दिल्ली में इस वक़्त जो हो रहा है, उसका एक ही पैटर्न है - जो औरत सवाल पूछे, उसे चुप कराओ।
जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोग हिरासत में लिए गए। महिला प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की। महिला पत्रकारों के कैमरे छीने गए, उन्हें घसीटा गया। एक पत्रकार की शिकायत पर FIR तक दर्ज नहीं हुई।
कुछ हफ्तों पहले शाहीन और नफ़ीसा ने साकेत थाने के अंदर अपने साथ हुई हिंसा और बदसलूकी की आपबीती सुनाई है। सोचिए, थाने के अंदर - वो जगह जहां महिलाएं शिकायत लेकर जाती हैं।
जिन पर महिलाओं की रक्षा की ज़िम्मेदारी है, वही आज उनके लिए ख़तरा बन रहे हैं। और दिल्ली पुलिस किसके अधीन है - यह पूरा देश जानता है।
साकेत थाने का पूरा CCTV फुटेज सार्वजनिक किया जाए। दोषी पुलिसकर्मियों पर तुरंत कार्रवाई हो। शाहीन, नफ़ीसा और जिनके साथ भी दिल्ली पुलिस ने हिंसा और बदतमीज़ी की है उनको न्याय मिले।
अमित शाह जी - आप और आपकी पुलिस महिलाओं से डरती क्यों है?
''हमने अखिलेश यादव से अपनी बात कह दी है। हमने बिहार का उदाहरण भी दिया है। वोट बैंक नहीं हमें हक मिलना चाहिए''
लखनऊ : सपा से गठबंधन के सवाल पर बोले असदुद्दीन ओवैसी
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर छात्र 21 सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
यह बेहद चिंताजनक है कि अपनी लोकतांत्रिक मांगों के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों पर एफआईआर और निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।इस दौरान लगातार अनशन के कारण उनकी
छात्रसंघ की बहाली, मुख्य चुनाव अधिकारी की नियुक्ति और समयबद्ध चुनाव की घोषणा सुनिश्चित की जाए।
28 सितंबर को छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर डक प्वाइंट पर हुए प्रदर्शन के बाद जिस तरह छात्रों पर कार्रवाई हुई और विवाद बढ़ा, उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
President of India
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़ आरएसएस का अड्डा बन गया है वीसी, प्रॉक्टर सब सरकार के इशारे पर नाच रहे हैं पिछले 13 दिनों से एएमयू छात्र संघ को ले छात्र धरना दिए हैं लेकिन वीसी साहिबा को कोई फर्क नहीं पड़ता
याह संसद का भाषण AsaduddinOwaisi Sahab ka मुजफ्फरपुर नगर Dange के टाइम ka है जुम्मनो जिस जुम्मन को लगता है ओवेसी ने सपा का VOTE काटने के लिए आया या फिर भाषण दिया सेक्युलरिज्म को नुकसान पहुंचाएगा सेक्युलरिज्म को बचाने का ठेका बीजेपी Haraane का ठेका सिर्फ मुस्लिम समाज और मुस्लिम पार्टियों पर हैं|
समाजवादी पार्टी के समय जब मुजफ्फरपुर का दंगा हुआ था सपा की पूरी Full Bahumat Mein सरकार Thin Party' में 67 मुस्लिम विधायक थे आजम खान मंत्री थे दंगा क्यों नहीं रुकवाया किसने रोका था आपको 50000 हजार Ghar बे घर हो गए थे कितनो की इज्जत आबरू लूट की गई बरबाद हो गए|
मुलायम सिंह अखिलेश यादव सेफई बाप बेटे मुजरा देख रहे थे रंदियो का जैसे अखिलेश को अपनी बिरादरी का दर्द होता है वैसे ही असदुद्दीन औवेसी को भी अपनी कौम पर जुल्म होता है तो उनको भी दर्द होता hai.!
सम्मानजनक जगह बन गई, तो सवाल ये है की B टीम के लोग और अभी चौखट पर कौन कौन से कितने वैचारिक मेहमान दस्तक देंगे।
खैर… विचारधारा अपनी जगह है,
राजनीतिक गणित अपनी जगह।
बस जनता इतना पूछ रही है
समाजवाद अभी भी समाजवाद है।
समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा के लिए धनराज परिमल नाथवानी को अपना प्रत्याशी बनाया है।
नाम में नाथवानी, पहचान में कॉरपोरेट, और रिश्ते में राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी के सुपुत्र।
अब पिता जी का परिचय भी याद कर लीजिए 2026 में झारखंड से भाजपा-समर्थित उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा
विचारधारा की प्रतिबद्धता।
सवाल यह नहीं कि धनराज नाथवानी योग्य हैं या नहीं। सवाल यह है कि समाजवादी राजनीतिक विचारधारा और उम्मीदवार चुनने का पैमाना आखिर क्या है?
अगर आज राज्यसभा के लिए समाजवाद की चौखट इतनी विस्तृत हो गई है कि भाजपा-समर्थित राज्यसभा सांसद के बेटे के लिए भी उसमें