ये अंजना ओम कश्यप हैं।
ये पिछले 18 सालों से पत्रकारिता कर रही हैं।
इनकी सैलरी 34 लाख रुपये है।
इनकी कुल संपत्ति 55 करोड़ रुपये है।
इन्होंने NEET मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग नहीं की।
इन्होंने NEET के लिए कभी मोदी को दोषी नहीं ठहराया।
अब ये 'दो कौड़ी की टिप्पणी' से हुए अपमान के लिए 2 करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग कर रही हैं।
आज इन्होंने खान सर, अभिनव शर्मा, बबीता और 5 अन्य लोगों के खिलाफ़ केस दर्ज कराया है।
मुझे हैरानी है कि जिस मीडिया की कोई इज़्ज़त नहीं है, वह भी मानहानि के मुकदमे कर रहा है।
पत्रकारिता - 0%
ड्रामा - 100%..
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा
एप्स्टीन फाइलों के करोड़ों पन्ने,
हज़ारों वीडियो और तस्वीरें
सार्वजनिक किए जाने के बाद
दुनिया के सामने
एक बेहद भयावह सच उभर कर आया है।
यह सिर्फ़ एक अपराधी की कहानी नहीं,
बल्कि उस पूरे तंत्र की सच्चाई है
जहाँ ताक़त, पैसा और रसूख
मासूम बच्चों की ज़िंदगियों पर भारी पड़ गए।
इतने बड़े पैमाने पर
बच्चों का शोषण—
और वह भी
प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से—
मानवता की हर सीमा को तोड़ देता है।
यह मामला
सिर्फ़ कानून का नहीं,
सभ्यता और नैतिकता की परीक्षा है।
अब ज़रूरत है—
सच पूरी तरह सामने आए,
कोई नाम छिपे नहीं,
और हर अपराधी को
कानून के मुताबिक़ सख़्त से सख़्त सज़ा मिले।
क्योंकि
ऐसे अपराधों में
माफी नहीं,
सिर्फ़ न्याय होना चाहिए।
#EpsteinFiles
उत्तर प्रदेश पुलिस के इंस्पेक्टर कह रहे हैं
"मारो सालों मां को चोd@, गर्मी तुम्हारी G@nd में डाल दो पता नहीं या कौन खड़ा है"
इंस्पेक्टर एक दलित व्यक्ति के घर जाकर उसकी मां बहन नहीं कर रहे हैं
उत्तराखंड का युवा अब जाति-धर्म की राजनीति से आगे बढ़ चुका है,
अब सवाल रोजगार और भविष्य का है, सत्ता को यह हिसाब देना ही पड़ेगा।
पहाड़ गूँज उठे है,
अबकी बार मुद्दों की लड़ाई होगी, धर्म का बहाना बेचने वालों की हार तय होगी।
#Uttarakhand#paperleak
उत्तराखंड का युवा अब जाति-धर्म की राजनीति से आगे बढ़ चुका है,
अब सवाल रोजगार और भविष्य का है, सत्ता को यह हिसाब देना ही पड़ेगा।
पहाड़ गूँज उठे है,
अबकी बार मुद्दों की लड़ाई होगी, धर्म का बहाना बेचने वालों की हार तय होगी।
#Uttarakhand#paperleak
केशव जी,
गुंडे, माफ़िया और दंगाई कौन हैं, यह यूपी की जनता भली-भांति जानती है।
•बुलडोज़र से कानून का गला घोंटने वाले,
•किसानों पर लाठियां बरसाने वाले,
•किसानों की ज़मीन पर कब्जा करने वाले,
•बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार के संरक्षक,
ये सब आपके आँगन के ‘भाई’ हैं।
सैफ़ई परिवार ने तो अस्पताल, स्टेडियम, नौकरियां और विश्वविद्यालय दिए…
आपके ‘परिवार’ ने क्या दिया?
नफ़रत, महंगाई और जंगलराज!
दुखद सूचना प्राप्त हुई
उत्तर प्रदेश सरकार @UPGovt से जानकारी चाहिए ।
@RajatsinghAU को किस कारण से कारागार में रखा गया है ।
आज शिक्षक भर्ती धरना देने वाले सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे है ।
छात्रों को अपनी एकता का परिचय देने का समय है ।
@sirakashdwivedi@Amitkumar_102