@Shubham_fd चाहे जो हो, सवर्णों को आरएसएस से दूरी बरातनी होगी क्यूंकि आरएसएस सामान्य वर्ग के परिवार के मानस या चेतना का हरण कर लिया है. संघ चेतना का हरण करके इसका इस्तेमाल स्वयं सवर्णों के कहिअफ़ कर रहा है. सवर्णों आरएसएस से स्वयं को बचाओ
@SwayamTewari संघ ने समरसता का जो झंडा और एजेंडा मूर्ख ब्राह्मणों को पकड़वाया उसी का परिणाम भुगत रहे हैं. सवर्णों को सबसे पहले आरएसएस का बहिष्कार करना होगा तब ही कोई निदान होगा. नहीं तो ऐसी स्थिति और होगी. Boycott RSS
@SwayamTewari ब्राह्मण ठाकुर बनिया अपनी सारी जमा पूँजी आरएसएस के कदमो में गिरवी रख दिये. अपनी प्रॉपर्टी दी, धन दिया और प्रतिभाशाली बच्चे दिये. इसके बदले में आरएसएस ने सवर्णों को मोदी दिया जो अब हिसाब चुकता कर रहा है. सारी गलती सवर्णों की है जो आरएसएस जैसा भस्मासुर पैदा किया है.
@swatntra_anuj आरएसएस कभी भी नहीं चाहेगा कि सामान्य वर्ग , अपने हक के लिए आंदोलित हो और समूह का निर्माण करे. संघ को ये लगता है कि इससे हिंदुत्व कमजोर होगा और संघ अपने लक्ष्य को नहीं पा सकेगा.
@neha_laldas सवर्ण आरएसएस के गिरफ्त में है. वह डर डर कर संघ को अपना धन, जमीन और सिंगल चाइल्ड सौप रहा है. आरएसएस सवर्ण हिन्दुओं के खून का प्यासा है. सवर्णों आरएसएस छोड़ो. सवर्णों आरएसएस तुम्हारा दुश्मन है. ये मेरा अनुभव है मैं इसका विक्टिम हूँ.
@PMOIndia मोदी डरपोक है. चीन अरुणाचल में घुस रहा है और मोदी अडानी को माला माल करने में लगा है. एकदिन मोदी का गुरुर धाराशयी हो जायेगा और इसे कोई अच्छे कार्यों के लिए याद नहीं करेगा.
इन दोनों महानुभावों ने 2017 में बाबाजी को मुख्यमंत्री बनाकर शायद एक बड़ा सबक सीखा, और उसका परिणाम यह हुआ कि अब मुख्यमंत्री के लिए कमजोर चेहरा ही इनकी पहली पसंद बन गया है।
जब भी किसी विधानसभा का चुनाव आता है, ये दोनों महानुभाव कोई लुंज-पुंज सा चेहरा खोजते हैं, उसे मुख्यमंत्री की शपथ दिलाते हैं और फिर पूरी जनता को चौंका देते हैं।
समर्थक बेचारे मन मारकर उसी लुंज-पुंज चेहरे की खूबियाँ गिनाने में जुट जाते हैं।
धीरे-धीरे जनता को चौंकाने का यह खेल इन दोनों को इतना पसंद आने लगा कि अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में भी देश और पार्टी को चौंकाने से बाज नहीं आए। सालभर तक लोगों को कयास लगाने दिए और अंत में एक चरण-चाटू को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया।
हालाँकि इस बार नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने अपनी खुद की सीट हारकर इन दोनों को ही चौंका दिया।
लेकिन सबसे तेज निकली बाँकीपुर की देवतुल्य जनता, जिसने बाँकीपुर में BJP को हराकर पूरे देश को चौंका दिया।
इसीलिए जनता को ‘जनार्दन’ कहा जाता है...
और इन दोनों महानुभावों को ‘खिलाड़ी’! 😄
@atsshow7 भाजपाई 2014 के अंधे हैं और संघी 1925 के अंधे हैं. जिस तरह से संघ सवर्णों पर जोर जबरदस्ती कर रहा है. उसे बलपूर्वक संघ और भाजपा के खेमे में जोड़े रखने के लिए दुस्साहस कर रहा है इसका गुबार फूटेगा.. सवर्ण समाज अब सिर्फ बदला लेगा..
आरक्षण के विरोध में एक ID क्या बना, संसद से लेकर मंत्री तक Meta और X को हटाने की धमकी दे रहे है।
वहीं दूसरी ओर 'ब्राह्मण भारत छोड़ो' जैसे हजारों अकाउंट और ब्राह्मण विरोधी वीडियो आज भी खुलेआम चल रहा हैं। सरकार इन्हें कब हटाएगी? सवर्ण नेता कब बोलेंगे?