मोदी जी को बर्दाश्त नहीं हुआ।
होगा भी कैसे। वे नेहरू थोड़े हैं कि कैसी भी आलोचना-निंदा को स्वीकार कर लेंगे।
वे तो नान बायोलॉजिकल हैं। कोई उनका मज़ाक उड़ाए ये कैसे हो सकता है। लिहाज़ा छापेमारी का खेल शुरू हो गया।
शेखर भईया, ये निज़ाम कुछ दूसरै है। ज़रा संभल के रहिएगा। अगला नंबर आपका ही है।
📍 कोटाबाग, नैनीताल (उत्तराखंड)
अब क्या इस देश में कोई अपने ही बाग़ के सामने खड़ा होकर आम भी नहीं बेच सकता? क्या रोज़ी-रोटी कमाने के लिए भी किसी उग्र 'भीड़' से परमिशन लेनी होगी?
कोटाबाग में सड़क किनारे अपने ही बाग़ के गेट पर आम बेच रहे मुस्लिम युवकों को मन्नी बिष्ट और उसके साथियों द्वारा घेरने, उनसे पहचान पत्र मांगने और आपत्ति जताने का आरोप बेहद शर्मनाक है।
यह सिर्फ़ आम बेचने का विवाद नहीं, बल्कि ग़रीब मेहनतकशों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर डराने और उनके पेट पर लात मारने की साज़िश है। दस्तावेज़ जाँचने का काम देश के क़ानून और पुलिस का है, सड़क पर दादागीरी करने वाली किसी भीड़ का नहीं।
प्रशासन को इस नफ़रती गुंडागर्दी पर तुरंत सख़्त एक्शन लेना चाहिए। राज क़ानून का होना चाहिए, हुड़दंगियों की 'सड़क छाप अदालत' का नहीं!
उत्तर प्रदेश में पुलिसिया गुंडा राज की एक और खबर- बलिया में एक दलित को थाने में पीटकर कर मार दिया गया, जो लोग मेरठ की घटना पर पूछ रहे थे कि जब मीडिया के सामने अविनाश पांडे जैसे गुंडे थप्पड़ मारते है तो थाने में दलितों के साथ क्या करते होंगे तो उसका जवाब ये है कि जान से मार देते है
यूपी में अब बेटियां सुरक्षित रहना तो दूर, अपने हक के लिए 'ना' कहने की हिम्मत भी नहीं कर सकतीं।
फतेहपुर की इस बेबस बिटिया के आंसू गवाह हैं कि प्रदेश में कानून का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। सरेआम तीन सगी बहनों को पीटा जाता है, धमकाया जाता है, लेकिन मजाल है कि अपराधियों के मन में खाकी या सरकार का कोई डर हो!
जमीनी हकीकत यह है कि योगी राज में दबंगई आज चरम सीमा पर पहुंच चुकी है।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ ज़िले अंतर्गत छर्रा थाना इलाके से एक बेहद हैरान करने वाली और दर्दनाक खबर सामने आई है. यहां एक गांव में सब्जी खरीदने निकली नाबालिग किशोरी को किशनगोपाल और संजू वाल्मीकि ने बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया. आरोप है कि दोनों दरिंदों ने पीड़िता को उसके घर से 4 किलोमीटर दूर एक सुनसान मकान में ले जाकर जबरन शराब पिलाई और फिर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वीभत्स घटना को अंजाम दिया. दरिंदों की क्रूरता के चलते किशोरी लहूलुहान होकर बेहोश हो गई, जिसे गंभीर हालत में महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया है.