आखिर, सुप्रीम कोर्ट, UP की 69000
शिक्षक भर्ती के पिछड़े-दलित युवाओं के
भरोसे को बार-बार क्यों तोड़ रहा है?
ढाई साल में 3 बार बेंच बदली! सवर्णों
को सुन लिया, OBC-SC को कब सुना
जायेगा? आखिर, कब तक उनका
भविष्य बर्बाद होता रहेगा?
अगली डेट 18 नवंबर?
#69000_शिक्षकभर्ती_आरक्षण_घोटाला
Hello @kpmaurya1 जी देखिए अपने समकक्ष उपमुख्यमंत्री को।कैसे अपने समाज के लोगों के एकदिन के ही आंदोलन के बाद अपने समाज के लोगों के साथ खड़े हैं बृजेश पाठक!
अब समझ आया आपके समाज की बेटियों ने आपको चूड़ियां क्यों भेजी थीं???
आरक्षण विरोधियों पर इतना प्रेम क्यों लुटा रही भाजपा?
दिलचस्प है कि इन्हें सिर्फ़ ‘आरक्षण विरोधी’ भी नहीं कहा जा सकता - क्योंकि EWS आरक्षण से इन्हें कोई दिक्कत नहीं। विरोध है तो SC-ST-OBC के आरक्षण का! और इनके एक दिन के धरने पर ही यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक खुद सामने - प्रेस कॉन्फ्रेंस, बातचीत और केंद्रीय मंत्री से बात कराने का आश्वासन!
दूसरी तरफ़ दलित-पिछड़े नौजवान अपने आरक्षण और हक़ के लिए महीनों सड़कों पर बैठे रहे, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। 69,000 शिक्षक भर्ती का आरक्षण विवाद भूल गए क्या?
वाह! क्या ग़ज़ब की तत्परता है - दलित-पिछड़ों का आरक्षण बचाने वालों के लिए बेरुख़ी और उसका विरोध करने वालों के लिए पूरी सरकार हाज़िर!
अब भी भाजपा की राजनीति का चरित्र समझने के लिए कोई और सबूत चाहिए?
अखिलेश यादव जी,
क्या अब आपमें इतना साहस नहीं बचा है
कि आप "69000 शिक्षक भर्ती" के
"PDA-युवाओं" के लिये “साहिल वाले
राहुल गांधी” बनकर सड़क पर उतर सकें?
8, 9, 10 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
है! योगी सरकार "PDA का आरक्षण" ध्वस्त
करने पर आमादा है!
@RahulGandhi@yadavakhilesh
69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण विसंगतियों से प्रभावित 6800 अभ्यर्थियों का आंदोलन 29 अगस्त से
लखनऊ, 20 अगस्त 2026।
69000 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों के कथित गलत अनुपालन के कारण चयन प्रक्रिया से बाहर हुए दलित एवं पिछड़े वर्ग के 6800 अभ्यर्थियों के न्याय और नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन 29 अगस्त 2026 से प्रारंभ होगा।
अभ्यर्थियों का कहना है कि 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण व्यवस्था के क्रियान्वयन में गंभीर विसंगतियों के कारण बड़ी संख्या में पात्र एवं मेरिटोरियस अभ्यर्थी चयन और नियुक्ति से वंचित रह गए। इन अभ्यर्थियों के संघर्ष और विभिन्न स्तरों पर उठाई गई आपत्तियों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा विभाग ने 5 जनवरी 2022 को 6800 अभ्यर्थियों की सूची जारी की थी, जिन्हें नियुक्ति दिए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़नी थी। इसके बावजूद इन अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिल सकी है।
लगभग सात वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका संघर्ष किसी अन्य अभ्यर्थी के अधिकार को छीनने के लिए नहीं, बल्कि अपने संवैधानिक अधिकार, न्यायपूर्ण चयन और नियुक्ति के अधिकार के लिए है।
आंदोलन की प्रमुख मांगें
1. 5 जनवरी 2022 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी 6800 अभ्यर्थियों की सूची में शामिल पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।
सरकार द्वारा स्वयं जारी की गई सूची में शामिल अभ्यर्थियों के भविष्य को वर्षों तक लंबित न रखा जाए और उपलब्ध रिक्त पदों पर उनकी मेरिट के अनुसार नियुक्ति का रास्ता तत्काल प्रशस्त किया जाए।
2. माननीय मुख्यमंत्री जी से अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल की तत्काल मुलाकात कराई जाए।
अभ्यर्थियों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जी के समक्ष पूरे प्रकरण, 6800 सूची, लंबित नियुक्तियों तथा प्रभावित अभ्यर्थियों की समस्याओं को तथ्यात्मक रूप से रखना चाहता है। अतः मुख्यमंत्री जी से प्रतिनिधिमंडल की शीघ्र मुलाकात का समय निर्धारित किया जाए, ताकि सरकार के स्तर पर इस समस्या का स्थायी और न्यायपूर्ण समाधान निकाला जा सके।
अभ्यर्थियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन चलाएंगे और सरकार से अपेक्षा करते हैं कि वह संवेदनशीलता के साथ मामले का समाधान करते हुए वर्षों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे 6800 अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित करेगी।
अभ्यर्थियों का स्पष्ट संदेश है—
“6800 अभ्यर्थियों को न्याय दो, नियुक्ति दो; मुख्यमंत्री जी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर समाधान का रास्ता निकालें।”
दिनांक: 29 अगस्त 2026 से आंदोलन प्रारंभ
स्थान: SCERT लखनऊ
निवेदक- आशुतोष पटेल,गंगा शरण,नीरज मौर्य व समस्त आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी
9452821082
लखनऊ के इको गार्डेन में 69000 शिक्षक
भर्ती में योगी सरकार द्वारा किये गये
"आरक्षण घोटाले" के खिलाफ उबलता
जन-आक्रोश अब निर्णायक मोड़ पर है!
इस आंदोलन को उस वक्त और धार मिली,
जब आदरणीय स्वामी प्रसाद मौर्य जी आये
और खुलकर समर्थन दिये!
@SwamiPMaurya#69000_शिक्षकभर्ती_आरक्षण_घोटाला
''हम दलित-पिछड़े समाज से हैं, हमारी कोई सुनने वाला नहीं है''
- लखनऊ में शिक्षक भर्ती घोटाले से निराश युवा सड़क पर रेंगते हुए अपना हक मांग रहे हैं
दरअसल यूपी की BJP सरकार ने 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण का घोटाला किया, जिसने दलित-पिछड़े वर्ग के युवाओं के सपनों को रौंद दिया है।
ये युवा बीते 4 साल से संघर्ष कर रहे हैं, नौकरी के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। यही BJP सरकार का दलित-पिछड़ा विरोधी चेहरा है, जो नहीं चाहती कि दलित-पिछड़े वर्ग के युवाओं को नौकरी मिले, उचित हिस्सेदारी और भागीदारी मिले।
दलित-पिछड़ों का हक़ लूटोगे, तो सड़कें सवाल पूछेंगी।
योगी सरकार बार-बार “सब ठीक है” का प्रचार करती रही, लेकिन 69000 शिक्षक भर्ती का आरक्षण घोटाला उसकी सबसे बड़ी सच्चाई बन चुका है।
6800 दलित-पिछड़े अभ्यर्थियों का हक़ छीनकर सत्ता आखिर किसका भविष्य बना रही है? ये युवा भीख नहीं, संविधान से मिला अधिकार मांग रहे हैं।
लखनऊ की सड़कों पर गूंजती आवाज़ पूछ रही है - जब भर्ती पूरी हुई, तो 6800 नियुक्तियाँ अब तक गायब क्यों हैं?
सामाजिक न्याय पर चुप्पी अब नहीं चलेगी।
#69000_शिक्षक_भर्ती_आरक्षण_घोटाला
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में ये बेरोजगार युवा तपती धूप में रेंगते हुए शिक्षा मंत्री के आवास की ओर जा रहे हैं।
5 साल से 69000 शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे इन युवाओं का सिर्फ एक ही सवाल है — अब और कितना इंतजार करेंगे?
कोई सुनने को तैयार नहीं है😡
Amid the ongoing controversy surrounding the 69,000 teacher recruitment process, aspirants staged a unique ‘sashtang pranam’ protest, demanding justice and resolution of their long-pending grievances. Protesters urged the government to address their concerns over the recruitment and selection process at the earliest.
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