Humble tributes to Babasaheb Ambedkar on his Mahaparinirvan Diwas.
His timeless legacy of equality, justice and human dignity strengthens my resolve to defend the Constitution and inspires our collective struggle for a more inclusive, compassionate India.
सामाजिक न्याय के मजबूत स्तंभ और महान श्रमिक नेता बाबा आढाव जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद और एक अपूरणीय क्षति है।
वंचितों, शोषितों और मजदूरों के अधिकारों के लिए उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। पुणे से उठी उनकी संघर्ष की ज्योति ने देशभर में मशाल बन कर सामाजिक न्याय की राह को रौशन किया।
इस दुःख की घड़ी में उनके शोकाकुल परिवारजनों और असंख्य साथियों को अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।
मोहन 'भागवत जी को आदेश' देना चाहिए प्राइम मिनिस्टर को यह घोषणा करें,
कि आज के बाद कोई जाति नहीं होगी देश में सब 'भारतीय होंगे और भारतीय' होने पर गौरव महसूस करेंगे।
-नगीना सांसद,चंद्रशेखर आज़ाद।
@BhimArmyChief
यह बाबसाहेब के प्रपौत्र हैं - डा. राजरत्न अंबेडकर
साफ़ बता रहे हैं कि कैसे आरक्षण पर @RahulGandhi के ख़िलाफ़ भ्रम फैलाने के लिए BJP ने इन पर दबाव बनाया
लेकिन असली अंबेडकरआईट होने के नाते उनको राहुल जी के कथन में कुछ ग़लत नहीं लगा
राहुल जी 50% आरक्षण सीमा को ख़त्म करेंगे
हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार किसी राज्य का statehood छीन कर उसे Union Territory बनाया गया है।
आज जम्मू-कश्मीर को बाहर से 'राजतंत्र' द्वारा चलाया जा रहा है, यहां का धन, अवसर, रोज़गार कश्मीरियों को नहीं, बाहर वालों को दिया जा रहा है - हम ये बिलकुल नहीं होने देंगे!
जम्मू-कश्मीर में INDIA जनबन्धन की सरकार आ रही है - हम सड़क से assembly और assembly से संसद तक राज्यत्व की मांग पूरे ज़ोर से उठाएंगे।
गारंटी से कह रहा हूं, BJP कुछ भी कर ले - INDIA आपको statehood, आपका सम्मान और आपके अधिकार दिलाकर रहेगा।
बुद्ध धरती चीरकर बाहर आए है।
तंगलान मूवी में बुद्ध के मूर्ति का सिर तोड़ने वाले ब्राह्मण और उस सिर को जोड़नेवाला अशोक!
जबरदस्त मूवी है।इस मूवी से ब्राह्मणवादी डरे हुए है।नॉर्थ इंडिया में इस मूवी को लेकर मूलनिवासी बहुजनो में जबरदस्त आकर्षण बढ़ा हुआ है।
तथाकथित मीडिया इसपर चुप है।
नफ़रत को राजनीतिक हथियार बनाकर सत्ता की सीढ़ी चढ़ने वाले देश भर में लगातार भय का राज स्थापित कर रहे हैं।
भीड़ की शक्ल में छिपे हुए नफरती तत्व कानून के राज को चुनौती देते हुए खुलेआम हिंसा फैला रहे हैं।
भाजपा सरकार से इन उपद्रवियों को खुली छूट मिली हुई है, इसीलिए उनमें ऐसा कर पाने का साहस पैदा हो गया है।
अल्पसंख्यकों, खास कर मुसलमानों पर लगातार हमले जारी हैं और सरकारी तंत्र मूक दर्शक बना देख रहा है।
ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कर कानून का इकबाल क़ायम किया जाना चाहिए।
भारत की सांप्रदायिक एकता और भारतवासियों के अधिकारों पर किसी भी तरह का हमला संविधान पर हमला है जो हम बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
भाजपा कितनी भी कोशिश कर ले - नफरत के खिलाफ भारत जोड़ने की इस ऐतिहासिक लड़ाई को हम हर हाल में जीतेंगे।
यह वीडियो भीम आर्मी चीफ का कद बताने के लिए काफी है
कुर्सी पर बैठे हैं चन्द्रशेखर आजाद और सामने खड़े हैं हमीरपुर के SDM, CO व अन्य बड़े अधिकारी। सबके हाव-भाव सब उड़े हुए हैं
यह ताकत समाज ने चन्द्रशेख़र को दी है जिसका प्रयोग वो समाज की रक्षा के लिए ही कर रहे हैं
@BhimArmyChief
कहाँ है जातिवाद? अब तो सभी एक खटिया पर बैठते हैं एक थाली में खाते हैं जातिवाद तो ख़त्म हो चुका है. लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है? देखिए BBC की इस रिपोर्ट को-
उप्र के एक भाजपा विधायक द्वारा उप्र की एक भूतपूर्व महिला मुख्यमंत्री जी के प्रति कहे गये अभद्र शब्द दर्शाते हैं कि भाजपाइयों के मन में महिलाओं और खासतौर से वंचित-शोषित समाज से आनेवालों के प्रति कितनी कटुता भरी है।
राजनीति मतभेद अपनी जगह होते हैं लेकिन एक महिला के रूप में उनका मान-सम्मान खंडित करने का किसी को भी अधिकार नहीं है। भाजपाई कह रहे हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाकर हमने गलती की थी, ये भी लोकतांत्रिक देश में जनमत का अपमान है और बिना किसी आधार के ये आरोप लगाना कि वो सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री थीं, बेहद आपत्तिजनक है। भाजपा के विधायक के ऊपर, सार्वजनिक रुप से दिये गये इस वक्तव्य के लिए मानहानि का मुक़दमा होना चाहिए।
भाजपा ऐसे विधायकों को प्रश्रय देकर महिलाओं के मान-सम्मान को गहरी ठेस पहुँचा रही है। अगर ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ भाजपा तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करती है तो मान लेना चाहिए, ये किसी एक विधायक का व्यक्तिगत विचार नहीं है बल्कि पूरी भाजपा का है।
घोर निंदनीय!