मैं ये एक मुद्दा 4-5 साल से उठा रहा लेकिन सरकार सुनती नहीं।
एक्स की जनता पुल टूटने
सड़क धंसने
बिल्डिंग गिरने
टंकी फटने की शिकायते तो करती है लेकिन जो मेन वजह है उसे इग्नोर कर देती है।
यूपी में एक क्वालिफिकेशन के साथ अन्याय हो रहा पत्रकार नेता सब सो रहे...
यूपी में बीटेक आउटसोर्सिंग जेई पर अर्ह है लेकिन परमानेंट जेई पद पर नहीं।
क्यों @UPGovt@myogiadityanath
जहां काम करना है वहां बीटेक चाहिए
जहां मलाई खानी है वहां अयोग्य डिप्लोमा होल्डर्स...
@Swiggy@SwiggyCares This is unacceptable.
Order #236161869738511 was cancelled due to item unavailability, but I was still charged 100% cancellation fee.
I did NOT cancel the order.
As per your policy, if item is unavailable, customer should get full refund and no penalty.
Also, no proper response on email.
Please resolve this immediately.@Swiggy
ये उत्तर प्रदेश है जनाब
यहा आप इसलिए बाहर कर दिए जाते हैं
क्योंकि उनको ज्यादा ज्ञान है जिनके ज्यादा नंबर आ सकते हैं।
और @myogiadityanath जी कहते हैं हमें योग्य लोग नहीं मिल रहें।
क्या एक टेक्निकल पद के लिये ज्यादा स्किल्ड कैंडिडेट्स को बाहर करना सही है???
अब आप समझ गए होंगे
पुल क्यों गिरता है
सड़क क्यों धंसता है
बिल्डिंग क्यों गिरते हैं
@UPGovt@ChiefSecyUP
ये जूनियर इंजीनियर भर्ती में शून्य अंक से ज्यादा पाने वाले आपके @UPGovt में जेई बनेंगे।
ये आपके पुल, सड़क, बिल्डिंग बनवाएंगे। पुल गिर, सड़क गिरे, बिल्डिंग गिरे तो जिम्मेदारी किसकी होगी, इंजीनियर्स की।
लेकिन यहां पर ट्विस्ट है ये डिप्लोमा धारक हैं जिन्हें डिग्री धारकों को बाहर करके जेई के लिए शार्टलिस्ट किया गया है।
आपको जानकर हैरानी होगी सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद बीटेक डिग्री धारकों को जेई भर्ती में फार्म भरवाए गए थे।
मा० सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में फाइनल डिसीजन के लिए भेज दिया था।
लेकिन आयोग ने हाईकोर्ट में झूठ बोला की सेलेक्शन प्रकिया पूरी हो गई है और हाइकोर्ट की रिट बिना बिना मेरिट के डिसमिस करवा दिया।
हालांकि कोर्ट ने कहा आपकी फाइल पहले से 600 पेज़ की हो गई है तो आप लोग प्रेस रिट फाइल करें।
लेकिन आयोग डिप्लोमा संघ से मिला हुआ है बीटेक अभ्यर्थियों को बाहर करके शार्टलिस्टिंग निकाल दिया। जबकि बीटेक छात्रों को बाहर करने का कोई आदेश नहीं हुआ है।
@myogiadityanath@ChiefSecyUP कृपया संज्ञान ले।
@WasimAkramTyagi अगर किसी को गंगा नदी और काशी की पवित्रता का पता होने के बावजूद ऐसा किया गया, तो यह अज्ञानता नहीं बल्कि नीयत (intention) पर सवाल खड़ा करता है।
इसलिए बेहतर है कि दूसरों की आस्था पर उंगली उठाने से पहले अपने कृत्यों पर भी नज़र डाली जाए। सम्मान दो, तभी सम्मान मिलेगा।
@WasimAkramTyagi जिसका उद्देश्य आत्मा की शांति होता है, न कि नदी को अपवित्र करना।
लेकिन असली मुद्दा यहाँ कुछ और है—
नाव पर बैठकर non-veg खाना, फिर उसका कचरा (बचे हुए टुकड़े, पैकेट आदि) सीधे नदी में फेंकना—ये सिर्फ गंदगी नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया अनादर है। Veg खाना और इस तरह non-veg खाकर उसे
@WasimAkramTyagi उसे पवित्र नदी में फेंकना—दोनों चीजें बिल्कुल अलग हैं।
हम हिंदू न सिर्फ अपनी आस्था का सम्मान करते हैं, बल्कि दूसरों के धर्म और पवित्र स्थानों का भी आदर करते हैं। हम कभी किसी मस्जिद या पवित्र स्थल पर जाकर इस तरह की हरकत नहीं करते।