आदिवासी समुदाय के पास अपनी शासन व्यवस्था थी तो फिर आजादी के बाद उसे क्यों खत्म किया गया ? "भील प्रदेश" की स्थापना ही हमारी मांग और हमारा अधिकार है। #हमारी_मांग_भ���लप्रदेश
संयुक्त राष्ट्र (UN) के मुख्यालय, जिनेवा पहुँचने के दौरान स्विट्ज़रलैंड के ज़्यूरिख़ शहर के करीब स्थित विश्व प्रसिद्ध राइन फॉल्स का भ���रमण किया।
राइन फॉल्स, राइन नदी पर स्थित यूरोप के सबसे प्रसिद्ध और विशाल जलप्रपातों में से एक है। यह नदी आल्प्स पर्वतमाला से निकलकर कई देशों से होकर बहती है और यूरोप की सबसे महत्वपूर्ण नदियों में गिनी जाती है।
साथियों, यूरोप के एक दिन के अनुभव ने बहुत कुछ सिखाया, उसमें सबसे बड़ी सीख यहां का अनुशासन हैं।
#अमित_शाह_माफी_मांगे सदन के सदस्य के सामने इस तरह की तानाशाही से पेश आ रहे हैं गृहमंत्री तो आम जनता के बारे में क्या सोचते होंगे आदिवासी को ये लोग इतनी गंदी सोच से देखते हैं ये खुद बता ��हे हैं गृहमंत्री देश में तो ठीक है पर सदन में गुंडाराज चला रहे हैं आदिवासियों का खाक विकास हो
#अमित_शाह_माफी_मांगे सदन के सदस्य के सामने इस तरह की तानाशाही से पेश आ रहे हैं गृहमंत्री तो आम जनता के बारे में क्या सोचते होंगे आदिवासी को ये लोग इतनी गंदी सोच से देखते हैं ये खुद बता रहे हैं गृहमंत्री देश में तो ठीक है पर सदन में गुंडाराज चला रहे हैं आदिवासियों का खाक विकास हो
आज उपमुख्यमंत्री श्री प्रेमचन्द बैरवा जी के आवास पर भेंट के दौरान, साबला ब्लॉक में राजकीय महाविद्यालय के स्थायी भवन हेतु ₹4 करोड़ 50 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई है।
साथ ही, दोवड़ा एवं आसपुर ब्लॉक में नवीन राजकीय महाविद्यालय खोलने को लेकर भी मंत्री जी से चर्चा हुई है।
राजस्थान विधानसभा में विधायक दल के नेता, धरियाबाद से भारत आदिवासी पार्टी के विधायक और जन जन के लाड़ले भाई @MlaThawarchand जी का बहुत बहुत शुक्रिया और जोहार।
आप सही कह रहें है कि “आदिवासी राष्ट्र निर्माता” है। निसंदेह यह एक “वैचारिक यात्रा” है और हम सभी आदिवासी लोग इस यात्रा में साथी है।
आदिवासी अब ख़ुद अपना इतिहास लिख रहे है क्योंकि हमारा दुख और संघर्ष हमसे ब���हतर किसी से महसूस नहीं किया है। दूसरें लोग ने हमसे सिर्फ़ सहानुभूति रखी, क्योंकि इसमें उनका ही फ़ायदा था।
“राष्ट्र निर्माण में आदिवासी” आदिवासियों की आप बीती है।
जो साथी अभी तक किताब ऑर्डर नहीं कर पाये है वे Amazon से या फ्लिपकार्ट से ऑर्डर कर ले। लिंक कमेंट बॉक्स में।
भीलप्रदेश कोई राजनीतिक स्टंट नहीं,
यह हमारे पुरखों की भूमि,
हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान की रक्षा की मांग है।
यदि सरकार आदिवासियों के साथ है,
तो "भीलप्रदेश राज्य" की का प्रस्ताव भेजे।
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
यदि सरकार वास्तव में आदिवासी हितैषी है, तो आदिवासियों की जो मांग वर्षों से चली आ रही है, "भील प्रदेश" जो आदिवासी समुदाय के अस्तित्व और पहचान को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। इस मांग को पूरा किया जाना चाहिए।
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
प्राकृतिक आजादी पसंद आदिवासी आज भीलप्रदेश राज्य गठन की मांग को लेकर चार राज्यों में ज्ञापन दे रहे हैं, आदिवासियों की सामाजिक सांस्कृतिक आजादी मूल्यवान है!!
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
भीलप्रदेश की माँग आजादी के पहले से ही उठती आई है, क्योंकि यहाँ के लोगों की ��ंस्कृति, भाषा, बोली और रीति रिवाज दूसरे प्रदेशों से अलग है और आदिवासी संस्कृति और सभ्यता को बचाने और उसके सरंक्षण के लिए जरूरी है। #हमारी_मांग_भीलप्रदेश
#गुजरात के जंगलों से लेकर र��जस्थान के अरावली तक मध्यप्रदेश के पठार से लेकर महाराष्ट्र के घाटों तक हर तरफ एक ही स्वर एक ही चेतना गूंज रही है ‘हम एक हैं! हम भील हैं! हम आदिवासी हैं!अब हमें टुकड़ों में बाँट कर शासन नहीं किया जा सकता।
@rashtrapatibhvn
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
ये लड़ाई सियासत की नहीं हमारी विरासत बचाने की है,
ये लड़ाई हमारे अस्तित्व, हक अधिकारों की है!!
उस क्रांति का नाम है भीलप्रदेश
@roat_mla#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
जल - जंगल - जमीन- पर्यावरण - संस्कृति - धर्म की सुरक्षा के लिए ^आदिवासी समुदाय की सामुहिक आवाज^ ह��ना जरूरी हैं, इसलिए भीलप्रदेश राज्य होना बहुत जरूरी है���, इसके अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है!!
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
यदि सरकार वास्तव में आदिवासी हितैषी है, तो आदिवासियों की जो मांग वर्षों से चली आ रही है, "भील प्रदेश" जो आदिवासी समुदाय के अस्तित्व और पहचान को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। इस मांग को पूरा किया जाना चाहिए। #हमारी_मांग_भीलप्रदेश