चालीस सालों से शब्दों के सफर पर निकले पत्रकार अजित वडनेरकर को राष्ट्रीय हिंदी सेवा सम्मान की बधाई। शब्दों की जन्मकुंडली के चार खंड राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित हो चुके हैं। पुरस्कार- सम्मानों से दूर अजित जी एक सच्चे साधक की तरह इस कार्य में लगे रहे हैं। पुन: बधाई!
@shabdavali
@vijaye9 बहुत आभार भाई।
इस काम का सही मूल्याङ्कन करने वाले आप जैसे अध्येताओं और शब्दरसिकों का इस प्रयास से जुड़े रहना और उसमें निस्वार्थ आस्था जताना मेरे लिए गौरव की बात है।
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