@404masala जी, विधाचरण जी हमेशा के लिए कांग्रेस का पैकरी करते आए हैं। उन्हें कुछ नहीं मिलता है तो भड़काऊ ट्वीट करते रहते हैं। हो गया भई, बस भी करो। किसी भी चीज की अति होती है, अगर सरकार हीं गिरना है तो विद्यार्थियों के पास इतना चेतना तो आ हीं गई होगी, जिससे अगली बार ये सरकार नहीं आयेगी।
बोलना तक सही है, आन्दोलन करना किसी भी विषय को लेकर, जो छात्रों के अहित में है वो भी ठीक है। लेकिन किसी भी चीज का अति होना ठीक नहीं है। सरकार से नाराजगी है, होना भी चाहिए, उन्हें आप इलेक्टोरल प्रोसेस के थ्रू हराइए, लेकिन छात्रों के नाम पर राजनीतिक हुड़दंग करना ठीक नहीं है।
खुद को भारतीय मानों तो 19 तुम्हारे हैं।
खुद को शेड्यूल कास्ट मानते हो तो मेघवाल के लिए बोलो, ब्राह्मण मानते हो तो मिश्रा,पांडेय और चतुर्वेदी के लिए! यादव मानते हो तो शिवानी के लिए,मौर्य मानते हो तो अवंतिका के लिए , दक्षिण भारतीय मानते हो तो अनुकीर्तना के लिए बोलो , लेकिन बोलो।
अरस्तू सही बोलकर गए थें,जब किसी राज्य के राजा की शक्ति पर कोई अंकुश नहीं रहता तब वह राज्य नृशंसतंत्र में बदल जाती है।
आगे उन्होंने यह भी बोला था इने-गिने धनवान लोग इसका फायदा उठाकर अभिजाततन्त्र स्थापित कर देते हैं।
माने पहले हमें मोदी जी शोषण कर रहे थें, अब वांगचुक गैंग करेंगे।
ये 'पंकज झा' सच में बहुत निम्न कोटि का कविता लिखते हैं। आप एक्टर बहुत अच्छे हो इसका मतलब ये तो नहीं है कि आप लेखक भी बहुत उम्दा होवोगे।
मैं कल सोमवारी का व्रत की थीं, और तीन टाइम खाना नहीं खायी,पता नहीं इसके कारण कितने लोग भूखे नहीं सोये होंगे।
मैथिली में एक फकरा है, जो इस आन्दोलन में अभिजीत दीपके और विजय दहिया के योगदान को बहुत अच्छे से दर्शाती है।
"बहै बरद आ हकमै कुकुर"
अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक और इनोसेंट बच्चों से इस आंदोलन का खेत जोतबाया, और खुद नड्डा निवास और ट्रक पर बैठकर कुत्तों के तरह हकम रहे थें।
@Bearbabu19712 Kisi bhi tarah ka hinsa jo student par kiya gya hai vo galat hai, sarkar ki jawabdehi banti hai.
But mai nhi chahti aise aise andolan ke aar me jo hmare neighbour country me satta palat ho rhi hai, hamare yha v hove. Chunavi vidhi se sarkar ko bahar kariye.
Yes, you could have done better.
लेकिन तुम्हे तो लाइमलाइट में आना था न ? जो आन्दोलन शिक्षा में सुधार के लिए उठा था उसे तुम वामपंथियों ने जातिविशेष,धर्मविशेष की तरफ मोर दिया।
छात्र के लिए, छात्र के द्वारा किया गया आन्दोलन, हिन्दू देवी-देवता को अपमान करने पर खत्म हो गया।
I apologise to all our supporters, especially the girls who were brutally beaten by male police officers.
We could have done better. I could have done better to protect you from the inhumane actions of the Delhi Police.
To protect one Dharmendra Pradhan, who is responsible for the deaths of more than 20 students, the Govt was willing to spill the blood of many more young students.
If you were injured and see this, please DM me. I want to speak to you personally and apologise.
We will keep fighting for all of you.
रिमाइंडर उन्हें देने कि जरूरत पड़ती है जिनका अस्तित्व छीन हो गया हो।
और, रिमाइंडर देकर क्या दर्शान चाहती हो कि मगही भी मैथिली की एक बोली है ? अगर ऐसा है तो रिमाइंडर देने की जरूरत नहीं है, सभी भाषा वैज्ञानिकों को यह ज्ञात है।
जी हाँ, मधेसी, नेपाल में दोयम दर्जे के नागरिक हैं। मैं बहुत करीब से मधेसी आंदोलन देखी हूँ, एक-एक महीना तक कर्फ्यू लगा रहता था।
हत्या तो दूर की बात है, मधेसी स्त्रियों के साथ रेप जैसे भी दुष्कर्म हुआ है, इस आंदोलन में।
और मधेसी खुद को प्राउड नेपाली कहते हुए मिल जाएंगे।
अदौ काल से भारत में जब भी विद्वता, ज्ञान और महिला सशक्तिकरण की बात की जाएगी तो मिथिला का स्थान शीर्ष पर होगा।
गार्गी, उभया भारती, सुलोभा, मैत्रेयी, लखिमा देवी जैसे-जैसे अनेक स्त्रीयों ने भारतीय दर्शन, विज्ञान और विदेशनीति में अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है।
पूजा झा भी उन्हीं में हैं।