दिल्ली में हो रहे नाम परिवर्तन यथा राजभवन से लोकभवन, प्रधानमंत्री कार्यालय से लोक तीर्थ एक साहसिक और सुंदर निर्णय है जो 75 वर्षों की गुलामी की याद से बाहर निकालने के साथ भारत की आत्मा “लोक कल्याण” को प्रदर्शित करती नजर आती है । इसमें कार्य करने वालों की भावना भी बदले और कलेक्टर के स्थान पर स्वयं को सेवक समझें तो अभूतपूर्व कार्य का असली मकसद पूर्ण होगा
SIR पर मची हाय तौबा विपक्षी दलों द्वारा किया जा रहा तांडव “नाच न जाने आँगन टेढ़ा” जैसा लगता है, २००३ के बाद SIR शायद चुनाव आयोग का देर से उठाया गया कदम है, इसको हर पाँच वर्ष पर होना चाहिए!
@SupriyaShrinate मोदी जी पागलों के मुँह नहीं लगते, देश में इतनी समस्याएं हैं, देश का विकास करना है, देश को समृद्ध बनाना है और आप कविता लिख रही हैं , चलिए आपका भी स्थान रांची के पागलखाने में है
"बिहार में विपक्ष का नेता कौन है, नियत क्या है, कुछ पता नहीं. RJD और कांग्रेस में पूरा परिवार राजनीति में है, लेकिन बीजेपी में प्रधानमंत्री कोई भी कार्यकर्ता बन सकता है": @pradip103#हल्ला_बोल#Bihar | @anjanaomkashyap
@BoltaHindustan भाजपा बिलबिला इसलिए रही है क्यूंकि देश और उसके सुदृढ़ लोकतंत्र को एक लोकतांत्रिक दल बचाने में लगा है और प्राइवेट लिमिटेड पार्टियां डुबाने में उनकी इच्छा है बस किसी तरह सत्ता हाथ में आ जाये नुक़सान बहुत हो चुका है इनका
@CommonBS786OM ऐसे प्रश्न पूछते ही क्यों हैं वोट चोरी करनी थी तो प्रधानमंत्री जी इतनी मेहनत क्यों करते और उत्तर प्रदेश में सीट कम क्यों होती दक्षिण भारत में भाजपा क्यों नहीं जीत पाती तमाम ऐसे प्रश्न हैं जो इन देश द्रोहियों को नहीं दिखेंगे