हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए
बकेसर से मुक्ति का कोई न कोई राह निकलनी चाहिए
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही
छद्म राष्ट्रवादियों के खिलाफ बारूद सुलगनी चाहिये
आपलोग पत्रकार बनाम पूर्णिमा नीरज सिंह के तौर पर देख रहे हैं मंगरूआ इसे भूमिहार भारती बनाम राजपूत नीरज सिंह के बीच का मामला देख रहा है... भारती सिर्फ मोहरा है जिसे अजित होने का भ्रम पालने का अभयदान दिया हुआ है।
कौन है पूर्णिमा नीरज सिंह..मंगरूआ तो नहीं जानता भाई लोग शायद जानते हों..जिसे अजित भारती जैसे उठाई���िरे के पोस्ट और टिप्पणी का जवाब देना पड़ रहा है। वैसे अजित भारती किस संस्थान में पत्रकारिता किया है...
कौन है पूर्णिमा नीरज सिंह..मंगरूआ तो नहीं जानता भाई लोग शायद जानते हों..जिसे अजित भारती जैसे उठाईगिरे के पोस्ट और टिप्पणी का जवाब देना पड़ रहा है। वैसे अजित भारती किस संस्थान में पत्रकारिता किया है...
मेरा नाम ले कर सच / झूठ का पड़ताल किए बिना कइयों ने अपनी दुकानदारी चमकाई है, जिसे हमने हमेशा नजरंदाज किया।
@ajeetbharti अगर भूल स्वीकारना है तो सुधार का अवसर भी दूँगी, वरना मैं भी स्पष्ट समझ लूँगी की जिन आपराधिक तत्वों से आज तक लड़ाई लड़ रही थी उनके साथ एक और नाम जुड़ गया। घबराइए नहीं, हमारी लड़ाई न्यायिक ही रहेगी।
प्रभुनाथ सिंह की रिहाई की लड़ाई लड़ने वाले साथियों उकसाया जा रहा है,उकसावे में नहीं आना है, चुनावी लड़ाई के साथ रिहाई के मामले को आगे बढ��ाना है। मुन्ना ठाकुर मोहरा है..खेल कोई और रहा है।
जय सांगा,मिलेगा मुंहमांगा
@mlkhattar@narendramodi मोदी तेरा तू मोदी का..बाकियों का कोई लेना देना नहीं तुझसे ताउ..पहले मुख्यमंत्री पद गया अब सांसद बनने से रहा क्योंकि चेले जम के माल बटोरे हैं और तू धृतराष्ट बना हुआ था और अब जनता के बीच आया..जनता सब बूझे है ताउ..कि तुझसे कुछ न होने का