”नशा मुक्त युवा” भाग २
देश के अंदर नशे (Drug) का बहुत बड़ा सिंडिकेट जिसमे कॉर्पोरेट, माफिया और नियंत्रण तंत्र भी शामिल। बिना सिंडिकेट पर कार्यवाही किए नशामुक्ति अभियान की दूसरी पहल भी महज़ दिखावा ही साबित होगी। मेरे यू ट्यूब पर भी देखिए:
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ड्रग(नशे) की सप्लाई चेन के जड़ पर प्रहार किए बिना जेंजी/अल्फ़ा- यूथ को को नशे से मुक्त रहने की नसीहत देना महज़ घोषणामात्र ही होगा। देखिए मेरे यूट्यूब/इंस्टाग्राम चैनल पर 👇👇👇
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हर चाल, हर छल, हर भ्रम का अंत होकर रहेगा,
जन-जन की आवाज़ से नया सवेरा खिलकर रहेगा।
तानाशाही के दंभ में एक दिन हर अत्याचारी हारा है,
युवाशक्ति ने हर तानाशाह का झूठा ताज उतारा है।
अब बदलाव होकर रहे���ा, यह जनता का ऐलान है,
संविधान, न्याय और अधिकार ही भारत की पहचान है।
आज के परिवेश में मेरी ताजा कविता
“युवाशक्ति ने ललकारा है”
कीलों वाली लाठियों से कब तक हमें डराओगे,
सच की उठती हर आवाज़ को कब तक और दबाओगे।
डर की राजनीति अब ज़्यादा दिन चलने वाली नहीं,
युवा चेतना बिकने या झुकने वाली नहीं।
जेंजी हो, मिलेनियम हो या फिर अल्फ़ा की पुकार,
हर पीढ़ी पूछ रही है—कहाँ गया न्��ाय का अधिकार ?
चिकनी-चुपड़ी बातों से अब कोई बहलने वाला नहीं,
अहंकार के सिंहासन पर कोई सदा रहने वाला नहीं।
जुल्म चाहे जितने चेहरे बदल-बदल कर आए,
सत्य के आगे हर झूठ एक दिन रफूचक्कर हो जाए।
यह भी सच है कि इतिहास हमेशा सच के संग खड़ा होता है,
जब जनमन जाग उठता है हर झूठ का किला ढह जाता है।
व्यवस्था वही महान है जहाँ न्याय का उजियारा हो,
जनता के अधिकार सुरक्षित हों ऐसा तंत्र हमारा हो।
पुष्प सेन सत्यार्थी की कलम 🔏 से
लॉ एंड ऑर्डर के नाम पर
सत्तासीन कहते हैं “लॉ एंड ऑर्डर” हर हाल में बनाए रखो,
चाहें व्यवस्था सड़ जाए पर अन्याय का अंधेरा बनाये रखो।
भ्रष्टाचार संस्थागत होता जाए जनता आँसू पीती रहे,
बस सत्ता की कुर्सी सलामत हो हर आवाज़ दबती रहे।
टोंटी चोर तो आज तक टोंटी चोर साबित न हुए ,
पर जो राम को लाए थे उनके खड़ाऊँ चुराकर चप्पल चोर बन गए।
हँलाकि राम को भला कोई क्या ला सकता है,
वो उनका दंभ ही था जो रामजी ख़ुद उनसे दूर होते गए।
V
दुकानें बंद हो सकती हैं और होनी भी चाहिए पर पर प्रभू के द्वार कभी नहीं,
अपने भक्तों के माध्यम से प्रभु अपनी लीला भी दिखा गए।
हालांकि यह पहले से तय है कि प्रभु के दरबार में देर है अंधेर नहीं,
इसीलिए उनके दरबार से चीजों को चंपत करने वालों के होश ठिकाने आ गये।
उनकी शहादत पुकार रही—अन्याय से मत हारो,
सत्य, स्वाभिमान और देशहित पर जीवन भी वारो।
अमर क्रांतिकारी को शत-शत नमन यही हमारा अभिमान,
लाहिड़ी जी का बलिदान रहेगा भारत की सदा पहचान।
हँसते-हँसते फाँसी चढ़ आज़ादी का दीप जलाया,
त्याग और साहस का पथ पूरे भारत को दिखलाया।
आओ उनके सपनों का भारत हम सब मिलकर गढ़ें,
अन्य���य के आगे कभी न सिर अब अपना झुकने दें।
ढोंग नहीं, व्यवहार में सच्चाई का दीप जलाएँ,
हर मन में भाईचारे और सद्भाव के फूल खिलाएँ।
संत कबीर के चरणों में श्रद्धा सहित शत-शत नमन,
उनका संदेश बने हम सबके जीवन का आचरण।
समता का जो बीज उन्होंने इस धरती पर बोया,
उसकी छाँव में हर वंचित ने अपना सपना संजोया।
जब-जब होगी बात सामाजिक चेतना और सम्मान की,
सबसे पहले याद आएगी विरासत छत्रपति शाहू जी महाराज की।”
कोटि-कोटि नमन एवं वंदन। 🎂💐🙏
आज पी डी ए के एक मसी��ा की जयंती है, उनके सम्मान में प्रस्तुत है मेरी कुछ लाइनें:
“शाहू जी ने इंसान को इंसान का दर्जा दिलाया,
शिक्षा और सम्मान का हर घर में दीप जलाया।
जो झुके थे सदियों से, उन्हें सीना तानना सिखाया,
न्याय के पथ पर चलकर नया इतिहास बनाया।