ये शरीयत बुजदिलों और नामर्दों के लिए नहीं उतरी है , नफ़्स के बन्दों और दुनियां के गुलामों के लिए नहीं उतरी है ......
ये शरीयत तो उन बहादुर शेरों के लिए उतरी है जो हवा के रुख को मोड़ देने का अज्म रखते हो ,जो दरिया की रवानी से लड़ने और उसके बहाव को फेर देने की हिममत रखते हो ।
"مائیں تمنا کریں!!
کہ ان کے بچے ایسے ہوں کہ جن کے وجود سے اسلام کی عظمت جھلکتی ہو، جن کی للکار میں شیر گرجتا ہو ،
جن کی بدولت بہترین زمانہ سانس لیتا ہو ، جو کردار و گفتار کے غازی ہوں ،
جو ایمانی نور کے بلند مینار ہوں.
और जो लोग अल्लाह की राह में कत्ल कर दिए गए तुम हरगिज़ उन्हें मुर्दा गुमान मत करो बल्कि वो तो ज़िंदा हैं और उन्हें उनके रब की तरफ से रोज़ी दी जाती है,
और जो कुछ उन्हें अल्लाह की तरफ से दिया गया उसपर वो वो इंतिहाई खुश हैं.......الخ
(शेख इस्माइल हानिया)
#ismailhaniye
ज़ुज़वी इबादत नफ़्स की इबादत है अल्लाह की इबादत नहीं है।
लिबरलिज़्म का अक़ीदा है नफ़्स की मन मानी करना।
इस्लाम में मुकम्मल दाखिल हो जाओ अल्लाह की मुकम्मल इबादत कर के
“जो (मालदार) मुसलमान दिल खोल का ख़ैरात करते है और जो (बेचारे ग़रीब) सिर्फ़ इतना ही कमा सकते है जितनी मज़दूरी करते है (और थोड़ी सी कमाई में ख़र्च भी करते है) इन पर जो (मुनाफ़िक) ता’न करते है और हंसते है ख़ुदा इन पर हँसता है और इनके लिए दर्द देने वाला अज़ाब (तैयार) है”
(सुरह तौबा 79)
#HadithOfTheDay
याद रखें हसन और हुसैन (रदी अल्लाहु अन्हुमा) से मुहब्बत का ये मतलब नहीं की ढोल और ताशे बजाया जाय या मातम और नौहा किया जाय। ये सब उनका तरीका नहीं है बल्कि उनके नक्शे कदम पर चलना असल मुहब्बत है...पूरा पढ़ें👇🏻
https://t.co/8qR2hdX1SS
أَكَفَرۡتَ بِٱلَّذِي خَلَقَكَ مِن تُرَابٖ ثُمَّ مِن نُّطۡفَةٖ ثُمَّ سَوَّىٰكَ رَجُلٗ
"क्या तुम उसका इनकार करते हो जिसने तुम्हें धूल से पैदा किया, फिर एक नुत्फ़े से, फिर तुम्हें एक आदमी बना दिया?"
[कुरान 18: 37]
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया :-
“मेंने जन्नत में झांक कर देखा तो वहाँ रहने वाले अक्सर ग़रीब लोग थे और मेंने जहन्नुम में झांक कर देखा (शबे मेराज़ में) तो वहाँ औरतें बहुत थी”
(बुख़ारी 6546)
#HadithOfTheDay
ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ
क्या तुम लोगों ने ये समझ रखा है कि यूँ ही छोड़ दिए जाओगे, हालाँकि अभी अल्लाह ने ये तो देखा ही नहीं कि तुममें से कौन वो लोग हैं जिन्होंने [उसकी राह में] जानें लगाईं और अल्लाह और रसूल और ईमान वालों के सिवा
“जो शख़्स (सिर्फ़) दुनिया का सवाब चाहता हो, उसे (याद रखना चाहिए के) अल्लाह के पास दुनिया और आख़िरत दोनों का सवाब मौजूद है”
(क़ुरआन 4:134)
#HadithOfTheDay
ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ
और जिस बात का तुम्हें यक़ीन न हो (उसे सच समझकर) उसके पीछे मत पड़ो। यक़ीन रखो कि कान, आँख और दिल सब के बारे में (तुम से) सवाल होगा।
📓(Qur'an: 17.36)
#fakenews
🔴 आतंकवाद का असल ठिकाना US है
फलस्तीन को UN मे मिम्बर बनाने की करारदाद के मसौदे के खिलाफ एक बार फिर सलामती कौंसिल मे शैतान अमरीका ने वीटो कर दिया। UN सिर्फ पांच मुल्को की लौंडी बनकर रह गया है, मुस्लिम्स को इस लौंडी की गुलामी से आज़ाद होजाना चाहिए-
#GazaGenocide#NeverForgetZULM
जम्हूरी इलेक्शन में वोट डालने की नियत
नियत करता हूँ मैं संविधान बचाने की और जम्हूरियत में वोट डालने की
वास्ते सेक्युलर तघुति निज़ाम के
पीछे हमारे उम्मत के क़ायिदीन के
मुँह मेरा संसद की तरफ़
मेरा देश सर्वोपरि 🙌🙌🙌
नबी करीम (ﷺ) ने फ़रमाया:
जब क़ियामत के दिन ऐसे लोगों को सवाब दिया जाएगा जिनकी दुनिया में आज़माइश हुई थी तो आफ़ियत में रहने वाले लोग ख़ाहिश करेंगे काश दुनिया में उन की खालें क़ैंचियों से कतरी जातीं।
📓(सुन्न तिरमिज़ी:2402)
#Gaza#Palestine
ईद का दिन ईनाम का दिन होता है अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त इस दिन अपने रोज़ेदार बंदे और बंदियों को उनके नेक अमल के बदले ईनाम देता है। दुनिया में इसे खुशियां मनाने के तौर पर रखा है और आखिरत में क्या कुछ होगा वो अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ही बेहतर जानता है।...👇🏻
https://t.co/KXebIOc8U8