विशेषतः उज्जैन में जिसकी जानकारी P.M.O. को नहीं दी जा रही है। अतः मध्य प्रदेश का वर्तमान सारथि आगामी चुनाव में सुदूर विगत वर्षों के अनिष्ट परिणाम तक जाने से पहले सावधानी रखना आवश्यक है।
अर्थपरक स्वार्थीतत्व सम्राट् को अंधेरे में रख कर कभी भी धराशायी कर सकते हैं। इस दिशा में मध्य प्रदेश सरकार व्यक्तिगत अर्थलोलुप होकर धार्मिक संस्थाओं की अवहेलना स्पष्टरूप से करने लगी है।
विगत १०-११ वर्ष से सनातन आस्था वालो में एक नई आशा की किरण पूर्णरूप से दिखने लगी है।
सम्राट की साम्राज्यलक्ष्मी धर्मनियंत्रितअर्थनीति ही अक्षुण्ण बनाती है। धर्म नियंत्रित अर्थनीति को मजबूत बनाने के लिए सम्राट् की दृष्टि ऊपर से नीचे तक समग्र होनी चाहिए।
अर्थपरस्य धर्मं नश्यति
अर्थपर व्यक्ति का अथवा संस्था, ट्रस्ट का धर्मनाश होता है। धर्म समाज राष्ट्र एवं प्रजा को धारण करने में सक्षम होता है। अर्थ यदि घोड़ा है तो धर्म को उसका सक्षम अश्वारोही होना चाहिए।
जिसने आजतक छाया की तरह आपके महान ध्येयों कि हार्दिक समर्थक होकर भी आजतक आपसे हाथ मिलाकर फ़ोटोख़िचवाने की कोशिश नहीं की है। वास्तविकता का संज्ञान आपको हो जाये इसके उत्तराकांशी।
श्री दक्षिणामूर्ति पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी पुण्यानंद गिरी
सत्ता के शिखर पुरुषों के संपर्क में रह कर अपने हित साधने की मंशा वाले आपको अधिकांश मिल जायेंगे। इससे यह निश्चय करना अत्यंत कठिन होता है कि वास्तव में आपके विशाल उद्दयेश्यों का वास्तविक हितैषी कोन है?
जिसने आजतक छाया की तरह आपके महान ध्येयों कि हार्दिक समर्थक होकर भी आजतक आपसे हाथ मिलाकर फ़ोटोख़िचवाने की कोशिश नहीं की है। वास्तविकता का संज्ञान आपको हो जाये इसके उत्तराकांशी।
श्री दक्षिणामूर्ति पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी पुण्यानंद गिरी
सत्ता के शिखर पुरुषों के संपर्क में रह कर अपने हित साधने की मंशा वाले आपको अधिकांश मिल जायेंगे। इससे यह निश्चय करना अत्यंत कठिन होता है कि वास्तव में आपके विशाल उद्दयेश्यों का वास्तविक हितैषी कोन है?