सुप्रीम कोर्ट से बड़ी देश मे कोई न्यायिक संस्था नहीं है , उनके जजमेंट सबके सामने है।(चाहे तो केस भी बता सकता हूँ )
फिर भी कोई किसी का पिछलग्गू बनकर अपना समय और पैसा बर्बाद करना चाहे तो उसे रोका नहीं जा सकता।
@LokeshSamota399@truth94776@sharma7879@mosamali143@pti_ravinder
ऊपर बताये कारणों से खाली हुई सीटों पर हमेशा नई भर्ती ही आती है।
अगर कोई बोलता है मै इस्तीफा, बर्खास्तगी या अन्य कारणों से खाली हुई सीटों पर आपको जॉइन करवा दुँगा तो वो अपने साथ साथ दूसरों का भी अमूल्य समय और पैसे खर्च करवा रहा है।
@saten_08@truth94776@sharma7879@MakkhanSinghG
🤔कार्यशैली बता रही है, जब संघ अपने घर का हो तो कोई जवाबदेही नहीं होती किसी की , मेरा मन करेगा तब किसी से बात करूंगा , तुम कौन होते हो सवाल पूछने वाले , पुस्तकालय अभ्यर्थियों अपनी औकात रहो, में हु तो संघ है, मेरे बिना संघ कुछ भी नहीं ?
#लाइब्रेरियन_रिजल्ट@pcchoudharyJSR1@kamal_kanawaria
@anilmeena10096
इन पर कुछ कहोगे। प्राकृतिक न्याय....! ?
कानूनी अनुभव, समझ..!!!?
बेरोजगार संगठन नही है ये रोजगार संगठन है और उसके नेता है?
BSTC Bed विवाद में भी इन्होंने अपना कानूनी अनुभव, बड़े वकीलों से चर्चा करके बताया था कि PRT में बीएड शामिल होगा। लेकिन बाद में जो हुआ सबको पता है।
लगता है @RajCMO का ट्विटर हैंडल चलाने वाले 'भांग' खाकर पोस्ट कर रहे हैं! 🤔
डेटा: 1 लाख भर्तियाँ।
हकीकत: 50 हज़ार का कैलेंडर फेल, 10 हज़ार पर मंत्री जी की पलटी।
नतीजा: लाइब्रेरियन ग्रेड-3 का युवा 5 महीने से बेहाल।
मुख्यमंत्री @BhajanlalPjp
@alokrajRSSB
संवेदनहीन भाजपा सरकार में न्यायसंगत निर्णय नहीं, पर्ची से मिले आदेश थोपे जाते हैं। SI भर्ती से 2.21 लाख युवाओं को आउट करना सीधे-सीधे युवाओं के सपनों का कत्ल है।
एक तरफ मुख्यमंत्री जी, नौकरियां देने का दंभ भरते हैं, और दूसरी ओर कोर्ट जाकर युवाओं के परीक्षा में बैठने का हक़ छीनते हैं। ये लाखों युवा बेरोजगारों के भविष्य के साथ कुठाराघात है। जब समाधान निकला जा सकता था, तो भाजपा सरकार को सुप्रीम कोर्ट जाने की इतनी जल्दी क्या थी?
जब एक दिन पहले ओवरएज हुए 713 अभ्यर्थियों को मौका दिया जा रहा है, तो फिर भाजपा ने विपक्ष में रहते 2021 की जिस SI भर्ती पर सवाल उठाए, उस भर्ती के उन युवाओं को मौका क्यों नहीं दिया, जो ओवरएज हो चुके हैं?
वर्षों से तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के साथ ये घोर अन्याय है।
वो अब पहले से ज़्यादा तेवर में नजर आ रही है, साफ है कि मुकाबला दिलचस्प होने वाला है।
इतिहास इस दौर को याद रखेगा—जब एक महिला ने अकेले दम पर डटकर मुकाबला किया और सब पर भारी साबित हुई।