सौरव दास और आशुतोष रांका को ज़मानत मिल गई। इन दो नौजवानों ने ऐसा कुछ नही किया था कि सात दिनों तक जेल में डाला जाता। उनके लिए राहत की ख़बर है लेकिन हरदीप सिंह पुरी टेंशन में न आ जाएं। आज उनकी तस्वीर वायरल हो रही है। भारत की जनता ज्ञानेश के बाद कहीं हरदीप के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़क पर न आ जाए। गोदी मीडिया को आज इस पर बहस करनी चाहिए कि कैसे एपस्टीन से पुरी का मिलना भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए सही कदम था। एपस्टीन एक नारी पूजक था, तपस्वी था। उससे मिलना ग्रहों की अनंत यात्रा के चक्र के किसी ख़ास मोड़ पर ही संभव हो पाता है और यह किसी राष्ट्र के उत्थान के लिए आवश्यक होता है। गोदी ऐंकर इस तरह के फ़ायदे बताते हुए पुरी पर आरोप लगाने वालों क विदेशी साज़िश के तहत भारत में रिजीम चेंज से आसानी से जोड़ सकते हैं।
गोदी मीडिया के लंपटों,
तुम्हे सांप क्यों सूंघ गया है?
विदेशी मीडिया अब तक तांड़व कर देती...
ये तुम्हारे ताऊ लगते है क्या...?
या फिर अब्बा का कोई वीडियो आने का डर है??
#BREAKING Delhi High Court agrees to urgently hear today plea filed by CJP leaders Saurav Das and Ashutosh Ranka challenging SEM order extending their judicial custody.
Their judicial custody is ending today.