युवती के साथ हुई घटना बेहद गंभीर, चिंताजनक और मानवता को झकझोर देने वाली है।
24 अप्रैल को युवती अपने मंगेतर के साथ निकली थी, तभी जातंकवादियों ने उन्हें रोककर जंगल में बंधक बना लिया। दोनों के साथ मारपीट की गई, अश्लील वीडियो बनाए गए और युवती के साथ दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध का आरोप सामने आया है। इतना ही नहीं, वीडियो वायरल करने की धमकी देकर जबरन पैसे भी ट्रांसफर कराए गए।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़ित पक्ष द्वारा कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थानीय पुलिस की ओर से तत्परता नहीं दिखाई गई, जिससे पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। और अभी तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना इन सवालों को और भी गहरा करता है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, यदि आपकी पुलिस इस गंभीर मामले को “संदिग्ध” बताकर हल्का करने की कोशिश कर रही है, तो यह पीड़िता के न्याय के अधिकार के साथ सीधा अन्याय है और कानून के प्रति विश्वास को कमजोर करने वाला है।
@UPGovt से हमारी मांगें-पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।पीड़िता को सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और न्याय दिलाया जाए। पुलिस की लापरवाही की भी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए
न्याय में देरी, न्याय से इनकार के समान है। अब समय है कि सरकार और प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाए।
@CMOfficeUP
कॉमर्शियल गैस की बेतहाशा बढ़ोतरी ने देश में करोड़ों गरीबों, मजदूरों, छात्रों और छोटे कारोबारियों की जिंदगी पर सीधा हमला है।
सिर्फ 5 महीनों में 19 किलो के कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1635 रुपये से बढ़कर 3125.50 रुपये तक पहुंच जाना बताता है कि बाजार में किस तरह बेलगाम लूट चल रही है। “व्यावसायिक उपयोग” का बहाना बनाकर सरकार जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है, जबकि इसकी पूरी कीमत आम जनता चुका रही है।
सबसे शर्मनाक बात यह है कि “छोटू” जैसे 5 किलो के सिलेंडर, जो गरीब और छोटे कामगारों का सहारा था, उसकी कीमत 599 रुपये से बढ़ाकर 840.50 रुपये कर दी गई है। यानी जो सिलेंडर पहले 1543 रुपये में मिल जाता था, अब उसके लिए 1784.50 रुपये चुकाने पड़ेंगे। यह सिर्फ बढ़ोतरी नहीं, बल्कि गरीब की थाली पर सीधा प्रहार है।
चूल्हे ठंडे हैं, महंगाई अब आसमान में है,
भाजपा का राज है, आम जन इम्तिहान में है।
तमिलनाडु के जिले विरुधुनगर के कट्टनारपट्टी इलाके
में पटाखा फैक्टरी में हुआ भीषण विस्फोट बेहद दुखद, पीड़ादायक और चिंताजनक है। इस हादसे में 16 मजदूरों की मृत्यु और कई लोगों के घायल होने की खबर अत्यंत हृदय विदारक है। हम शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
कुछ दिनों पहले भी इसी जिले में ऐसा हादसा हुआ था। यह सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है।आखिर कब तक मजदूरों की जान यूं ही जोखिम में डाली जाएगी?
हम @TNeGA_Official मांग करते हैं कि: इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।सभी पटाखा फैक्ट्रियों की सुरक्षा ऑडिट कर कड़े मानकों को लागू किया जाए
@CMOTamilnadu@mkstalin
उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर जनपद के करंडा थाना क्षेत्र में पिछड़े काष्ठ-शिल्पी कामगार समाज की एक नाबालिग बेटी के साथ 14 अप्रैल को चार जातंकवादियों युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म कर उसकी निर्मम हत्या करने की घटना अत्यंत दुखद, शर्मनाक और दण्डनीय है।
इस जघन्य अपराध के बावजूद पीड़ित परिवार को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सबसे हैरानी और आक्रोश की बात यह है कि घटना के कई दिन बाद, 18-19 अप्रैल की रात को जाकर किसी तरह FIR दर्ज हो पाई। यह देरी साफ तौर पर प्रशासन और पुलिस की लापरवाही और संवेदनहीनता को दर्शाती है।
यदि ऐसे गंभीर मामलों में भी पुलिस तत्परता नहीं दिखाती, तो यह न्याय व्यवस्था पर गहरा सवाल खड़ा करता है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि: सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और उन पर सख्त से सख्त धाराओं में कार्रवाई हो।मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर जल्द से जल्द दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, सुरक्षा और हर संभव सहायता प्रदान की जाए। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
@CMOfficeUP
जिसने हिंदु धर्म को खत्म करने के लिए 22 प्रतिज्ञाएं ली हो, विशाल हिंदू सम्मेलन के पोस्टर में उसका फोटो होना अपने आप में विरोधाभास है।
संघ या तो अंबेडकर को हिंदू बनने में लगा है या तो देश को भीमराष्ट्र।
निष्कर्ष- संघ और बीजेपी हिन्दुओं को मुर्ख बनाने में लगे हुए हैं।
जिसने हिंदु धर्म को खत्म करने के लिए 22 प्रतिज्ञाएं ली हो, विशाल हिंदू सम्मेलन के पोस्टर में उसका फोटो होना अपने आप में विरोधाभास है।
संघ या तो अंबेडकर को हिंदू बनने में लगा है या तो देश को भीमराष्ट्र।
निष्कर्ष- संघ और बीजेपी हिन्दुओं को मुर्ख बनाने में लगे हुए हैं।
मैं कृषि मंत्री और किसान हूँ, मैं आपको पूरे विश्वास के साथ कह रहा हूँ कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में हुए कृषि समझौते भारत के किसानों के हित में हैं।
कुछ लोग गलतफहमी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, रोज झूठ बोलते हैं। AI कॉन्फ्रेंस में जाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कपड़े उतारे। ये भारत माता का अपमान है।
अन्नदाता का मान, देश की असली पहचान! 🌾🇮🇳
जब किसान के चेहरे पर मुस्कान आती है, तब देश की नींव और भी मजबूत होती है।
24 फरवरी, 2019 को प्रधानमंत्री श्री
@narendramodi
द्वारा शुरू की गई PM-KISAN योजना आज करोड़ों किसानों के लिए 'सम्मान' और 'सहारा' दोनों बन चुकी है।
हर साल ₹6000 की सीधी मदद, बिना किसी बिचौलिए के, सीधे बैंक खाते में। यह सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि किसानों के पसीने की कद्र और उनके उज्ज्वल भविष्य का एक वादा है।
खेती में बढ़ता निवेश और कम होता कर्ज—यही है आत्मनिर्भर भारत की नई कहानी।
आइए, मिलकर अपने अन्नदाताओं के सामर्थ्य को सलाम करें! 💪🚜
#7YearsOfPMKisan