ज़िंदगी में अगर तुम अकेले हो तो प्यार करना सिख़लो,
और प्यार कर लिया हैं तो इज़हार करने भी सिख़लो.
अगर इज़हार करना नही सीखा तो,
ज़िंदगी भर प्यार के यादों में रोना सिख़लो….
अजीब *रिश्ता* हैं मेरा ऊपर वाले के साथ,
जब भी *मुसीबत* आती हैं,
न जाने किस *रूप* मे आता हैं,
हाथ पकड़ कर *पार* लगा देता है
मैं उसके सामने सिर *झुकाता* हूँ,
वो सबके सामने मेरा सिर *उठाता* हैं...✍
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*मानव कितने भी प्रयत्न कर ले*
*अंधेरे में छाया*
*बुढ़ापे में काया*
*और*
*अंत समय मे माया*
*किसी का साथ नहीं देती*
*कर्म करो तो फल मिलता है*,
*आज नहीं तो कल मिलता है।*
*जितना गहरा अधिक हो कुँआ,*