mohabbatoñ meñ dikhāve kī dostī na milā
agar gale nahīñ miltā to haath bhī na milā
gharoñ pe naam the nāmoñ ke saath ohde the
bahut talāsh kiyā koī aadmī na milā
tamām rishtoñ ko maiñ ghar pe chhoḌ aayā thā
phir us ke https://t.co/XTrM4O2Lu7 mujhe koī ajnabī na milā
💖🤣❤️🎉
ख़ुली फ़िज़ाएँ दिखाता था मुझको और इक रोज़
किसी ने उसको सिखाया, कि उसके पर काटो
ये कोई शर्त नहीं है कि मेरे पास रहो
तुम्हारा वक़्त है, चाहे जहाँ जिधर काटो 🖤
https://t.co/9xvQZWzqww
https://t.co/J9q98NpIe1
خیر اوروں نے بھی چاہا تو ہے تجھ سا ہونا
یہ الگ بات کہ ممکن نہیں ایسا ہونا
دیکھتا اور نہ ٹھہرتا تو کوئی بات بھی تھی
جس نے دیکھا ہی نہیں اس سے خفا کیا ہونا
अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए
जिसमें इंसान को इंसान बनाया जाए
जिसकी ख़ुशबू से महक जाए पड़ोसी का भी घर
फूल इस क़िस्म का हर सिम्त खिलाया जाए
आग बहती है यहाँ गंगा में झेलम में भी
कोई बतलाए कहाँ जाके नहाया जाए
प्यार का ख़ून हुआ क्यों ये समझने के लिए
हर अँधेरे को उजाले में बुलाया जाए
मेरे दुख-दर्द का तुझ पर हो असर कुछ ऐसा
मैं रहूँ भूखा तो तुझसे भी न खाया जाए
जिस्म दो होके भी दिल एक हों अपने ऐसे
मेरा आँसु तेरी पलकों से उठाया जाए
गीत उन्मन है, ग़ज़ल चुप है, रूबाई है दुखी
ऐसे माहौल में ‘नीरज’ को बुलाया जाए !!
गोपालदास नीरज साहब ♥️