ये लो सबूत:-
जब भरत भूषण तिवारी ने सरेंडर कर दिया था तो उसे गोली क्यो मारी गई? ये कहाँ का न्याय है? और तो और उसने लाइव आकर सरेंडर किया तब भी गोली मार दिए? कोर्ट-कचहरी-मानवाधिकारों किसी का डर नहीं?
पुलिस ही अब वकील बन गई? कोर्ट बन गई? पुलिस ही अब जज भी बन गई? तुम्हें किसी की जान लेने का अधिकार किसने दिया?
लोग पूछ रहे हैं कि ये एनकाउंटर है या हत्या? बिहार के भोजपुर में हुआ यह एनकाउंटर पूरे बिहार समेत देश के लिए शर्म की बात है……
भरत तिवारी केस में तो नपेंगे पुलिस वाले.
इतनी बेवकूफी नहीं करनी थी। हथियार फेंकने वाला वीडियो मौजूद है. बचाव है हीं नहीं।
भरत तिवारी पर थोड़ा जवानी का गरमी था, जोश था, रास्ता गलत जरूर था.. मगर पिस्टल फेंकने के बाद, अब पुलिस कोर्ट में ये बोल भी नहीं सकती कि, भरत ने फायरिंग किया पुलिस पर।
माना कि भरत हथियार लहरा रहा था, गालियां दे रहा था, मगर कानूनत: गोली नहीं मार सकते.. पुलिस फंसी पड़ी है।
आगे देखते है...
गोली मत चलाइए….गोली मत चलाइए…..
भरत तिवारी के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों में दहशत।
लोकतंत्र के लिए कितनी सुंदर तस्वीर है। धत्त तेरी ऐसे निर्दयी निर्मम सिस्टम की।
इस देश में भ्रष्टाचार कितनी हद तक हो सकता है इससे अंदाजा लगा लो आप।
एसबीआई बैंक ने एक साल में 986 करोड़ रुपए पेन और पेंसिल पर खर्च खर्च किए हैं।
गजब है ।
"बिना हेलमेट अपने बाइक से अपनी भाभी को हॉस्पिटल ले जा रहे थे, क्योंकि उनको कुछ प्रोब्लम थी जो बहुत नाज़ुक थी।"
पर बीच रास्ते में ट्रैफिक पुलिस ने इनकी बाइक रुकवा दी और "ट्रिपल लोडिंग" व "बिना हेलमेट" का चालान काटने की बात कहने लगी।
व्यक्ति ने कहा, "आप ऑनलाइन चालान कर दीजिए, हमें कोई दिक्कत नहीं है।"
लेकिन आरोप है कि पुलिसकर्मी बोले, "गाड़ी अभी नहीं जाएगी।"
ड्राइविंग लाइसेंस समेत जोड़कर ₹10,000 से ज्यादा का चालान बन रहा था। तभी व्यक्ति बार बार कहता रहा,
"अभी इमरजेंसी है आप नम्बर लेकर ऑनलाइन चालान काट दीजिए, हमें पहले हॉस्टिल पहुंचना है।"
व्यक्ति का दावा है कि इसी दौरान पुलिसकर्मी ने कहा, "₹3,500 कैश दे दो ओर चले जाओ।"
यही सुनकर व्यक्ति गुस्सा में आ गाया, उसने कहा अभी इमरजेंसी में हूं तुम्हें पैसे कहा से दूं, हॉस्पिटल में पैसे देने है।
आप ऑनलाइन चालान कर दो हम बाद में भर देंगे।
लेकिन ट्रैफिक पुलिस गाड़ी छोड़ने की बात नहीं कर रहे थे, आखिरकार दिनों में बहस बढ़ गई।
"अगर आराेप सही हैं, तो सवाल यह है कि इमरजेंसी में पहले इंसानियत जरूरी है या वसूली...? "
नृपेंद्र मिश्रा ने कह दिया है कि राम मंदिर चंदा डकैती के विषय में मुख्य दायित्व SBI के लोगों का था। यानी, किसी छोटे कर्मचारी आदि को बलि का बकरा बनाया जाएगा।
किसने गिनने वालों को (या चुराने वालों को) सुरक्षा की क्लीयरेंस दी, आखिर नोटों की गड्डियाँ मंदिर के त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र के बाद भी ले जाने में इतनी ढील किसके कहने पर बरती गई?
आभूषणों का ऑडिट दैनिक/साप्ताहिक/मासिक कभी हुआ है? क्या उसकी गिनती, भार आदि का कोई वीडियो है? असली चुरा कर कोई नकली रख दे, क्या उसके लिए कोई व्यवस्था है?
मंदिर से जुड़े लोगों की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी, उनके परिजनों की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी भी जाँच के दायरे में होनी चाहिए। पर ऐसा कुछ नहीं होगा, क्योंकि उसमें उच्च पदस्थ लोग भी अपराधी दिखेंगे।
हिन्दुओं की आस्था के साथ ऐसा खिलवाड़ @narendramodi और @myogiadityanath के शासनकाल में होगा, यह मेरे स्वप्न में भी नहीं था। भाजपा और उनके ‘भारत मंडपम्’ समर्थकों का चुप्पी बहुत कुछ कहती है।
एक पुलिस दरोगा ने एक बाईक सवार व्यक्ति का 6 हजार का चालान काट दिया, वह व्यक्ति उस दरोगा को तके रहा, जैसे ही दरोगा आगे बढ़ा तो दरोगा भी बिना हेलमेट के था तो उस युवक ने पीछा करके दरोगा का वीडियो बनाकर पूछा आपने मेरा चालान 6 हजार का काटा है आपका हेलमेट कहां है?
We the People of INDIA must be told : is it not conflict of interest that Shri Nitin Gadkari ji's son is in the ethanol business ? Also, why is the Ethanol blending policy being signed & announced by Shri Nitin Gadkari sir? Why was this announcement of E100 not made by the Petroleum, Agricultural or Industry ministers ?
𝐁𝐄𝐓𝐀 𝐁𝐀𝐃𝐇𝐀𝐎 𝐘𝐎𝐉𝐍𝐀 @FactswithDinesh
सन 1988 से यह बुजुर्ग न्याय के लिए जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहा है, सोचिये पिछले 38 सालों में कितने DM आए और गए होंगे लेकिन इस गरीब बुजुर्ग का कोई न्याय नहीं दे पाया।
Met Mr Rakesh kuma at Majherhat Railway counter in Kolkata,we asked him for reservation form he first denied saying he is busy counting cash n started threatening us. He even told us to complain abt him as no1 can do anything to him.
@RailMinIndia@EasternRailway@RailwaySeva
हरियाणा पुलिस का ये कैसा रवैया है?
एक आम नागरिक को ट्रैफिक पुलिस ने रोका और लाइसेंस मांगा।
सरकार के नियमों के मुताबिक उसने अपने DigiLocker में डिजिटल लाइसेंस दिखाया।
लेकिन पुलिस नियमों को मानने से साफ मुकर गई!
इस बात पर जब बहस हुई तो पुलिसकर्मी ने न सिर्फ बदतमीजी की,
बल्कि उस बंदे का मोबाइल फोन तक पटक दिया और जबरन कैश पैसे मांगने लगा।
जब वह बंदा अपनी शिकायत लेकर पास ही खड़े एक चश्मे वाले बड़े पुलिस अधिकारी के पास गया।
मदद करने की बजाय, उस अधिकारी ने बिना बात सुने सीधे मुँह पर चमाट जड़ दिया!
ऐसे भ्रष्ट और हिंसक पुलिसकर्मियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इन्हें तुरंत सस्पेंड और हो सके तो टर्मिनेट किया जाए ताकि जनता का कानून पर भरोसा बना रहे।
Most Hated BJP Minister on Social Media
1. Nitin Gadkari
2. Dharmendra Pradhan
3. Nirmala Sitharaman
Hate for Nitin Gadkari & Dharmendra pradhan is Unreal.
Maximum cases of SC/ST act registered on Yadav & Muslim community!!
-UP police data (Jan-April 2026)
Hello @AnilYadavmedia1@Kanchanyadav000
Happy now?? 😂
पुलिस कमिश्नरी सिस्टम के तहत पुलिस कमिश्नर के पास ज्यूडिशियल पावर भी आ जाती है। अर्थात जिस एक्ट में पुलिस किसी को आरोपी साबित करती है, उसी एक्ट में उस आरोप पर दोनों पक्षों को सुनकर आदेश जारी करने की पावर पुलिस कमिश्नर के पास पहुंच जाती है।
मुझे कोई बताओ कि पुलिस कमिश्नर ही अपने ही आदेश पर कोई कार्यवाही शुरू करवा कर फिर उसका ऑर्डर अपने विभाग के विरुद्ध क्यों देगा ??
कमिश्नरी सिस्टम मिसयूज ऑफ पावर का सबसे बड़ा उदाहरण है । जहां वादी और जज दोनों ही पुलिस रहती है।
𝐋𝐈𝐕𝐄 𝐕𝐈𝐃𝐄𝐎
Instead of promoting the "Beta Badhao Yojna" if only Nitin Gadkari ji did his job as the Minister of Road Transport and Highways, made decent roads & ensured trucks drive in the correct lane on highways we would save over 𝐑𝐬 𝟑 𝐋𝐀𝐂 𝐂𝐑𝐎𝐑𝐄𝐒 & 𝐒𝐀𝐕𝐄 𝐋𝐈𝐕𝐄𝐒 !
#EthanolScam