'Patriotism is the last refuge of a scoundrel' goes by the line. Against 'Headline mgmt Govt' and there organized media gang. Support every HUMAN approach.
Jailed for holding the Tiranga. The English were better than these BJP assholes.
Free Neha, free Abhijit. Free every protestors you have detained illegally.
FUCK MODI. FUCK BJP.
I’ve just reached London
It’s time the world sees the reality of vote chor and murderer of democracy.
International danka bajane ka time aa gaya hai
Join the protest tomorrow in front of Mahatma Gandhi’s statue in parliament square at 12pm if you’re here
Jai Hind 🇮🇳
ये बेहद गंभीर मामला है कि डिटेन की गई नेहा बोरा कहाँ हैं, इसकी कहीं कोई ख़बर नहीं है। एक नारी को रात में डिटेन करके कहाँ ले जाया गया है, पुलिस इसका ख़ुलासा करे। राष्ट्रीय महिला आयोग तत्काल इस अति संवेदनशील प्रकरण का संज्ञान ले।
नेहा बोरा को तुरंत रिहा किया जाए!
चार साल हो गए। इंसाफ देना ही नहीं था। राज्य में लगातार विरोध प्रदर्शन होता रहता है। अगर जी- प्रिंटर से नतीजों के प्रिंट निकाल लाने का गुमान नहीं होता तो कोई भी राजनीतिक दल राज्यपाल का पद नहीं देता। पहले इंसाफ करता। इसका क्या बचाव हो सकता है कि चार साल से राज्य की जनता अंकिता के इंसाफ को लेकर संघर्ष कर रही है। उत्तराखंड की जनता के उस हिस्से की दाद देनी होगी जो आए दिन इसे लेकर सड़क पर उतरती है। बड़ी बात है।
#BreakingNews: अमित शाह ने सुबह का सूरज निकलने के पहले एक बडी गिरफ्तारी को अंजाम दिया है...
"अंकिता भंडारी के बूढ़े माँ बाप को गिरफ्तार करके"
क्योंकी VVIP दुष्यंत गौतम जान से प्यारा है,
इसलिए उसे गवर्नर बनाया गया है। शाबाश।।
नरेंद्र मोदी ने सुबह 4 बजे पुलिस भेजकर अंकिता के माता-पिता को गिरफ्तार करवा दिया.
'VIP' दुष्यंत गौतम को बचाने के लिए नरेंद्र मोदी ने हद पार कर दी है.
पहले उसे राज्यपाल बना दिया, अब जब अंकिता के माता-पिता इंसाफ मांग रहे हैं तो उनकी आवाज को कुचला जा रहा है.
शर्मनाक!
LoP Rahul Gandhi ji and Priyanka Gandhi ji reach India Gate to stand with Ankita Bhandari’s grieving family.
Her parents are still fighting for justice, while Modi appoints VVIP BJP’s Dushyant Gautam as Governor.
A Governor’s chair for Gautam. Where is justice for Ankita? 💔
इतने लोग छुड़ा रहे हैं तब भी मारकर अधमरा कर चुकी है।
अगर अकेले पा जाए तो जान ले लेगी।
ऐसी मानसिक विक्षिप्त महिला को किसलिए ड्यूटी पर लगाया गया है?
@NCWIndia को तो कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा है।
विरोध करने वाला हर कोई इनका जानी दुश्मन हो गया है।
When I was in Tihar jail, An SP from UP had come down to Tihar to interogate me with one of the FIR, During interrogation, He said, I've been following your facebook parody page since 2015 and Loved your Satire. Most of the police men I interacted when in Jail said, Media bikau hai. And that they only follow @ravish_journo and a few said @dhruv_rathee.
3-4 पुलिस वाले मिलकर बुरी तरह मारे हैं।
बस में एक लड़की को पीटने वाला वीडियो सब देख चुके हैं।
प्रोटेस्ट से सैकड़ो वीडियो देख ही चुके हैं-जहां मार रहे हैं असॉल्ट कर रहे हैं, बॉडी पार्ट्स रगड़ रहे हैं।
फ्रस्ट्रेटेड क्रिमिनल माइंड्स भरे पड़े हैं पुलिस में।
अमित शाह जी- ध्यान से देख लीजिए, ये हिंदुस्तान है 👇
यहां न कोई हिंदू है, न मुस्लिम। न पुरुष है, न महिला। न कोई जाति है। यहां सिर्फ एक आवाज है, एक प्रोटेस्ट है- ये हिंदुस्तान है।
नरेंद्र मोदी और अमित शाह, आप दोनों इस आवाज के सामने खड़े मत होइए, क्योंकि इसके सामने कोई खड़ा नहीं हो सकता।
मैं सभी युवाओं और छात्रों से कह रहा हूं कि आप वीडियो एविडेंस रखिए।
जब ये मामला ख़त्म हो जाएगा, तब हम इन सबूतों का इस्तेमाल करेंगे और ऊपर से लेकर नीचे तक सबको सजा दिलाएंगे। कोई बचेगा नहीं।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
याम मीरा सिंह जो बता रहे हैं उसके लिए भयावह शब्द भी कम पड़ जाए। जब पुलिस ही आपको भीड़ के हवाले कर दे तब क्या करेंगे? यह तो भीड़ पुलिस को चला रही है। फिर कुछ दिनों बाद पुलिस क्या करेगी।
This was a young boy who did not even carry a placard. Look at the cops unleashing their wrath on him. I tried telling them its against the SC guidelines but who cares about law anymore
ज्ञानेश कुमार को लगा था कि SIR के नाम पर करोड़ों लोगों के वोट काट देंगे। जो कहानी सुनाएँगे, जनता सुनकर सो जाएगी? पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए समय नहीं था मगर SIR करना ही था। प्रक्रियाओं और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में वोट छीनने के अपराध से बच नहीं सकते। शर्म आनी चाहिए कि उनके इस्तीफ़े, SIR रद्द करने की माँग को लेकर जनता सड़क पर है। पिछले साल राहुल गांधी ने शालीन शब्दों में महादेवपुरा और अलंद में वोट चोरी का उदाहरण दिया था तब ज्ञानेश कूमार प्रेस कांफ्रेंस करने आए और राहुल गांधी से हलफनामा और माफीनामा मांगने लगे थे। इस बार राहुल गांधी ज्ञानेश कुमार को चोर बोल रहे हैं, ज्ञानेश कुमार चुप हैं। क्योंकि जनता को चोरी की यह कहानी समझ आ गई है। यह दिन भी देखना था। चुनाव आयुक्त इस देश के हीरो हुआ करते थे, आज उन्हें चोर कहा जा रहा है।