इसके अलावा वरुण मौजूदा समय के यूपी बीजेपी के कई नेताओं के मुकाबले बड़े नेता है और पॉपुलैरिटी में भी वो मौजूदा यूपी सीएम से भी कम नहीं है। इसके अलावा प्रदेश के किसानों और युवाओं में उनकी खास पकड़ हैं। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान खासकर राहुल गांधी को ये बात समझने की काफी जरुरत है।
कर्नाटक चुनाव खासकर हुबली धारवाड़ सेंट्रल के नतीजों को देखकर एक सवाल मन में आया है। जब आरएसएस के दफ्तरों और सभाओं में जाने वाले जगदीश शेट्टार का कांग्रेस में गले लगाकर स्वागत किया जा सकता है, जो वरुण गांधी को कांग्रेस में हाथ मिलाकर शामिल क्यों नहीं जा सकता?
वरुण गांधी कांग्रेस के लिए बड़ी जरुरत बन गए हैं। इस फैसले से कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में एक ऐसा चेहरा मिल सकता है जो मैज्योरिटी में वोट बैंक में अच्छी खासी सेंध लगा सकता है।
भारत जोड़ो यात्रा के बाद राहुल गांधी के लिए संसद काफी छोटी जगह हो गई थी, अब पूरा देश उनका संसद होगा। जहां वो खड़े हो जाएंगे, आम जनता लोकसभा स्पीकर के तौर उन्हें सुनेगी और सरकार अपनी छाती पीटने के अलावा कुछ नहीं कर सकेगी।
@RahulGandhi@narendramodi@loksabhaspeaker
अब @RahulGandhi को पूरे देश को ही संसद मान लेना चाहिए और कहीं भी खड़े होकर अपना मत रखना चाहिए। जो संसद आम जनता के बीच में चले उससे बेहतर क्या हो सकता है। यही असली लोकतंत्र है...
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