An illustrious career comes to an end 🇮🇳
Thank you @ajinkyarahane88 for your immense contribution to Indian cricket and all the memories that will be cherished forever
Wishing you the very best in your next chapter
#TeamIndia | #ThankYouAjinkya
छात्र किसी भी देश की सबसे बड़ी उम्मीद होते हैं। उनकी आवाज़ को सुना जाना चाहिए, समझा जाना चाहिए और उसका सम्मान होना चाहिए।
मेरी केवल एक प्रार्थना है—अपनी लड़ाई, अपना मुद्दा और अपनी सोच किसी और के हाथों का औज़ार मत बनने दीजिए।
यह संदेश किसी के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि हमारे युवाओं के भविष्य के पक्ष में है।
सुरक्षित रहिए, जागरूक रहिए और अपने विवेक पर हमेशा भरोसा रखिए। जय हिन्द! ❤️🇮🇳🙏
सालों से गैर-ज़िम्मेदार रहे देश के नेता, सिस्टम और मीडिया अब परेशान होकर सड़कों पर उतरे युवाओं से ज़िम्मेदारी की उम्मीद कर रहे हैं।
लाठियाँ और गोलियाँ खाने के बाद भी युवा अपनी ज़िम्मेदारी निभाने की कोशिश कर रहा है।
जिला कलक्टर ने आमजन से कि स्व-गणना की अपील
1 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना का विकल्प मिलेगा
https://t.co/QB6RGoPaul पोर्टल के माध्यम से करें स्व-गणना - जिला कलक्टर
https://t.co/ti7mG6WSv4
@DIPRRajasthan
ये जीतू मुंडा हैं. इनके कंधे पर इनकी बहन कालरा मुंडा का कंकाल है.
दरअसल, जीतू की बहन कालरा की 2 महीने पहले मौत हो गई.
कालरा जीतू को बता गईं कि उनके बैंक खाते में 19,300 रुपए हैं, जिसे जीतू निकाल लें.
जीतू ओडिशा ग्रामीण बैंक पहुंचे. बैंक के कर्मचारियों न कहा- जिसका खाता है उसे लाओ या डेथ सर्टिफिकेट और कानूनी वारिस होने का प्रमाण दो.
सर्टिफिकेट बनवाना गरीब जीतू के लिए पहाड़ चढ़ने सा था, उन्होंने आसान रास्ता चुना.
जीतू ने बहन की कब्र खोदी, कंकाल को बोरी में भरा और कंधे पर कंकाल को लादकर बैंक पहुंच गए. इस दौरान जीतू 5 किलोमीटर ऐसे ही चलते रहे. रास्ते में जिसने भी ये देखा, वो स्तब्ध रह गया.
सोचिए.. अपने देश में ये है गरीबी का हाल, 19,300 रुपए के लिए लोग ऐसा खौफनाक कदम उठा रहे हैं.
फिर आएंगे न्यूज एंकर जो चिल्लाएंगे कि हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं... सॉरी, अब तो छठवीं अर्थव्यवस्था हो गए हैं.
ये है असल भारत
संविधान निर्माता, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।
सामाजिक न्याय के महान शिल्पकार और करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत बाबा साहेब का जीवन, उनका संघर्ष और भेदभाव रहित, समतामूलक समाज की स्थापना के उनके विचार हम सभी के लिए सदैव प्रेरणादायक रहेंगे।
आज के दिन हम सभी को सामाजिक न्याय के मूल्यों को अपनाने और संविधान की रक्षा करने का संकल्प लेना चाहिए।
Mother’s Milk Is Not Ours 👍
Even Shri Amitabh Bachchan ji has acknowledged a simple truth..
a mother’s milk in the dairy industry is meant for her baby, not for humans.
Milk does not come from machines.
It comes from a mother who is forcefully bred, separated from her child, and milked for profit.
Her baby is deprived of nourishment and love, while we are taught to see milk as “normal” and “essential”.
Motherhood is sacred; for every species.
Respecting mothers also means respecting the right of animal mothers to feed their own babies.
It’s time to question habits, traditions, and industries built on injustice.
Choose food that does not come from suffering.
देश हमारा कहां जा रहा ?
कहो नरेंदर,मज़ा आ रहा?
इलाहाबाद परियाग हो गया
और बनारस क्योटा
धनीराम का खेत बिक गया
थार बचा ना लोटा
टूटी चप्पल पहन के मनसुख
बोरा उठा रहा है
और हमारा देसी नीरो
बंसी बजा रहा है
देश हमारा कहां जा रहा ?
कहो नरेंदर,मज़ा आ रहा ?