Har Har shabad apna gave
Kid ptnga bhi naam tihave
Apni apni bani boly
Rab nu khe aur app tihaave
Inshan shtan ne jab ye dekha
Nidar maran ty be jaan gwani
Kidptanga phir bhi naam tihei
Ye sab dekhi tur bichi aaee
Phir naam ki baani shabad milae
दरती जीवां हर कोई
सवादाँ जीवां लाइयाँ ने
तेरी माया तू ही जाने
बस कुदरत दियाँ बडीयाँईयाँ ने
अपनी अपनी चाहत पामन
इच्छा भगती लाइयाँ ने
तू दाता ओ सूरज दी किरण
मंदे चंगे दा फ़रक नी किता
रोशनी हर उते पाई है #Sk —
हम तेरी रहमत से न वाक़िफ़
जब भी परेशान हुआ हूँ
तेरी रहमत से ख़ूब हुआ बाकीफ़
कौन है उलझा नहीं ज़िन्दगी से
ज़िन्दगी है तो चलेगी मुश्किलों कि
लो ले कर
रास्ता ऐ कंकड़ बहुत हैं
अस्सा होंगे घिस घिस कर
राधे होंगे राधे
आयेंगे कृष्ण बन कर
लो करनी है तो रोशनी अंदर से कर #sk—
इम्तिहान और कितने हैं बाक़ी
ज़िन्दगी तेरा सफ़र है
हकीकत से परे है बाक़ी
आपने हाथों से जिसे सींचा हमनें
दस्तक भी दे तो झूठा ही सही
चेहरा उतारा उसनें
ज़िन्दगी इम्तिहान और न ले
सचाई पे उतरा हूँ और गेहरा न कर
#sk—
तेरी दुनिया है जहाँ है
हम भी रहेंगे नये रूप मैं
तुम्हें निखारने वाला तो सच तो होगा
जिस की रज़ा से दुनिया चलेगी
मैं दुनिया मैं एक जीव हूँ
हर ज़र्रा ऐ पत्थर भी हूँ
तेरी बनाई दुनिया कहाँ कहाँ होगी
जहाँ होगी तेरे सत्य पे होगी #Sk —
नानक तेरी चढ़दी कला
जो बन्डे बढ़दी जाबे
नेक रूपां बीच
रब तू दीसना
हुक्म गुराँ सरदारी ऐ
मानवता लेई ओले तू ओना
झले आफ़त दुनिया आई है
तेरे राम नाम दी कमाई
बाब सागर गुरु ने पार लँगाई ऐ #Sk—
तुम्हारे कर्म से हैं सब ख़ुद से
मंज़िल पाने को पिसेगें ख़ुद से
बैठे बैठे वो मिला सिलाह ख़ुद से
तू है तो सोचूँ ख़ुद से
रफ्ता रफ्ता ही सही
राह पकड़ी है तेरी
खुला चमन है तेरा
हर शह बिछा के रखी
बासते मेरे
लुफ्ते इशक हर शह
मज़ा लेकर
रफ्ता रफ्ता ही सही
पानी मंज़िल तेरी#Sk-
स्क्रीने यार बन गये हो तुम
जरा तो बाहर निकल के देख
आग़ाज़ कुछ न है मगर
फ़र्ज़ बहुत हैं तुम पर
चदर का कोना तो खेंच
यह काम है बहुत
हशर घर का दिख लाने के लिये
यह दुनिया न है काफ़ी
परे है असल ज़िंदगी के लिये
वक़्त खुदा है सक्रीन को न समझ
असल ज़िन्दगी बनाने के लिये#Sk—
हुकूमताँ कर कर कोई न रेहा
ताक़त आनी जानी ऐ
आपने साथी मारन चोरी
कमजोरी ताँ फिर ओनी ऐ
रब बंदे रीझ रीझ बसदा
यह बंदा बंदे नूँ समझे
बार बार फिर तरती ते नीं आओना
खुशियाँ ले बंड जाईं
ओ यादाँ करण लोगी सारे
कर्म कमाई कर जाईं
तेरे हासे रस्ता दसन
दिल बीच राज कर जाई#Sk—
अपने ही लगाये दर्द का आराम कहाँ
न भी होता तो भी होता
ऐ ज़िन्दगी तेरा यह सफ़र एहसास सा होता
यह दर्द है तो जहाँ है वरना यह एहसास न होता
ज़िन्दगी दर्दे जहाँ है
सब का अपना अपना
#sk—
कुछ नज़र नहीं आता
तारे दिखते नहीं जहाँ मैं
आसमाँ खो गया है मेरे बचपन का
सकूँन कहाँ है
अब रहने बाले हैं
जो आराम के घरों मैं
खुली हवा मैं सोने बाले
तारों सेगुण गुना करते थे
अबखो गये हैं आसमाँ
यह अजीव सी दुनियाहै
रखा है कदम नयानया
दीदारे खुदा था जब चमन से कोई हिसाब न था
बे वजह ही ओढ़ी हैं
दिखाबे उलझने
ज़िंदगी बेशुमार है सादी
उतर भी लिये जो पहाड़ चढ़के देखे
बो मुक़ाम न ढहरे
वक़्त के न रुके
दरया है उफान है जवानी
वक़्त था बो भी ठहरा न कभी
न ग़म आयेगा छोड़ो ख़ुद को
ज़िन्दगी सादा है मगर बेशुमार
ख़ुद को पाने के लिये#Sk
जुबाँ न हो तो भी कुछ कह जाती है
किसी को पत्थर की शकल मैं
भी तो कुछ कह जाती है
असर काफ़ी है समझ जाने पर
बातें कुछ ऐसी है खुदाई इशारों पर
ज़ुबाँ मिली तो मुक्कदर की बात है
बिन जुबाँ बाले टकरानें तो भी कुछ कह जातें#एसके