Asian Games trials: Wrestling referee turns son's 'coach' during bout, gets show-cause notice. Son loses final, dad gets notice. 5 wrestlers suspended for fake birth certificates, 1 of them got selected for U20 Asian meet. @indraneel0@Xpress_Sports https://t.co/rtLaXGOJER
Interviews with Gukesh's coach, Harsh Dubey (on his India call-up), Prakash Padukone and Pragg beating Carlsen again late on Tuesday evening in today's edition of @NewIndianXpress@indraneel0 https://t.co/73lSP0fRiE
The message to former world champions who have been hyper critical of Gukesh over the last year? Gukesh's goal isn't to meet their expectations. Had a select sitdown with Gajewski, the world champion's coach
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National record holder in women's 1500 metres K M Deeksha, who has not competed since winning the Indian Athletics Series 2, has been issued a notification of adverse analytical findings, doubtful for CWG. @thetribunechd@jomalhotra@Media_SAI
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Kohli's long overdue coronation in Ahmedabad comes thanks to their quality pace attack who made the perfect chase possible for him to have a fairytale night with RCB.
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As Rajat Patidar leads @RCBTweets to their 2nd straight IPL title, time to revisit piece @Xpress_Sports did 4 yrs ago. Signed as replacement player, Patidar postponed wedding to join team before becoming captain & leading them to two titles. @indraneel0
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A revealing chat with my fellow “anti-national Soros agents.”
Vedant and his friends are brilliant, brave young Indians who asked CBSE and the Modi government simple questions - but got insults instead of answers.
They deserve a bright and secure future. We will make sure they get it.
अंग्रेजी के एक संपादक का साधारण-मामूली दिखने का मतलबः
01 मिनट 34 सेकेण्ड तक ये शख़्स सौरभ द्विवेदी के सामने एक्सप्रेस हिन्दी की स्क्रीन पर इसी मुद्रा में खड़े रहते हैं. आधी बाजू की शर्ट पहने, दोनों हाथ आगे झुकाकर बांधे हुए. बिना किसी पहचान के यदि आप इस तस्वीर को अपने दोस्तों-रिंश्तेदारों के बीच साझा करके पूछेंगे कि इन्हें देखकर आपके दिमाग़ में क्या आता है ? संभवतः उनका जवाब होगा- साबजी ! आपने मुझे बुलाया ?
इस बीच सौरभ द्विवेदी की देह भाषा, भाव-भंगिमा बदलती रहती है. हाथ कभी कमर पर जाता है तो कभी कभी हवा में लहराता है. द्विवेदी बोलने और लिखने के स्तर पर भले ही हिन्दी की सधी और कई बार अतिविनम्र शब्दावली का प्रयोग करते हों किन्तु उनकी देह-भाषा जब तब “गेस्ट इन द न्यूज़रूम” या फिर सभा-संगोष्ठियों की अति-गुरुर में सनी छलक जाती है. इसमें द्विवेदी का बहुत ज़्यादा दोष नहीं है, दरअसल हम-आप जिस हिन्दी पट्टी से आते हैं, वहां एक सफल व्यक्ति की ये भाषा उसकी सुरक्षा कवच बनकर एक परत के तौर पर नख-शिख तक चढ़ जाती है. द्विवेदी, द लल्लनटॉप से एक्सप्रेस हिन्दी में आने के बाद अपने भीतर बहुत कुछ बदल रहे हैं, भले ही वो प्रयोगात्मक ही क्यों न हो. मुझे पूरी उम्मीद है कि वो वक़्त के साथ अति-गुरुर से सनी ये देह-भाषा भी बदलेंगे. ख़ैर,
आपमें से जो लोग द इंडियन एक्सप्रेस में संदीप द्विवेदी की स्पोर्ट्स रिपोर्ट पढ़ते आए हैं और चेहरे से नहीं जानते-पहचानते होंगे, वो आश्चर्य से भर जाएंगे कि ये शालीनता की इस हद तक स्क्रीन पर नज़र आते हैं कि आम आदमी की भीड़ के बीच का एक आदमी लगें. आप न तो इनके चश्मे की फ्रेम की ब्रांड खोजते हैं, न शर्ट की स्टाईल यूनिक लगती है, न चेहरे पर एक्सप्रेस समूह के स्पोर्ट्स एडिटर होने का गुरुर झलकता है और न ही संपादक होने का वो रौब जो आमतौर पर सभा-संगोष्ठियों में हिन्दी संपादकों में दिखना क्या, दूर से ही चू ऑब्लिक टपक रहा होता है.
01 मिनट 34 सेकेण्ड तक इस अंदाज़ में खड़े भारत के शानदार और गिने-चुने संपादकों में से एक संदीप द्विवेदी बेहद साधारण आदमी की तरह नज़र आते हैं, इस हद तक साधारण कि एक मामूली व्यक्ति के भीतर भी हैसियत और साधन के होने-न होने की सच्चाई से छिटककर दिमाग ग्लैमर और चकाचौंध में जाकर अटक गया हो. लेकिन एक बार जब संदीप द्विवेदी बोलना शुरु करते हैं तो आप साफ़ फर्क़ कर पाते हैं कि इस साधारणता के पीछे अपने काम के प्रति जो लगाव और उससे हासिल इत्मिनान है, वो ढब-ढांचे के उपर के झालर-मालर सजावट से कितनी मजबूत चीज़ है. इतनी मजबूत कि उसके आगे बाक़ी चीज़ें बहुत मायने ही नहीं रखती.
प्रिंट हो चाहे स्क्रीन, मौज़ूद दौर की पत्रकारिता जिस “कॉस्ट्यूम जर्नलिज्म़” की तरफ तेजी से बढ़ रही है, इससे आप सहज अंदाज़ा लगा सकते हैं कि हिन्दी पट्टी के निम्न-मध्यवर्ग, मध्यवर्ग के बीच से आए मीडियाकर्मियों का कितना समय, दिमाग़, ऊर्जा और संसाधन साधारण न दिखने पर खर्च होता है. पहनावे-ओढ़ावे से लेकर बीच-बीच में अंग्रेजी शब्दों और मुहावरों की वॉल-पुट्टी लगाने और जी न भरने पर इन्स्टाग्राम-फेसबुक पर अपनी जीवन-शैली को जाहिर करने की इस पूरी प्रक्रिया का मूल स्वर हुआ करता है- मुझे साधारण नहीं दिखना है. साधारण न दिखने की इस कोशिश में पत्रकारिता चाहे भले ही थर्ड क्लास की होती चली जाय, एक शानदार पेशे का भले ही बंटाधार हो जाय, कोई बात नहीं..हमें देखनेवालों का ध्यान हमारी घड़ी, जूते, बाल, एसयूवी, चॉपर पर जाकर अटक जा रही है न, वो ये देखकर चुंधिया जा रही है न, ये काफी है. अब पत्रकारिता चौकस करने के लिए चुंधियाने के लिए की जा रही है जिससे दर्शकों-पाठकों के भीतर ऐसा ही दिखने की हसरत पैदा हो. इन सबके बीच,
संदीप द्विवेदी यदि अपने से पौने उम्र के कम संपादक के सामने अंग्रेजी का टोटे बैग साइड रखकर पूरे सम्मान के साथ खड़े होते हैं तो इसका मतलब है कि ऐसे व्यक्ति ने पत्रकारिता को कॉस्ट्यूम जर्नलिज़्म में नहीं बदला और उनके भीतर यह भरोसा क़ायम है कि हमारा काम जब दिख रहा है और उसमें चमक है तो मुझे चमकदार होने की ज़रूरत नहीं है. इसका मतलब है कि मेरी पूरी पहचान मेरे दिखने से नहीं, लिखने से है. जो लोग मेरा लिखा द इंडियन एक्सप्रेस में पढ़ते हैं, उनके भीतर मेरी एक छवि बन चुकी होगी और वो छवि इतनी मजबूत होगी कि वो मेरी शर्ट, चश्मे, घड़ी और रौब से नहीं बदलेगी. अफ़सोस कि ये भरोसा अब पत्रकारिता के भीतर बची नहीं. शायद यही कारण है कि जहां हर दूसरे पत्रकार-मीडियाकर्मी और संपादक को साधारण नागरिक, मामूली लोगों के प्रतिनिधि के रूप में दिखना चाहिए, वो नहीं दिखते हैं तो संदीप द्विवेदी का साधारण दिखना, असाधारण लगता है.
Sai Sudharsan, after his second hit wicket, spoke about trying Grip Tec before the final. What's that, and how Kohli used it over the past decade for better control and grip
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Asian Games trials: I will come back, says Vinesh after semifinal loss to Meenakshi; Loss means Phogat's bid to return to the national team for Asian Games has ended; but she is not giving up @scribefiroz237 reports
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Now Meenakshi protests her final loss against Antim in 53kg. Her father, coach also join the row. WFI prez requested for interference but of no use. It's only intensifying even as Vinesh left the venue. @indraneel0@NewIndianXpress@Xpress_Sports