@madandilawar हम दिव्यांग हैं, बार-बार मेडिकल नहीं!
हर बार अस्पताल, लाइनें, फॉर्म — और वही दर्दनाक सवाल।
जब हमारी विकलांगता स्थायी है, तो हमें बार-बार साबित क्यों करना पड़े कि हम दिव्यांग हैं?
अब समय है इस अन्याय को रोकने
सम्मान हमारा अधिकार है, दया नहीं।
@madandilawar हम दिव्यांग हैं, बार-बार मेडिकल नहीं!
हर बार अस्पताल, लाइनें, फॉर्म — और वही दर्दनाक सवाल।
जब हमारी विकलांगता स्थायी है, तो हमें बार-बार साबित क्यों करना पड़े कि हम दिव्यांग हैं?
अब समय है इस अन्याय को रोकने
सम्मान हमारा अधिकार है, दया नहीं।