तमिलनाडु CM एक पब्लिक बस में टिकट खरीदकर आम नागरिक की तरह सफर करते नजर आए।
विजय जोसफ तमिलनाडु में VVIP कल्चर को खत्म करना चाहते हैं— इस तरफ ये इनका पहला कदम है।
आज सुबह पुलिस ने छापा मारा तो पता चला कि TET का पेपर लीक हो गया है. इसके बाद भिवंडी थाने में केस दर्ज किया गया है.
कल ये पेपर होना था, अगर पुलिस को सूचना न मिलती तो पेपर हो ही जाता.
आखिर हर पेपर लीक क्यों हो जाता है?
हे अफसरों!
जिस बुलेट ट्रेन की रफ़्तार से मुख्यमंत्री के आगे पीछे टहल-दौड़ रहे हो,
उसके 10 फ़ीसदी रफ़्तार से भी अगर आग बुझवाने, फायर सेफ्टी ऑडिट कराने,
या फिर नक़्शे के ख़िलाफ़ बनी इमारतों पर बुलडोजर चलवाने के लिए टहले-दौड़े होते,
तो आज लखनऊ में यह भयावह दुर्घटना न होती!!
ईश्वर तुम्हें घर पहुँच कर AC डाइनिंग टेबल पर निवाला तोड़ते समय,
एक-एक कौर में इन जलकर मरे बच्चों का चेहरा अवश्य दिखाए!!
सोचिए,
यूपी के सूचना विभाग को ट्वीट करके बताना पड़ रहा है कि SIT की रिपोर्ट अभी नहीं आई है जबकि तकरीबन सारे चैनल, अखबार सब चला चुके,
सब छाप चुके,
कि SIT की रिपोर्ट दी जा चुकी है।
ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि ये जो सूत्र हैं, ये सूचना के ही बताए जाते हैं।
ये वही सूत्र हैं जो रोज़ चलवा रहे हैं कि योगी हुए सख्त।
कि योगी किसी को छोडेंगे नहीं।
कि योगी किसी को बख्शेंगे नहीं।
ऐसा लगता है कि इन्होंने ही अति उत्साह में ये जानकारी लीक की , वरना एक साथ, हर जगह एक ही चीज़ दौड़ने का दूसरा कोई तर्क नहीं है।
सूत्र बता रहे हैं कि सरकार अभी इस रिपोर्ट पर बैठेगी।
सोच विचार करेगी कि क्या करना है?
किसका नाम आना है? किसका नहीं आना है?
याद रखिएगा कि ये वही सरकार है,
जिसने साल 2021 में सामने आए अयो��्या ज़मीन ��ोटालों की जांच के लिए बनाई गई आरएस मिश्रा कमेटी की रिपोर्ट के बारे में आज तक कुछ नहीं बताया है।
इस कमेटी के सारे जिम्मेदार रिटायर हो गए और साथ ही रिपोर्ट भी पैदा हुए बगैर ही रिटायर हो गई।
सो ये है इस सरकार के 'कथित' ज़ीरो टॉलरेंस की असली कहानी।
बाकी सूचना के इंद्रधनुषी तंत्र पर सवार होकर और जयजयकार की मालाओं में गूंथ गूंथकर चलाते रहिए कि-
योगी हुए सख्त।
योगी किसी को छोडेंगे नहीं।
योगी कि���ी को बख्शेंगे नहीं।
आदि...आदि...आदि...!!!
आप लखनऊ के भयावह अग्निकांड पर मीडिया के कवरेज का हाल तो देखिए।
न्यूज़ 18 से लेकर अमर उजाला तक, एक ही बहार बह रही है,
योगी का ताबड़तोड़ एक्शन, अफसर सस्पेंड।
कोई पूछे इन मीडिया बंधुओं से-
1- जब लखनऊ के लवाना में भीषण अग्निकांड हुआ था और जाने गईं थीं, तब भी योगी मीडिया की हेडलाइंस में सख्त हुए थे,
पर किया क्या? जमीन पर हुआ क्या? ���िर्फ भाषणों में ही दमकल का सारा पानी खर्च कर दिया क्या?
2- जब हाल ही में दिल्ली के मालवीय नगर के होटल में भीषण आग लगी थी,
तब भी योगी सख्त हुए थे और हाईराइज इमारतों व होटलों में फायर सेफ्टी जांच की हेडलाइन छपी थी,
हो गई फायर सेफ्टी जांच?
लखनऊ के अलीगंज की जिस बिल्डिंग में लगी भयावह आग से बच्चे जलकर मरे हैं, उसकी फायर सेफ्टी कर ली थी?
सिर्फ ग्राउंड फ्लोर की परमीशन वाले नक्शे पर चार मंजिला इमारत खड़े करने की ऑडिट कर ली थी?
उस इलाके में मई 2025 में जिन जिन इमारतों को नोटिस जारी की गई थी, उन पर चला दिया था बुलडोजर?
या फिर कोडीन कफ सिरप की आलीशान कोठियों की तरह यहां भी बुलडोजर सूर्य की ओर मुंह करके और दोनो आंख बंद करके प्राणायाम कर रहा था?
यूपी के इतिहास में प्रशासनिक दृष्टि से योगी आदित्यनाथ जैसा अनुभवहीन, अयोग्य और अक्षम मुख्यमंत्री दूसरा नहीं हुआ है,
पर उनका ये सौभाग्य है कि मीडिया उनके चरणों का आलता बना हुआ है!!
Super Exclusive-
राम मंदिर पर एक और बड़ा खुलासा।
"वे गोपाल राव को ले गए, हमें तभी पता चल गया था कि अब राम मंदिर में गड़बड़झाला होगा।"
अशोक सिंघल के बेहद करीबी रहे और कर्नाटक में विश्व हिंदू परिषद के स्टेट सेक्रेटरी रहे रमेश कुलकर्णी टॉप सीक्रेट पर Exclusive
"हम कर्नाटक से राम मंदिर जाने वाले हर व्यक्ति को यही कहते थे कि चढ़ावा गोपाल राव के हाथो��� में मत देना।
हमें मालूम था, यही होगा।
गोपाल राव का कर्नाटक का इतिहास भी दागदार था।
हमने कई बार शिकायत की थी। मगर हमें नहीं सुना गया।"
@RSSorg @DattaHosabale @VHPDigital
लखनऊ के भयावह अग्निकांड पर नवभारत टाइम्स की एक और ख़बर।
कार्रवाई के लिए क्या 15 मौतों का इंतज़ार कर रहा था LDA?
सोचिए, इस भयावह आपराधिक कृत्य के बावजूद लखनऊ विकास प्राधिकरण उर्फ LDA के वीसी प्रथमेश कुमार अपने तख्ते ताउस पर सवार हैं।
क्योंकि वे योगी आदित्यनाथ के आशीर्वाद के हकदार हैं?
चंद छोटी मछलियां सस्पेंड कर दी गई हैं और सारे के सारे बड़े अधिकारी अपने चममचाते कोट पर वाइल्ड स्टोन का सेंट छिड़ककर अधिकारों की खुशबू में नहाए बैठे हैं।
चाणक्य अर्थशास्त्र में लिख गए हैं,
निरंकुश नौकरशाही के लिए अक्षम और अनुभवहीन नेतृत्व सदैव किसी दैवीय आशीर्वाद सरीखा होता है।
@PMOIndia@RSSorg
Super Exclusive-
राम मंदिर पर विनय कटियार का अब तक का सबसे विस्फोटक इंटरव्यू।
“चंपत राय को क्लीन चिट का सवाल नहीं!
वो ‘कालिया’ अभी तो दत्ता जी के पास गया है।
अभी सरसंघचालक के पास भी जाएगा, मगर उससे पहले ही……!”
इंटरव्यू का टीज़र यहां।
पूरे इंटरव्यू का लिंक कमेंट बॉक्स में।
@RSSorg@DattaHosabale@PMOIndia
#जनतादर्शन
आज लखनऊ स्थित कैम्प कार्यालय पर संगठन के सम्मानित पदाधिकारियों से स्नेहिल भेंट कर संगठनात्मक विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सम्मानित नागरिकों की समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा उनके त्वरित, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु संबंधित अधि���ारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए।
#जनतादर्शन #लखनऊ #जनसेवा #सुशासन #लोककल्याण #समाधान #विकास
Exclusive-
योगी आदित्यनाथ के करीबी पूर्व चीफ सेक्रेटरी को कैसे मिली राहत?
उठे कई सनसनीख़ेज़ सवाल-
आखिर गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ाने पर पूर्व चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार सिंह को जारी 10 करोड़ की रिकवरी नोटिस कैसे आननफानन में हो गई रद्द?
जब ये नोट��स डिप्टी सीएम केशव मौर्या की सहमति से जारी की गई थी तो फिर इसे रद्द करते समय उनकी राय तक लेने की ज़रूरत क्यों नहीं समझी गई?
4 अक्टूबर की नोटिस में साफ लिखा है कि इसे डिप्टी सीएम की सहमति से जारी किया गया है।
फिर आखिर APC दीपक कुमार सिंह ने बिना उनकी सहमति लिए 21 अक्टूबर को इसे निरस्त कैसे कर दिया?
जब खुद APC दीपक कुमार सिंह की सहमति से इस नोटिस को 4 अक्टूबर को जारी किया गया,
फिर उन्हीं दीपक कुमार सिंह ने इसे निरस्त क्यूं किया? आखिर 16 दिनों में ये ह्दय परिवर्तन कैसे हुआ?
क्या रिकवरी नोटिस निरस्त करने वाली फाइल पर ACS बीएल मीणा के सिग्नेचर लिए गए, जिन्होंने इस नोटिस को जारी किया था?
नोटिस निरस्त करने वाली फाइल कहां है? उस पर साइन किसके हैं? क्या ऐसी कोई फाइल चली भी है?
आखिर मनोज कुमार सिंह का स्पष्टीकरण कहां है? अगर वो स्पष्टीकरण है,
तो फिर उसे इस विभाग के मंत्री और यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्या की जानकारी में क्यों नहीं लाया गया?
और यक्ष प्रश्न ये कि क्या ये फैसला योगी आदित्यन���थ की जानकारी या फिर उनकी सहमति से हुआ है?
पूरी ख़बर @TOPSecret24x7
पूरी ख़बर का YouTube link-
https://t.co/wTP7JvVCrt
बड़ी ख़बर-
टॉप सी��्रेट ने पूर्व चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार सिंह के खाते में दर्ज किए गए 10 करोड़ के जिस रिकवरी नोटिस का खुलासा किया था,
उसमें उन्हें भारी राहत दे दी गई है।
मनोज कुमार सिंह से जुड़े इस रिकवरी नोटिस को दीपक कुमार सिंह ने बतौर APC (Agriculture Production Commissioner) रद्द कर दिया है और उन्हें भारी राहत दे दी है।
हैरानी वाली बात ये है कि मनोज कुमार सिंह के ख़िलाफ़ 4 अक्टूबर की ये रिकवरी नोटिस APC की सहमति के बाद जारी की गई थी।
ये बात नोटिस में साफ़ लिखी हुई है। टॉप सीक्रेट ने इसी सच्चाई का ख़ुलासा किया था।
अब उन्हीं APC साहब ने 15 दिनों के भीतर ही इस फ़ैसले को पलट दिया!!
दिलचस्प बात ये भी है कि दीपक कुमार सिंह इस समय उन अधिकतर पदों पर विराजमान हैं जिन पर इससे पहले मनोज कुमार सिंह काबिज थे।
इनमें IDC, यूपीडा से लेकर यूपी डास्प और यहां तक कि APC का महत्वपूर्ण पद भी शामिल है।
बड़ी बात यह है कि वे ACS वित्त भी हैं।
इस लिहाज से वे ऐसे अनोखे अधिकारी बन चुके हैं जिनके पास वित्त, उद्योग, कृषि जैसे सारे महत्वपूर्ण महकमे मौजूद हैं,
और इस लिहाज से वे चीफ सेक्रेटरी शशि गोयल से भी अधिक पावरफुल हो चुके हैं।
इससे पहले IDC, यूपीडा और डास्प जैसे महकमे चीफ सेक्रेटरी शशि गोयल के पास थे।
मगर एक झटके में ये सब उनसे ले लिए गए।
चर्चाएं तब तेज हो गईं जब ये सारे महत्वपूर्ण महकमे एक ही अधिकारी को सौंप दिए ���ए जबकि यूपी में अधिकारियों की कोई कम�� नहीं है।
अब इन्हीं दीपक सिंह ने बतौर APC और प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर यूपी डास्प, पहल करते हुए इस नोटिस को निरस्त कर दिया है और मनोज कुमार सिंह को भारी राहत मिल गई है।
सवाल है कि आख़िर यूपी सरकार के मानस पटल में अचानक से वो कौन सा ब्रहम ज्ञान जाग्रत हो गया,
कि अपनी ही सरकार के 4 अक्टूबर के नोटिस को 21 अक्टूबर को धराशायी कर दिया गया?
क्या 4 अक्टूबर को ब्यूरोक्रेसी का चंद्रमा किसी राहु का ग्रास बनक�� चंद्रग्रहण का शिकार बन गया था,
और 21 अक्टूबर आते आते उसने शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा में नहाकर 'सब चंगा सी' का ब्रह्राज्ञान प्राप्त कर लिया?
@narendramodi @DoPTGoI @myogiadityanath @myogioffice @PMOIndia @HMOIndia
Super Exclusive—
राम के उत्सव में नया बवंडर!
बिजली वाले को खाने का टेंडर?
Super Exclusive
टेंडर से ग़ायब हुई अनुभव की शर्त!
अयोध्या तीर्थ विकास परिषद में शिकायत दर्ज!!
बड़ी ख़बर @TOPSecret24x7
YouTube link-
https://t.co/rPY6gmqxf6
टॉप सीक्रेट की एक और ख़बर पर हंगामा जारी।
योगी आदित्यनाथ के बेहद करीबी अधिकारी और पूर्व चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार सिंह को रिकवरी नोटिस की ख़बर अब हर तरफ सुर्खियों में।
मनोज कुमार सिंह से 10 करोड़ की रिकवरी की ख़बर अब चारों तरफ।
दुष्यंत कुमार को याद करते हुए-
"मेरे सीने में न सही, तेरे सीने में सही
हो कहीं भी आग लेकिन आग जल���ी चाहिए!!"
@TOPSecret24x7
हिंदी मीडिया में छपी ख़बर।
टॉप सीक्रेट की ख़बर हर तरफ।
अयोध्या में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में हुई अनियमित��ा व भ्रष्टाचार की ख़बर हर तरफ।
टॉप सीक्रेट ने किया था, प्राण प्रतिष्ठा पर योगी सरकार की अपनी ऑडिट रिपोर्ट का खुलासा।
ऑडिट रिपोर्ट में निकलकर आई थी सैकड़ों करोड़ के करप्शन की दंग कर देने वाली कहानी।
दुष्यंत कुमार लिख गए हैं-
"मेरे सीने में न सही, तेरे सीने में सही
हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए!!"
Super Exclusive—
योगी सरकार में भूचाल!
करोड़ों की रिकवरी का मायाजाल!!
Super Exclusive
योगी का अफसर, डिप्टी की चिट्ठी,
रिकवरी नोटिस का पासा!! महाखुलासा।
योगी आदित्यनाथ के बेहद करीबी अधिकारी रहे पूर्व चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार सिंह के दिए सैंक्शन के खिलाफ जारी हुई 10 करोड़ की रिकवरी नोटिस।
नोटिस मे लिखा कि नियमों और नीति के खिलाफ जाकर इस्तेमाल की गई करोड़ों की रकम।
खास बात यह भी कि रिकवरी नोटिस पर डिप्टी सीएम केशव मौर्या की मुहर।
सर���ार में गदर!!!
पूरी ख़बर- @TOPSecret24x7
YouTube link-
https://t.co/OAh1lUNfIf