कोटा, आप कमाल थे।
यकीन मानिए, कल हमने मिलकर इतिहास की शुरुआत की।
हज़ारों छात्र मैदान में थे, लाखों लोगों ने ऑनलाइन देखा - और देश को पहली बार खुलकर पता चला कि शिक्षा के नाम पर कितनी बड़ी वसूली चल रही है।
लेकिन यह तो सिर्फ़ शुरुआत है। कोटा में जो लौ जली है, उसे अब पूरे देश में बदलाव की मशाल बनाना है। और इस सफ़र में आपकी जगह तय है।
अपने सुझाव भेजिए। Petition पर अभी Sign कीजिए।
#ChhatronKiGoonj
मैं चक्रव्यूह में फंसना जानता हूं तो चक्रव्यूह से निकलना भी जानता हूं:– किरोड़ी लाल, कृषि मंत्री
अंतिम जीत सत्य की होगी, अंतिम जीत डॉक्टर किरोड़ी लाल की होगी:– @DrKirodilalBJP
आज करौली में आयोजित कार्यक्रम में ACB की कारवाई पर खुलकर बोले KOG साहब ✍️👇
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं मेरे पिता स्व. राजेश पायलट जी की मूर्ति का अनावरण किया।
उन्होंने अपना पूरा जीवन देश सेवा और जनसेवा के लिए समर्पित कर दिया था।
इस अवसर पर मैं उन्हें अपनी ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।
📍सकरघटा, जिला करौली
इंसान कहूं या खान कहूं,
तुझे भारत का सम्मान कहूं.......
शिक्षा की जो आपने अलख जगाई,
जी करता है मैं आपको भगवान् कहूं..!!
:- खान सर के सम्मान में एक शिक्षक की लाइनें
I visited the southernmost tip of India.
I stood at Indira Point. I walked under trees that have stood for centuries. I dove into coral reefs among the most vibrant on earth.
And I sat with the people who live there. Tribal communities, whose land is being taken away by violating the Forest Rights Act. Settlers, many of them former soldiers, placed on these islands by the Indian government, who aren’t getting fair compensation.
The Modi government and BJP tells you Great Nicobar Project is about defence. It is not.
Expand INS Baaz - we will back the government fully. The Navy has been asking for expansion for five years - it has been ignored.
They tell you it is about a transhipment port. It is not. India is already building one in Kerala, which is on the mainland.
What it actually is: 1.5 crore trees felled. Coral reefs erased from official maps. Soldiers and tribals displaced - so one businessman can build hotels and casinos on India’s most irreplaceable ecological land.
Every young Indian I have spoken to understands this. You know that no amount of profit is worth destroying what can never be recovered.
I stand for ecologically balanced development. These islands can be the most extraordinary sustainable destination the world has ever seen. That is the India worth fighting for.
#GreenOverGreed
#NicobarMatters
#WorldEnvironmentDay
देश के इन हालातों के लिए इस देश की मीडिया पूरी तरह जिम्मेदार है जिसने सत्ता की एक तरफा तरफदारी की और विपक्ष और देश के मुद्दों पर सवाल करने वालों को दुश्मन की तरह पेश किया।
आज YouTube मीडिया जर्नलिस्ट तक TV मीडिया को गलत कहते और रोस्ट करते दिख जाएंगे...
आज back to back paper leak हो रहे हैं, परीक्षाएँ cancel हो रही हैं, सरकार back foot पर है, असहाय महसूस कर रही है, मगर TV मीडिया और उनके so called बड़े anchors इस दर्द को अपना दर्द मानकर सरकार को बचाने के लिए बौखलाहट में कुछ भी बयान दे रहे हैं।नैतिकता भी कोई चीज़ होती है....
जैसा अंजना ने इस व्यवस्था में सबसे बड़ा दोषी YouTube Teachers को बता दिया और 2 कौड़ी तक का कह दिया.....यदि किसी व्यक्ति विशेष से असहमति थी तो उसका नाम लेकर आलोचना करती।
इसके लिए India Today @aroonpurie को और अंजना को सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफ़ी जारी करनी चाहिए, India Today के हर platform का boycott होना चाहिए और किसी भी शिक्षक को कभी वहाँ नहीं जाना चाहिए।
हमें 2 कौड़ी का कह देना उन छात्र समुदाय के दिल पर भी आघात है जो हमें गुरु मानते हैं...
अगर आज आप अपने घर में पढ़ रहे बच्चों से... सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे बच्चों से पूछेंगे, तो हमारे योगदान को आपको बता पाएंगे...
पिछले 10 वर्षों से गणित पढ़ाने के साथ मैं बेरोज़गारी, भर्ती प्रक्रिया की खामियों, पेपर लीक और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई भी लड़ रहा हूँ।
“हाथ कंगन को आरसी क्या,
पढ़े-लिखे को फ़ारसी क्या!”
PIB के अधिकृत बयान के अनुसार, आज से ठीक बारह साल पहले 26 मई 2014 को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता संभाली थी, उस दिन भारतीय basket का कच्चा तेल $108.05 प्रति बैरल था और डॉलर-रुपया exchange rate 58.59 रुपए थी। उस समय पेट्रोल ₹71.51 और डीज़ल ₹56.71 प्रति लीटर मिल रहा था।
आज कच्चे तेल की कीमत $99 प्रति बैरल से कम है, लेकिन पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़कर क्रमशः ₹102.12 और ₹95.20 प्रति लीटर हो गए हैं।
यानी कच्चा तेल सस्ता हुआ, लेकिन पेट्रोल करीब 42.8 % और डीज़ल करीब 67.9 % महँगा हो गया।
हर अर्थशास्त्री जानता है कि पेट्रोल-डीज़ल की महँगाई का असर हर क्षेत्र पर पड़ता है। परिवहन से लेकर खाद्य वस्तुओं तक, आम आदमी पर महँगाई की मार बढ़ती है। इसके बावजूद सरकार की मुनाफ़ाख़ोरी जारी है।
सवाल सीधा है कि जब कच्चा तेल सस्ता हुआ, तो पेट्रोल-डीज़ल महँगा क्यों?
जनता को राहत क्यों नहीं?
महंगाई पर चुप,
बेरोज़गारी पर चुप,
पेपर लीक पर चुप,
मिलावट पर चुप,
लेकिन motivational lines रोज़…....
अगर नीयत सिर्फ सत्ता से सवाल न पूछने की हो…
तो पूरी कायनात हर तरह से आपकी मदद करेगी ही करेगी।
Visited the Udaan Yatri café at Mumbai Airport and had chai for just ₹10.
Was flying to Delhi and wanted chai before the flight. Spoke to several travellers while I was there. All of them happy, all of them saying the same thing: Easy on the pocket, good service, value for money.
Affordable airport food is possible. And this is proof☕ ✈️
Champions ⭐️⭐️⭐️ Phenomenal win for Team India in Ahmedabad. Absolutely no match for the explosive cricket played by us throughout the tournament. Brilliant character shown by the boys to keep fighting in tough situations and become world champions once again. Congratulations to all the players and all the members of the management for achieving this feat. Jai Hind 🇮🇳❤️
@Radhemahwa Vdo मैं पश्चिमी राजस्थान ज्यादातर वेकेंसी हैं,,,, पूर्वी राजस्थान मैं वेकेंसी न के बराबर हैं,,,, कोई पटवार मैं home district नहीं छोड़ना चाहेगा,,,, घर के पास नौकरी का अलग ही स्वाद हैं
@Radhemahwa पटवार मैं ज्यादातर को अच्छी जगह ज्वाइनिंग मिल रही है,,, वीडीओ मै ज्यादातर वेकेंसी पश्चिमी राजस्थान मैं है,,, कोई भी home district nhi छोड़ना चाहेगा,,, पटवार और वीडीओ सेम लेवल की वेकेंसी है,,,